पार्षद को पकड़ेगी पुलिस, अब्दुल समद कांड में सलंप्तिा के मिले सबूत

-पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में यह सामने आया है कि पार्षद के करीबी रिश्तेदार नगर निगम में ठेकेदारी भी करते है। ऐसे में पुलिस साजिश के कई बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है
-अब्दुल समद और उम्मेद की मुलाकात में निभाई थी अहम भूमिका

गाजियाबाद। लोनी बॉर्डर क्षेत्र के बेहटा हाजीपुर में बुजुर्ग तांत्रिक अब्दुल समद के साथ मारपीट की घटना को सांप्रदायिक रंंग देने के मामले की जांच गाजियाबाद नगर निगम के पार्षद तक पहुंच गई है। अब तक की जांच में यह बात सामने आई हैै कि अब्दुल समद कांड में नगर निगम के साहिबाबाद क्षेत्र के पार्षद कई तथ्यों के जानकार हैं और पार्षद से पूछताछ में कई जानकारियां खुलकर सामनेेेे आ सकती है। मारपीट की घटना केेे बाद बुजुर्ग अब्दुल समद नगर निगम पार्षद के पास पहुंचा था। बुजुर्ग की पार्षद से जान-पहचान थी। पार्षद ने अब्दुल समद को सपा के  उम्मेद इदरीशी पहलवान से मिलवाया और मदद करने को कहा। साहिबाबाद क्षेत्र का यह पार्षद अब पुलिस के रडार पर है। उम्मेद ने मदद के नाम पर अपनी राजनीति चमकाने का जरिया बनाया और ताबीज की बात को पलटकर दूसरा रूप दे दिया। उम्मेद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो पहले उम्मेद ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों से बोला कि मुझे बुजुर्ग ने गलत जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाई तो आरोपी ने अपना सच कबूल किया। पूछताछ में साहिबाबाद के पार्षद का नाम सामने आया। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में यह सामने आया है कि पार्षद के करीबी रिश्तेदार नगर निगम में ठेकेदारी भी करते है। ऐसे में पुलिस साजिश के कई बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। सूत्र बताते है कि जांच में इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं कोई बड़ा दंगा कराने के लिए फंड तो नही जुटाए जा रहेे थे।
बीते 5 जून को मारपीट की घटना के बाद पीडि़त पार्षद के घर पहुंचा था। पार्षद भी उम्मेद को जानता था। उसने उम्मेद को बुलाया और मामले की जानकारी दी। पार्षद ने भी उम्मेद पहलवान का साथ दिया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया। फरारी के दौरान उम्मेद पहलवान ने नगर निगम पार्षद से संपर्क कर मदद मांगी थी। पार्षद ने उसकी मदद भी की। एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि साहिबाबाद क्षेत्र के पार्षद की भूमिका होने के चलते उसकी पहचान कर ली गई है। पार्षद से भी जल्द पूछताछ की जाएगी। पार्षद से पूछताछ में और भी सबूत हाथ लगेंगे। पुलिस की जांच चल रही हैं। इसमें अभी कई ओर नाम सामने आने हैं। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि उम्मेद पहलवान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेजा गया है। इन 14 दिनों में पुलिस सबूत एकत्र करेगी। न्यायिक हिरासत में जाने पर पुलिस अब अन्य सबूतों को एकत्रित करने में जुट गई है। पुलिस ने आरोपी से दूसरा फोन भी बरामद कर लिया है। पुलिस के पास आरोपी के दोनों फोन है। आरोपी एक नए फोन से वीडियो कॉल कर संपर्क कर रहा था। पुलिस दोनों फोन की कॉल डिटेल निकाल रही है। कॉल डिटेल से कुछ और भी चेहरों से नकाब उठ सकता हैं।