चीफ सेक्रेटरी राजेंद्र कुमार तिवारी ने जारी किया शासनादेश
लखनऊ/गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अब खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है। इसके मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों के तबादले पर लगी रोक हटा ली गई है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की तरफ से इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। ऐसे में किसी भी विभाग में 15 जुलाई तक तबादले होने का रास्ता साफ हो गया है। इससे नए स्थानों पर तैनाती के लिए प्रतिक्षारत अधिकारी एवं कर्मचारियों को राहत मिल गई है। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों के तबादले पर रोक लगा दी गई थी। सरकार को कोरोना की पहली और दूसरी लहर से निपटने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी है। दूसरी लहर में नागरिकों को बेहद मुसीबत का सामना करना पड़ा था। फिलहाल स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। इसे देखकर योगी सरकार ने तबादलों की मंजूरी दे दी है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने इस संदर्भ में आदेश जारी कर दिया है। इसके बाद किसी भी विभाग में 15 जुलाई तक तबादले किए जा सकेंगे। इसके पहले सरकार ने कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखकर विगत 12 मई 2020 को तबादलों पर रोक लगा दी थी। ऑनलाइन मेरिट के आधार पर तबादला करने का शासनादेश जारी कर दिया गया है। उधर, सूबे में मार्च 2018 में घोषित स्थानांतरण नीति के अंतर्गत सत्र में तबादले के लिए 31 मई अंतिम समयसीमा तय की गई थी, मगर कोरोना संक्रमण को देखकर इस वर्ष स्थानांतरण के लिए समय सीमा बढ़ा दी गई है। इससे पहले भी 2020-21 के सत्र में कोरोना संक्रमण की वजह से स्थानांतरण पर पाबंदी लगा दी गई थी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते 2021-22 के लिए भी स्थानांतरण नीति निर्धारित नहीं की जा सकी थी। उधर, स्थानांतरण पर लगी रोक हटने से अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी राहत की सांस ली है।
















