पुरानी पेंशन बहाल करों नही तो होगा देशव्यापी आंदोलन: अनुज त्यागी

-संयुक्त संघर्ष संचालन समिति ने मांगों को लेकर दिया विशाल धरना

गाजियाबाद। शिक्षक कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर संयुक्त संघर्ष संचालन समिति निरंतर पत्र के माध्यम से शासन व विभागीय अधिकारियों को पूर्व से अवगत करा रहा है। जो कि पिछले काफी समय से शासन स्तर पर लंबित पड़ी हैं। मगर शासन व विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा शिक्षक कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का निस्तारण अभी तक नही हो पाया है। जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा के नेतृत्व में संयुक्त संघर्ष संचालन समिति द्वारा गुरूवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया गया।
संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के संयोजक डॉ अनुज त्यागी ने बताया कि मांग पत्र की अधिकांश मांगे विगत कई वर्षों से शासन स्तर पर विचाराधीन है। संगठन के अनवरत प्रयासों तथा शासकीय/विभागीय बैठकों एवं वार्ताओं के उपरांत भी इन समस्याओं का समाधान नहीं हो सका, सिर्फ आश्वान ही मिला है। जबकि कई मांग बिंदुओं के निस्तारण में वित्तीय उपाशय नहीं है या अत्यंत अल्प है। पुरानी पेंशन की बहाली की मांग विगत 15 वर्षों से लंबित है और सरकार इसे मानने को तैयार नहीं है। जबकि यह प्रदेश के 17 लाख कर्मचारी/ शिक्षकों और उनके परिवारों से जुड़ी मांग है। जिसके कारण राज्य के लाखों परिवार असंतुष्ट हैं। कोरोना में प्रदेश के शिक्षकों/कर्मचारियों के अतुल्य सहयोग, त्याग व ड्यूटी निभाने के प्रतिफल में दशकों से मिल रहे अनेक भत्तों तथा विशेष वेतन को एकपक्षीय ढंग से समाप्त कर दिया गया और डीए एरियर की धनराशि का भुगतान न करने के आदेश मिले। अध्यक्ष रविन्द्र राणा ने बताया कि 1 अप्रैल 2004 के बाद नियुक्त शिक्षक कर्मचारियों की पेंशन योजना को बंद कर दिया गया तथा एक नई पेंशन स्कीम लागू कर दी गई जो शिक्षक तथा कर्मचारियों के हित में नहीं है। नई पेंशन योजना को तत्काल बंद करते हुए पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए,01 दिसम्बर 2008 के बाद पदोन्नत प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय/सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय को 17140 न्यूनतम वेतनमान व प्रधानाध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय को 18150 न्यूनमत वेतनमान का शासनादेश निर्गत किया जाए। प्रदेश में निजी करण एवं आउटसोर्सिंग पर रोक लगाई जाए। वर्षों से लंबित कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था कर्मचारियों व शिक्षकों पर शीघ्र लागू की जाए। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में मृतक आश्रित कर्मियों की नियुक्ति शैक्षिक योग्यता के आधार पर हो तथा मृतक आश्रित नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को योग्यतानुसार उच्चीकृत पद पर समायोजित किया जाए। खंड शिक्षा अधिकारी की पदोन्नति 22 वर्षों से नहीं हुई है इनकी डीपीसी करके तत्काल पदोन्नति की जाए। कोरोना काल में मृतक शिक्षक कर्मचारी/ अधिकारी को ड्यूटी में निधन होने पर पचास लाख रुपए की अनुग्रह राशि के साथ ही विकल्प न युटी की राशि, नौकरी आदि परिवार को प्रदान की जाए। इस मौके पर जमुना प्रसाद, कनक सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, अमित यादव, मनोज कुमार, केके शर्मा, मोहम्मद गालिब, विपिन कुमार, देवेंद्र चौधरी, सूर्य प्रकाश राय, जगत सिंह, निशि रानी शर्मा, महिपाल सिंह, प्रीति अग्रवाल उमेश रुहेला, दीपक कुमार, मनोज कुमार डागर, आदेश मित्तल, अमित लक्ष्मण राठी, यशवेंद्र शर्मा, अरविंद शर्मा, अरुण कुमार, ओमोन्दर तिवारी, प्रवीण कुमार, डॉ संदीप कुमार, अमित गोयल, अजय कुमार, प्रमोद सिरोही उपस्थित रहे।