साल के अंत तक शिलान्यास होने की उम्मीद
8 जून को सीएम को डीपीआर सौपेंगा यमुना प्राधिकरण
लखनऊ/नोएडा। दिल्ली के नजदीक नोएडा में अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के लिए कवायद तेज होती नजर आ रही है। योगी सरकार का यह ड्रीम प्रोजेक्ट जल्द धरातल पर उतरना शुरू हो जाएगा। यानि प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य आरंभ करा दिया जाएगा। इस साल के अंत तक फिल्म सिटी पर काम प्रारंभ होने के संकेत मिल रहे हैं। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा अपनी तरफ से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यीडा द्वारा फिल्म सिटी से संबंधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) 8 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जाएगी। तदुपरांत इस विश्वस्तरीय परियोजना के स्वरूप पर निर्णय लिया जा सकेगा। सीएम को डीपीआर सौंपे जाने के बाद इसके वित्तीय प्रबंधन का मॉडल भी निर्धारित होगा। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने पर ग्लोबल टेंडर के जरिए विकासकर्ता के चयन का काम होगा। माना जा रहा है कि दिसंबर तक प्रोजेक्ट का शिलान्यास कराकर प्रथम चरण का काम आरंभ कराया जा सकता है। यमुना प्राधिकरण के पास फिलहाल ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-21 में एक हजार एकड़ भूमि है। यह भूमि विवाद रहित है। उप्र सरकार व निजी विकासकर्ता मिलकर यानि पीपीपी मॉडल पर फिल्म सिटी का निर्माण कराएंगे। यमुना प्राधिकरण अपनी भूमि विकासकर्ता को किन शर्तों पर नि:शुल्क देगा, यह भी तय होगा। इस साल अमेरिका की कोल्डवेल बैंकर्स रिचर्ड एलिस (सीबीआरई) ने फिल्म सिटी की प्रारंभिक डीपीआर तैयार की थी। अब यही कंपनी फाइनल डीपीआर तैयार कर प्राधिकरण को सौंपेगी। फाइनल डीपीआर में इस बात का उल्लेख होगा कि किस वित्तीय मॉडल पर इसे बनाया जाए। इसके लिए फंड की व्यवस्था का फार्मूला क्या होगा? फिल्म सिटी के प्रथम चरण, दूसरे व तीसरे चरण के निर्माण पर आने वाले खर्च का फाइनल ब्यौरा व निर्माण समय सीमा का विस्तृत ब्यौरा होगा। साथ इसके संचालन, रख-रखाव व फिल्म सिटी से आमदनी व रोजगार का हिसाब भी लगाया गया है। फिल्म सिटी को पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जाना है। जैसे हैदराबाद में रामोजी फिल्म सिटी पर्यटकों के लिए पसंदीदा स्थल है। उधर, यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) सरकार को जल्द सौंपी जाएगी। इसका अध्ययन कर शासन तय करेगा कि परियोजना को किस रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
















