समय से पहले टारगेट पूरा, 243 भूखंडों का आवंटन
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए कोरोना काल में भी जोरों पर प्रयास जारी हैं। जिला प्रशासन और प्राधिकरण जरूरी प्रक्रिया को अंजाम दे रहे हैं। इस क्रम में सोमवार को भूखंड आवंटन का कार्य पूर्ण हो गया। प्रभावित परिवारों को बसाने के लिए ग्रेटर नोएडा के जेवर बांगर में 3 हजार से ज्यादा भूखंड आवंटित हुए हैं। दयानतपुर खेड़ा के प्रभावित परिवारों को सोमवार को 243 भूखंडों का आवंटन किया गया। भूखंड मिलने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली हैं। उन्हें काफी समय से भूखंड का इंतजार था। इस बीच कुछ ग्रामीणों ने पूर्व में आवंटित भूखंडों पर निर्माण कार्य आरंभ कर दिया है। बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए कुल 1334 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। भू-अधिग्रहण से नंगला गणेशी, नंगला शरीफ, नंगला फूलखां, नंगला छीतर, किशोरपुर, रोही व दयानतपुर खेड़ा की आबादी प्रभावित हुई है। इनके पुनर्वास हेतु जेवर बांगर में भूखंड आवंटित किए गए हैं। यमुना विकास प्राधिकरण ने भूखंडों को विकसित किया है। जेवर बांगर में प्रत्येक गांव के लिए एक ब्लॉक विकसित किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक का नाम गांव के नाम पर रखा गया है। मई के अंत तक सभी प्रभावित परिवारों को भूखंड आवंटन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। यह लक्ष्य सोमवार को पूरा कर लिया गया। अंतिम चरण में दयानतपुर खेड़ा के प्रभावित परिवारों को 243 भूखंडों का आवंटन किया गया। कोरोना संक्रमण को देखकर जेवर तहसील परिसर में आवंटन प्रक्रिया के दरम्यान काफी कम संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों की सुविधा के लिए इंटरनेट मीडिया पर लॉटरी प्रक्रिया का प्रसारण किया गया। आवंटन प्रक्रिया की निगरानी के लिए सेवानिवृत जज जेपी गुप्ता, सेवानिवृत आईएएस योगेंद्र नारायण व ओएसडी शैलेंद्र भाटिया जूम एप के माध्यम से जुड़े। तहसील परिसर में एडीएम (एलए) बलराम सिंह, एसडीएम रजनीकांत इत्यादि मौजूद रहे। ओएसडी शैलेंद्र भाटिया के मुताबिक ग्रामीणों को निर्धारित समय सीमा में पुनर्वास स्थल पर निर्माण कार्य कर मूल स्थान से कब्जा हटाना होगा। अधिग्रहित भूमि पर कब्जा लेने के लिए यमुना प्राधिकरण पहले ही एयरपोर्ट की विकासकर्ता कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. को चिट्ठी भेज चुका है।
















