सार्थक पहल: डीएम ने सुनी महिलाओं के हक की बात

-कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाना: डीएम
-मिशन शक्ति कार्यक्रम में 800 महिलाओं ने रखे सवाल

गाजियाबाद। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वालम्बन के लिये मिशन शक्ति तीसरी चरण के अन्तर्गत हक की बात-जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने महिलाओं से संबंधित यौन हिंसा, लैंगिक असमानता, घरेलू हिंसा, कन्या भ्रूण हत्या, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन तथा दहेज हिंसा आदि के संबंध में संरक्षण, सुरक्षा तंत्र, सुझावों, सहायता के संबंध में महिलाओं से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में जूम एप एवं यूट्यूब चैनल के माध्यम से लगभग 800 प्रतिभागी सम्मिलित हुये तथा लगभग 50 की संख्या में प्रतिभागी सभागार में उपस्थित रहे। 42 प्रतिभागीयों द्वारा जूम एप के माध्यम से जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी से महिलाओं की सुरक्षा, स्वालम्बन के साथ महिलाओं के प्रति उत्पीडऩ की घटनाओं व बालिकाओं की शिक्षा के सम्बन्ध में अपने प्रश्न रखे गए। जिनका जिलाधिकारी द्वारा समाधान किया गया एवं शासन प्रशसन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी भी दी गई।

जिलाधिकारी सिंह ने महिलाओं तथा बालिकाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं तथा सुझावों को सुना। यौन हिसा, लैगिग असमानता, घरेलू हिसा तथा दहेज हिसा जैसे मुद्दों पर कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी। डीएम ने कहा कि हक की बात जिला अधिकारी के साथ कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाना तथा उनके आत्मविश्वास में वृद्धि करना है। कहा एक शिक्षित बेटी दो कुल को रोशन करती हैं। इसलिए बेटियों को अच्छे संस्कार तथा अच्छी शिक्षा दें जिससे कि अच्छे राष्ट्र का निर्माण हो और घर परिवार में खुशहाली आए। इस दौरान कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस प्रोग्राम में पहुंच कर अपनी बातों को रख सके। कुछ महिलाओं ने इंटरनेट ऐप के जरिए व मोबाइल पर एसएमएस के जरिए अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सम्मुख रखी जिनका निवारण तुरंत ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को करने के लिए निर्देशित किया।

महिलाओं द्वारा कुछ सुझाव भी जिलाधिकारी को दिए गए जिसमें महिला अध्यापिका ने सुझाव दिया कि बहुत ही कम शैक्षिक संस्थानों द्वारा शैक्षिक भ्रमण कराया जाता है। ये सुझाव खासा दिलचस्प था, दूसरी ओर एक पोलिंग पार्टी की कार्यकर्ता ने कहा कि पोलिंग के समय उनकी ड्यूटी दूर दराज के इलाकों में लगाई जाती है, मगर रात में विश्राम के लिए महिलाओं को कोई खास सुविधा नही दी जाती है। इन दोनों सुझाव पर जिलाधिकारी ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि इन प्रकरणों पर विचार कर जल्द ही कारवाही सुनिश्चित की जाएगी। पीडि़त महिलाओं ने कहा कि वो अपनी-अपनी परेशानियों को लेकर कई जगह गई जैसे पुलिस, प्रशासन एवं संबंधित विभाग में सालों से चक्कर लगा रही है मगर उनकी समस्याओं का कोई निदान नही हुआ।

मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल द्वारा अवगत कराया गया कि सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। जहाँ पर कोई भी महिला शिकायत कर सकती है जिसका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है। उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों में पिंक बॉक्स की स्थापना कराई गई है जिनमें कोई भी छात्रा अपने साथ होने वाले असंगत घटना एवं व्यवहार की शिकायत कर सकती है। पिंक बॉक्स को खोलकर उसकी शिकायतों को निकाला जाता है तथा समाधान की कार्यवाही की जाती है। इस अवसर पर निधि मलिक सेंटर मैनेजर वन स्टाप सेंटर द्वारा वन स्टाप सेंटर की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। किसी भी प्रकार की हिंसा से पीडित कोई भी महिला वन स्टॉप सेंटर में लिखित में अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। कार्यक्रम के अन्त में जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र द्वारा महिला कल्याण विभाग की योजनाओं यथा निरश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला प्रोबेश अधिकारी विकास चन्द्र, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रजनीश कुमार पाण्डेय एवं महिला कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा विभाग की पूनम शर्मा द्वारा किया गया।