घर बैठे पास कराए जा सकेंगे आवासीय मानचित्र: आशीष शिवपुरी

गाजियाबाद। ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रुवल सिस्टम की कमियों के कारण उप्र शासन द्वारा लागू प्लान के तहत अब आवासीय एवं कॉमर्शियल इमारत का मानचित्र निरस्त नहीं होगा। मानचित्र से जुड़े ऑनलाइन सिस्टम की तकनीकी खामियां दूर हो गई हैं। ऐसे में 300 वर्ग मीटर तक के एकल यूनिट आवासीय भवन बनाने वाले बिल्डरों ने राहत की सांस ली है। जीडीए सीमा क्षेत्र में 300 वर्ग मीटर तक के छोटे आवासीय नक्शे नई सेल्फ एप्रुवल श्रेणी में घर बैठे सप्ताहभर में मंजूर हो जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत सेल्फ  एप्रुवल श्रेणी के नक्शा आर्किटेक्ट के जरिए ऑनलाइन सिस्टम पर जमा होंगे। आर्किटेक्ट को मानचित्र बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार बनाने की बात लिख कर देनी होगी। नक्शे में किसी भी प्रकार की त्रुटियां होने पर उसकी पूरी जबावदेही आर्किटेक्ट की होगी। इससे शहर के लाखों लोगों को नक्शा पास करवाने में अब कोई दिक्कत नहीं झेलनी होगी। लोगों को ऑनलाइन सिस्टम की तकनीकी खामियों के चलते अब नक्शों के लिए अब जीडीए के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नए ऑनलाइन सिस्टम की खामियों के कारण बड़ी संख्या में नक्शे कैंसिल हो जा रहे थे। जीडीए सहित अन्य प्राधिकरण के सुझाव को शासन ने प्रभावी रूप से लागू किया है। जीडीए के सीएपीटी आशीष शिवपुरी का कहना है कि ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रुवल सिस्टम की तकनीकी खामियों को पूरा करने के लिए शासन स्तर से नया सर्वर स्थापित किया गया हैं। जीडीए से स्वीकृत कालोनी में छोटे भवनों के नक्शे सेल्फ  एप्रुवल सिस्टम में आर्किटेक्ट के जरिए जमा हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि नक्शे में त्रुटियों पर सारी जवाबदेही आर्किटेक्ट की होगी। सेल्फ  एप्रुवल श्रेणी में बड़े एवं छोटे व्यावसायिक व आवासीय श्रेणी में कुल 90 नक्शे बीते दो माह में जीडीए से पास हुए हैं। जीडीए में पहले 300 वर्ग मीटर तक के एकल यूनिट आवासीय नक्शे ऑनलाइन जमा होने के बाद तीन सप्ताह तक का वक्त लगता था। ऑनलाइन नक्शा आवेदन के बाद लखनऊ स्तर पर ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रुवल सिस्टम का सॉफ्टवेयर उसकी जांच करता था।इसके बाद नियोजन अनुभाग के अधिकारियों की टीम विभिन्न बिंदुओं की जांच करती थी। इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन सप्ताह का समय लगता था। लेकिन अब नई व्यवस्था से एक सप्ताह के अंदर ही आवासीय नक्शा पास हो जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के एक माह के अंदर सेल्फ एपु्रवल श्रेणी के 15 नक्शे पास हुए हैं।कोरोना महामारी की दूसरी लहर होने के बावजूद बीते अप्रैल और मई माह में कुल 90 नक्शे पास हुए हैं।इनमें 300 वर्गमीटर से बड़े व्यावसायिक और आवासीय 14 नक्शे शामिल हैं। 300 वर्गमीटर से छोटे 60 आवासीय व व्यावसायिक नक्शों को मंजूरी मिली है। बाकी नक्शे सेल्फ  एप्रुवल श्रेणी के तहत पास किए गए हैं। शासन स्तर पर ऑनलाइन सिस्टम के सॉफ्टवेयर को अपडेट करने के साथ ही नया सर्वर लगाया गया है। वहीं बड़े व्यावसायिक व आवासीय नक्शे के लिए अलग से लखनऊ में सर्वर लगाया गया है। नए सर्वर से ऑनलाइन नक्शे की स्क्रूटनी आसान हो गई हैं।