कोरोना को जंग में हराने को निगम की जंग जारी, 182 इलाकों में किया सैनिटाइजेशन

-नगरायुक्त कैंप कार्यालय कॉल सेंटर की शुरूआत, व्हाट्सएप नंबर 8595954436 जारी

गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण इस बार गत वर्ष से भी अधिक तेजी से फैल रहा है। महामारी से निपटने के लिए नगर निगम ने एक बार फिर से अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। कोरोना के खिलाफ जंग में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का प्रचार-प्रसार करने के साथ सैनेटाइजेशन एवं फॉगिंग का कार्य कर रहा है। नगर आयुक्त महेंन्द्र सिंह तंवर के नेतृत्व में सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ गाजियाबाद नगर निगम शनिवार को 182 इलाकों में सैनिटाइजेशन का कार्य कराया गया। सैनिटाइजेशन के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने व्हाट्सएप नंबर 8595954436 जारी किया है। नगर निगम द्वारा फॉगिंग, सैनिटाइजेशन के लिए क्षेत्रीय नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखकर नगरायुक्त कैंप कार्यालय पर अलग से कॉल सेंटर की शुरुआत की गई है। सैनिटाइजेशन, फॉगिंग व सफाई व्यवस्था के लिए नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर कैंप कार्यालय पर कोविड-19 के चलते विशेष रूप से टीम बनवा कर कार्य कराया जा रहा है। जिसके क्रम में शिकायतकर्ता 0120-2713580, 0120-2800750, 8178016900 नंबरों पर कॉल कर सूचित कर समस्या का समाधान करा सकता ह। सैनिटाइजेशन के लिए नगर निगम द्वारा व्हाट्सएप नंबर 8595954436 भी जारी किया गया है। जिसके माध्यम से शनिवार को पांचों जोनों की लगभग 45 शिकायतों का समाधान किया गया। वार्डों की आंतरिक गलियों में हाथ की स्प्रे मशीन द्वारा सैनिटाइजेशन कराया गया। शालीमार गार्डन, अर्थला, भोपुरा, राजीव कॉलोनी, सूर्य नगर, चंद्रनगर, वैशाली, वसुंधरा, प्रताप विहार, सुंदरपुरी, गोविंदपुरम, राजनगर, कविनगर व अन्य कई क्षेत्रों में वार्डों की आंतरिक गलियों में कार्य कराया गया है। नगरायुक्त द्वारा बताया गया कि जिस प्रकार कोविड-19 संक्रमण बढऩे के केस सामने आ रहे हैं, उसके दृष्टिगत महापौर के निर्देश के क्रम में पांच बड़ी मशीनें, पांच मीडियम मशीनें तथा 100 हैंड मशीनें फॉगिंग के लिए शनिवार को क्षेत्र में रवाना की जा रही हैं। रविवार को महा सैनिटाइजेशन दिवस के रूप में व्यापक स्तर पर सैनिटाइजेशन क्षेत्र में कराया जाएगा। जिसके क्रम में 150 मैनुअल हैंड स्प्रे मशीन, 12 हाई पावर स्प्रे मशीन तथा 10 टैंकर टिपर इत्यादि पर स्थापित मशीन को रवाना किया जाएगा। इस प्रकार क्षेत्र में कोविड-19 संक्रमण के बचाव हेतु एडिशनल व्यवस्थाएं बनाकर कार्य कराया जा रहा है।