-कोरोना काल में अंतिम संस्कार में न आए परेशानी, हुई विशेष व्यवस्था
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा जहां महामारी कोरोना से पूरे शहर का बचाव किया जा रहा है। इसी क्रम में महापौर आशा शर्मा तथा नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में श्मशान घाट की व्यवस्थाओं को देखने के लिए अधिकारियों की टीम बनाई गई, जिसमें नोडल प्रभारी के रूप में अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार, सब नोडल प्रभारी के रूप में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजीव सिन्हा तथा जलकल विभाग से योगेंद्र यादव को रखा गया है। अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार तथा मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजीव सिन्हा ने बताया कि कोरोना के शुरूआती चरण में नगरायुक्त द्वारा श्मशान घाट की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई।
जिसके उपरांत गत दिवस से लगातार शमशान घाट की व्यवस्थाओं को सुचारू किया जा रहा है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजीव सिन्हा ने भी बताया कि शहर के 7 श्मशान घाटों पर नगर निगम द्वारा विशेष व्यवस्थाएं कराई गई हंै। हिंडन श्मशान घाट, नूरनगर श्मशान घाट पर कोविड-19 तथा नॉन कोविड-19 शवों का दाह संस्कार की व्यवस्था कराई गई है।
मोहन नगर, रजापुर, गुलधर, शहीद नगर, इंदिरापुरम श्मशान घाट केवल नॉर्मल डेथ के लिए व्यवस्थित की गई हैं, जिसमें नॉन कॉविड शवों का ही दाह संस्कार किया जाता है। हिंडन तथा नूर नगर के श्मशान घाटों पर कोविड-19 शवों का अंतिम संस्कार निशुल्क किया गया है। जिस हेतु जनता को जागरूक करने के लिए बड़े-बड़े बोर्ड भी नगर निगम द्वारा लगाए गए हैं। किसी भी समस्या हेतु नोडल प्रभारी का नंबर भी प्रकाशित किया गया है। श्मशान घाट की व्यवस्थाओं को इतना व्यवस्थित कर दिया गया है कि प्रतिदिन साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन, फागिंग की व्यवस्था, वहां पर आने वाले आगंतुकों के हेतु बैठने की व्यवस्था जिन श्मशान घाटों पर जल की व्यवस्था पहले से नहीं थी, वहां पर समर्सिबल तथा हैंडपंप की व्यवस्था भी कराई गई।
सभी श्मशान घाटों पर प्रकाश की व्यवस्था बेहतर की गई। साथ ही पैदल आने वाले मार्गों पर बेहतर सफाई व्यवस्था हेतु कर्मचारी लगाए गए। कोविड-19 के समय में मृतकों की संख्या बढऩे के कारण शहरवासियों को सुविधा दृष्टिगत रखकर सभी श्मशान घाटों पर पर्याप्त मात्रा में लकडिय़ां उपलब्ध कराई गई हैं ताकि किसी भी प्रकार शवों के अंतिम संस्कार में समस्या ना हो। इलेक्ट्रॉनिक शवाागृह पर भी समय अनुसार कर्मचारी की व्यवस्था की गई है, तथा टोकन की व्यवस्था भी कराई गई।
नगरायुक्त द्वारा समय-समय पर स्वयं श्मशान घाटों का निरीक्षण किया जाता है। जिसके क्रम में कड़े निर्देश नोडल प्रभारियों को दिए गए हैं ताकि शहरवासियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मृतकों की परिवार वालों से इस मुश्किल की घड़ी में श्मशान घाट पर खड़े गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारी सहानुभूति दशार्ते हुए धैर्य रखने की अपील करते हैं। श्मशान घाटों की व्यवस्थाओं पर और अधिक बेहतर करने के लिए कुछ शहर की संस्थाएं भी आगे आई और उन्होंने भी अपना योगदान शहरवासियों के हित में दिया है। क्षेत्रीय पार्षदों का भी इस मुश्किल की घड़ी में पूरा सहयोग श्मशान घाट पर भी मिल रहा है।
















