साढ़े तीन सौ करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर शुरू होगा काम
गाजियाबाद। जनपद में अनलॉक की प्रक्रिया को मंजूरी मिलने से जीडीए को भी राहत मिली है। लॉकडाउन के कारण जीडीए की विभिन्न योजनाओं पर काम रूका पड़ा था। लगभग 350 करोड़ रुपए की योजनाएं अब रफ्तार पकड़ सकेंगी। लॉकडाउन लगने के अलावा कांट्रेक्टरों से लेकर लेबर तक नहीं मिलने से यह योजनाएं प्रभावित हुई थीं। जीडीए ने मार्च के बाद नई योजनाओं को विकसित करने की प्लानिंग की थी। जबकि कुछ योजनाओंं पर निर्माण कार्य चल रहा था। कोरोना संक्रमण के केस बढऩे की वजह से अपै्रल और मई में सभी योजनाओं पर निर्माण कार्य बंद हो गया। जीडीए के चीफ इंजीनियर विवेकानंद सिंह ने बताया कि जीडीए की मधुबन-बापूधाम योजना को दिल्ली-मेरठ हाइवे से कनेक्ट करने के लिए रेलवे ट्रैक के ऊपर रेलवे ओवर ब्रिज(आरओबी) का निर्माण यूपी सेतु निर्माण निगम द्वारा किया जा रहा है। इसका करीब 74 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण होना है,अनलॉक होने से अब निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। वहीं,हिंडन नदी पर जर्जर पुल को तोडऩे के बाद नए पुल का 20 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण होना है,इस पर भी अब निर्माण शुरू कराया जाएगा। ऐसे ही मधुबन बापूधाम आवासीय योजना में प्रधानमंत्री आवास योजना के 856 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण कार्य अब जल्द पूरा कराया जाएगा। इसके अलावा मधुबन-बापूधाम योजना में ही सड़कों के निर्माण,नाले-नाली निर्माण के अलावा निर्माणधीन बुनकर मार्ट के अलावा प्रताप विहार,डासना और निवाड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 2 हजार ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण होना हैं। इन सभी योजनाओं पर अब निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। अनलॉक होने के बाद अब इन सभी योजनाओं पर तेजी से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। ताकि देर हो चुकी इन योजनाओं का अब निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जा सके। जीडीए के चीफ इंजीनियर विवेकानंद सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से जीडीए के करीब 350 करोड़ रुपए के विकास कार्य बंद हो गए थे।लेकिन अब अनलॉक होने के बाद इन सभी कार्यों को शुरू कराया जाएगा। इन योजनाओं में एफओबी,पुल निर्माण के अलावा प्रधानमंत्री आवास,मधुबन-बापूधाम में सड़कों,पार्क एवं मार्केट आदि निर्माण कार्य योजनाएं शामिल हैं। अनलॉक होने के बाद अब सेतु निर्माण निगम और कांट्रेक्टरों से संपर्क कर अब योजनाओं को पूरी कराने के लिए कार्य शुरू कराए जाएंगे। उम्मीद है कि अब श्रमिकों कीभी कोई दिक्कत नहीं रहेगी। ऐसे में लगभग 350 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को जीडीए द्वारा पूरा कराने के लिए अब इन पर कार्य शुरू कराया जा सकेगा।
















