-नि:शुल्क आरओ जल सुविधा केंद्र का केबिनेट मंत्री ने किया लोकार्पण
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा आरडीसी-राजनगर मोड़ पर स्थापित नि: शुल्क आरओ जल सुविधा केंद्र का लोकार्पण बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना ने किया। मेयर आशा शर्मा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर, भाजपा के महानगराध्यक्ष संजीव शर्मा भी मौजूद रहे। गर्मी के मौसम में नगर निगम ने शहर के लोगों को शुद्ध आरओ के ठंडे पानी की सुविधा देने के लिए पूर्व में ही प्लानिंग कर ली थी, जिसका लोकार्पण मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा किया गया।
गर्मी के मौसम में शहरवासियों को पानी देना नगर निगम की जिम्मेदारी है, जिसके लिए सबसे पहले आरडीसी को चुना गया, क्योंकि आरडीसी में शहरवासी एवं बाहरी लोग नौकरी करने, व्यवसाय करने एवं कलेक्ट्रेट में आते हैं और यहां आस-पास में पानी पीने की अच्छी सुविधा नहीं है। इसलिए बड़ी संख्या में लोगों को शुद्ध आरओ का ठंडे पानी देने के लिए यह जल सुविधा केंद्र बनाया गया है।
इस आरओ प्लांट में 250 लीटर प्रति घंटा की क्षमता का आरओ लगाया गया है, जिससे हर समय पानी की उपलब्धता रहे। साथ ही खराब पानी एवं आरओ से निकलने वाले पानी को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से रिसाइकल किया जाएगा। यह सुविधा नगर निगम द्वारा पहली बार आरडीसी में दी गई है। यह जल सुविधा केंद्र एक पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर है एवं हर जोन में एक-एक बनाया जाएगा। मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह नगर निगम की एक अच्छी पहल है। प्रत्येक शहरवासी को शुद्ध पानी देने की निगम की जिम्मेदारी भी है, जिसे जल सुविधा केंद्र के रूप में नगर निगम ने स्थापित किया है और यहां की मेयर एवं नगरायुक्त शहर के लिए अच्छा कार्य कर रहे हैं, जिसके आज अच्छे परिणाम भी शहर को मिल रहे हैं।
मेयर आशा शर्मा जी ने बताया कि शहर के मुख्य स्थानों पर पीने योग्य शुद्ध जल देने की हमारी बहुत इच्छा थी। शहरवासियों एवं बाहर से आने वाले लोगों को शुद्ध जल मिल सके ताकि शहर गाजियाबाद की एक अच्छी तस्वीर लोगों के मन में बन सके और वह अपने शहरों में भी इसी प्रकार शुद्ध आरओ जल सुविधा केंद्र बनाने की उम्मीद लेकर जाएं। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर द्वारा बताया गया कि आरडीसी में एवं शहर में पहली बार ठंडे आरओ पानी की सुविधा नगर निगम ने दी है ताकि आने-जाने वाले लोगों को गर्मी के मौसम में पानी के लिए परेशान होने की जरूरत ना पड़े। प्लांट से निकलने वाले पानी का भी बहुत ध्यान रखा गया है ताकि पानी की बर्बादी ना हो सके।
















