2 हजार भूखंडों को विकसित करने का निर्णय
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र भूषण ने मंगलवार को प्राधिकरण के सभाकक्ष में परियोजना, नियोजन एवं 6 प्रतिशत आबादी विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दरम्यान 6 प्रतिशत आबादी के भूखंडों को विकसित किए जाने पर चर्चा की गई। जुलाई के आखिर तक 2 हजार भूखंडों को विकसित करने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नरेंद्र भूषण ने नियोजन व आबादी विभाग के अधिकारियों को इस मामले में गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भूमि पर किसान का मालिकाना हक है और किसी अधिकारी द्वारा ले-आउट बनाया जाता है तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अब तक 10 हजार 94 भूखंडों को विकसित किया जा चुका है। इन भूखंडों का लीज प्लान तैयार कर आबादी विभाग को तैयार कर दिया है। परियोजना विभाग की तरफ से हैबतपुर, छपरौला, जैतपुर, वैशपुर, सैनी, साकीपुर, मायचा, रिठौरी, पाली, जुनपत, हजरतपुर, मथुरापुर, अजायबपुर, रायपुर बांगर आदि गांव के 6 फीसद भूखंड शामिल किए गए हैं। पिछले एक माह में परियोजना विभाग ने कोरोना काल में विशेष अभियान चलाकर लगभग 600 भूखंड विकसित कर लीज प्लान तैयार कर उपलब्ध करा दिया है। सीईओ ने मातहतों को यह भी निर्देश दिए कि जिस भूमि पर प्राधिकरण का कब्जा है और मुआवजा वितरित किया जा चुका है और उस भूमि पर अवैध कब्जा है तो भूलेख विभाग, नियोजन विभाग व परियोजना विभाग की संयुक्त टीम स्थलीय निरीक्षण कर किसानों से संवाद कर उन भूखंडों को खाली कराए। उन्हें विकसित कर आवंटी को उपलब्ध कराएं। यदि किसी भूमि पर किसान के साथ विवाद लंबित है तो उसके साथ संवाद कर प्रकरण को निस्तारित किया जाए। बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीप चंद्र, महाप्रबंधक परियोजना ए.के. अरोड़ा, महाप्रबंधक नियोजन मीना भार्गव, उप-महाप्रबंधक सिस्टम सी.के. त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। बता दें कि कोरोना काल में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण निरंतर सक्रिय है। वह जनहित में आवश्यक कदम उठा रहा है।















