कोरोना की दुसरी लहर: कोरोना प्रभावित लोगों के घर भोजन पहुंचाने में जुटा वैश्य समाज

-कोरोना काल में मास्क जितना जरूरी है उतना ही जरूरी भोजन पहुंचाना: अनिल अग्रवाल

गाजियाबाद। कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए मजदूर वर्ग के सामने रोजी-रोटी का संकट शुरू हो गया है। कोरोना के बढ़ते प्रंभाव से लॉकडाउन की अवधि बढ़ाना सरकार की मजबूरी बन गई है। फिलहाल 17 मई तक लॉकडाउन घोषित है। ऐसे में गरीब वर्ग के सामने रोटी रोटी का संकट आ गया है। कोरोना काल में मास्क जितना जरूरी है उतना ही जरूरी जरुरतमंदों तक भोजन पहुंचाना भी है। कोरोना संक्रमण की दुसरी लहर में एक बार फिर वैश्य समाज से जुड़े लोग सेवा कार्य में जुट गयेे है। राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल अग्रवाल के नेतृत्व में वैश्य समाज से जुड़े लोग कोविड प्रभावितों को घर-घर जाकर नि:शुल्क पैड भोजन देने का काम निरंतर कर रहे हैं। समाज के लोग अब तक तीन हजार से अधिक लोगोंं को भोजन के पैकेट बांट चुके है। इस सेवा कार्य में पावन चिंतन धारा आश्रम के कार्यकर्ता भी अपना सहयोग दे रहें है। सांसद अनिल अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर जब से शुरू हुई है तभी से जिले में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ था। जो लोग संक्रमित थे और घर पर इलाज करवा रहे थे, वह खाने को लेकर काफी चिंतित थे। वैश्य समाज ने जूम मीटिंग कर कोरोना पीडि़तों की मदद करने के लिए उनके घर पर भोजन की व्यवस्था कराने के लिए निर्णय लिया। 4 मई से यह सेवा का कार्य निशुल्क शुरू किया गया जो कि लगतार जारी है। इस पुनीत कार्य में आध्यात्मिक गुरु डॉ. पवन सिन्हा भी अपना सहयोग दे रहें है। उनके आश्रम के कार्यकर्ता भोजन वितरण के कार्य में जुटे हुए हैं। गाजियाबाद महानगर के अधिकांश क्षेत्रों में भोजन के पैकेट भेजे जा रहे हैं। वैश्य समाज के प्रबुद्ध लोग इस कार्य में सहायता कर रहे हैं। सांसद प्रतिनिधि व समाजसेवी देवेंद्र हितकारी ने बताया कि अब तक तीन हजार से अधिक भोजन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। रोजाना 400 से अधिक भोजन के पैकेट भेजे जा रहे हैं। इनमें से कुछ पैकेट एमएमजी अस्पताल में भी जा रहे हैं। शहर के अलावा हिंडनपार क्षेत्र, राजनगर एसटेंशन व गोविंदपुरम क्षेत्र में भी यह सेवा जारी है। इस कार्य में अंजुल अग्रवाल, नीरज गर्ग, सुनील वार्ष्णेय, डॉ. सपना बंसल, देवेंद्र हितकारी, केपी गुप्ता, पावन चिंतन धारा आश्रम से कमल गुप्ता, गर्वित, स्वीटी, रोहित व अन्य लोग इस विशेष सेवा कार्य में जुड़े हुए हैं।