3 चरण में बनेगा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क

-यमुना प्राधिकरण में डीपीआर का प्रजेंटेशन

ग्रेटर नोएडा। प्रस्तावित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में लॉजिस्टिक पार्क की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का प्रजेंटेशन (प्रस्तुतिकरण) किया गया। विभागीय अधिकारियों ने प्रजेंटेशन का गंभीरता के साथ अवलोकन किया। एक्सप्रेस-वे के किनारे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क को विकसित किया जाना है। प्रोजेक्ट की डीपीआर का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपा गया था। कंपनी ने इस पार्क को 3 चरण में विकसित करने की प्लानिंग की है। इसके तहत पहले चरण का काम एक से डेढ़ साल में पूरा होने की उम्मीद है। इस पर लगभग 855 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एक्सप्रेस-वे के किनारे टप्पल में लॉजिस्टिक पार्क को विकसित किया जाना है। इसके लिए यमुना प्राधिकरण प्रयासरत है। उप्र सरकार ने इसका मास्टर प्लान पास कर दिया था। करीब 11104 हेक्टेयर में यह पार्क विकसित होगा। इसमें औद्योगिक, मिश्रित भू-उपयोग, आवासीय, व्यावसायिक सहित तमाम तरह के भू- उपयोग रहेंगे। यमुना प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने का दायित्व डिलाइट कंपनी को सौंपा। डिलाइट कंपनी ने बुधवार को यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के समक्ष प्रजेंटेशन दिया। कंपनी ने 3 चरण में इस पार्क को विकसित करने की योजना बनाई है। वहां पर कारगो, स्टोरेज व हैंडलिंग की सुविधा दी जाएगी। पहले चरण में कंटेनर डिपो और अन्य गतिविधियां विकसित की जाएंगी। तदुपरांत दूसरा चरण विकसित होगा। प्रजेंटेशन के दौरान यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों ने कुछ सुझाव दिए। इन सुझावों को शामिल कर कंपनी पुन: अपनी रिपोर्ट देगी। मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क को रेल और सड़क दोनों मार्ग से जोड़ा जाएगा ताकि इसे बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। इसे डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और दिल्ली हावड़ा रेलखंड से जोड़ने की प्लानिंग की गई है। इसे यमुना एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे कनेक्ट किया जाएगा। पहले चरण का विकास 200 हेक्टेयर में होगा। इस पर करीब 855 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दूसरे चरण में 500 हेक्टेयर भूमि पर विकास होगा। पहले चरण में यमुना प्राधिकरण भूखंड विकसित कर आवंटित करेगा। इसकी विस्तृत योजना तैयार हो रही है।