-नई तकनीक पर काम कर नगर निगम ने दूर की समस्या
गाजियाबाद। शहर के बड़े नालों में से एक बृज विहार नाले की सफाई के लिए ठोस योजना बनाई गई है। इसके अलावा शहर के 11 नालों पर बायोरेमेडीएशन फाइटोरीमेडिएशन ऑक्सीडेशन प्रक्रिया से जल व गैस का शुद्धिकरण होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तवर द्वारा मेयर आशा शर्मा के निर्देशन में क्षेत्रीय निवासियों के अनुरोध पर शहर के बड़े व छोटे नालों कि न केवल सफाई की जा रही है बल्कि नालों के पानी का भी शुद्धिकरण किया जा रहा है तथा नालों की गैस को शुद्ध किया जा रहा है।
इसी क्रम में शहर के बड़े नालों में से एक प्रमुख नाला ब्रिज बिहार का नाला, जिसकी गैस इतनी प्रभावशाली थी कि क्षेत्रीय निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। क्षेत्रीय निवासियों, पार्षद पूनम त्यागी तथा ब्रिज बिहार प्रदूषण संघर्ष की नाला समिति द्वारा नगरायुक्त को ब्रिज विहार नाले की समस्या से अवगत कराया गया तभी से नगर निगम द्वारा बृज विहार नाले की समस्या का समाधान का निर्णय कर लिया गया। क्षेत्रीय निवासियों की समस्या को दृष्टिगत रखकर पार्षदों, बृज विहार नाला समिति सदस्य, टेक्निकल टीम व अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर योजनाएं बनाई जाने लगी।
नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर द्वारा ब्रिज विहार के नाले की सफाई, मरम्मत, सौंदर्यकरण तथा वाटर ट्रीटमेंट हेतु योजना बनाकर कार्य प्रारंभ कराया गया। साथ ही कार्य को सफलतापूर्वक करने के लिए कमेटी का भी गठन किया गया है। नगरायुक्त द्वारा बताया गया कि नाले की सफाई का प्रारंभ यूपी गेट, सौर ऊर्जा मार्ग, ब्रिज विहार पुलिया, जीटी रोड, शिव चौक पॉइंट से होते हुए 80 फुटा रोड तक किया जा रहा है।
नाले के लिए बनाई गई समिति:
बृज विहार नाले की कार्यवाही को पूर्ण करने के लिए कमेटी का गठन किया गया, जिसमें योगेश श्रीवास्तव महाप्रबंधक जल, उत्सव कुमार शर्मा रीजनल ऑफिसर यूपीपीसीबी, श्री कुमार महेश्वरी क्षेत्रीय पार्षद, डॉ. अनुज प्रभारी उद्यान, आस कुमार सहायक अभियंता जल, डॉक्टर उम्र गाजियाबाद पर्यावरण इकाई, दिनेश अग्रवाल जोनल सेनेटरी ऑफिसर, भोलानाथ संपत्ति अधीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई।
नाले की सफाई:
शहर की बड़े नालों में प्रमुख ब्रिज विहार का नाला जिसकी समस्या वर्षों से बनी हुई है इसका समाधान प्रारंभ हो गया है। नालों में जाली लगा कर कचरे को रोकने के लिए प्रक्रिया बनाई गई तथा बड़ी.बड़ी जाली लगाकर नालों की सफाई युद्ध स्तर पर की जा रही है। लोहे की जाली तथा नेट की जाली का प्रयोग कर कचरे को रोका जाता है तथा समय अनुसार तकनीकी पद्धति से नाले की सफाई की जाती है। जिससे लगातार नाले की सफाई से नाला साफ रहता है। जोनल सेनेटरी ऑफिसर दिनेश अग्रवाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नाले का निर्माण कार्य:
मुख्य अभियंता निर्माण मोइनुद्दीन को नाले की बाउंड्री वॉल तथा नाले को पक्का करने का कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिस पर कार्य प्रारंभ किया जाना है।
नाले का सौंदर्यीकरण: डॉ अनुज कुमार सिंह प्रभारी उद्यान को योजना बनाते हुए नाले के आसपास सौंदर्यीकरण का कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है, जिसके लिए अन्य कार्यवाही के उपरांत सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।
















