नेहरू वर्ल्ड में क्रियो अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव का ऑनलाइन आगाज

-सुरक्षित हाथों में है विश्व का भविष्य: अरूणाभ सिंह

गाजियाबाद। नेहरू वर्ल्ड स्कूल में क्रियो अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव-2021 का शनिवार को चौथे दिन ऑनलाइन आगाज हुआ। शास्त्रीनगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल के निदेशक अरूणाभ सिंह ने कहा कि क्रिया इंटरनेशनल-2021 के ऑनलाइन कार्यक्रम में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का आत्मविश्वास देखने लायक है। इससे कह सकते है कि विश्व का भविष्य सुरक्षित हाथों में हैं। अरूणाभ सिंह ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि स्कूल में ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहने चाहिए। इससे छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ेगा। शनिवार को आयोजित चौथे दिन ऑनलाइन क्रियो महोत्सव प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले छात्रों में जोश देखा गया। स्कूल की हेड टीचर सुमन होम्स ने कहा कि क्रियो इंटरनेशनल-2021 में देश और सीमाओं से परें अपने ज्ञान को दिखाने एवं सजाने का अवसर था। क्रियो इंटर नेशनल में प्रत्येक छात्र जिन्होंने ऑफलाइन को चुना एवं ऑनलाइन प्रस्तुति दे रहे थे। इन सभी छात्रों के योगदान के लिए नेहरू वर्ल्ड स्कूल को कोटि-कोटि धन्यवाद करते है। उन्होंने बताया कि ऑफलाइन कार्यक्रमों के अलावा तीन ऑनलाइन प्रतियोगिता भी की गई। इनमें उच्च मॉल्ड़ इट आउट,टूल फॉर माई कैनवास एवं सेप और मैजिक प्रतियोगिता सभी प्रतियोगिताएं 3 से 5 साल की आयु वचर्ग के प्री उच्च प्राइमरी छात्रों के लिए थीं। इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय 96 स्कूलों के छात्रों ने अपनी भागेदारी निभाई। महोत्सव में प्र्रतियोगिता दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक की गई। ताकि अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस महोत्सव में स्थानीय के अलावा दिल्ली-एनसीआर एवं देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिष्ठित स्कूलों के साथ 6 देशों के स्कूलों ने भी प्रतियोगिता मेें भाग लिया। इन स्कूलोंं में इंडियन एजुकेशन स्कूल कुवैत, दि न्यू होरिजोन स्कूल, बेहरीन के साथ देश के प्रतिष्ठित स्कूल मायो कॉलेज अजमेर समेत आंध्र प्रदेश,पंजाब,उत्तराखंड, महाराष्ट्र,तमिलनाडु आदि राज्यों के छात्रों ने हिस्सा लिया। क्रियो इंटनेशनल के आखिरी दिन स्कूल के निदेशक अरूणाभ सिंह ने सभी छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों ने सारे विश्व को एक मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है। एक देश के छात्रों द्वारा दूसरे देश के छात्रों के एक ही विषय पर विचार जानने का यह अच्छा अवसर है। ऐसे कार्यक्रम स्कूलों में होते रहने चाहिए।