20 वर्ष से नगर निगम की जमीन पर कब्जा कर बनाया हुआ था मकान
गाजियाबाद। नगर निगम की जमीन पर पिछले करीब 20 वर्ष ये कब्जा कर बनाई चारदीवारी एवं पक्के मकान को ध्वस्त करते हुए नगर निगम के प्रवर्तन दस्ते की टीम करीब 600 वर्गमीटर जमीन कब्जा मुक्त करा ली। साथ ही चेतावनी दी की अगर दोबारा उक्त जमीन पर कब्जा पाया गया तो संपत्ति जब्त के साथ एफआईआर दर्ज की कार्रवाई भी की जाएगी। नगर निगम ने अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। चिन्हित जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए बुलडोजर को फिर से चलाना शुरू कर दिया है। जमीन की वर्तमान में करीब 4.50 करोड़ रुपए कीमत है।
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के आदेश पर बुधवार को नगर निगम के अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव के नेतृत्व में निगम प्रर्वतन प्रभारी कर्नल दीपक शरण, सिटी जोनल प्रभारी गजेंद्र कुमार सिंह, नायब तहसील दार प्रतिप्त कुमार, संपत्ति अनुभाग और प्रवर्तन दस्ते की टीम एवं सिहानी गेट थाने की पुलिस नासिरपुर गांव क्षेत्र के कमला क्वार्टर जीटी रोड के पास पहुंची। नासिरपुर के खसरा संख्या-641/1 में करीब 0.1900 हेक्टेयर जमीन पर अवैध रूप से रतन सिंह पुत्र मान सिंह द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया गया था।
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले करीब 20 साल से नगर निगम की सरकारी जमीन पर कब्जा किया हुआ था। पुलिस फोर्स और प्रवर्तन दस्ते की टीम ने बुलडोजर चलाकर मौके पर करीब 600 वर्गमीटर जमीन पर बनाई गई बाउंड्रीवाल व पक्के निर्माण को ध्वस्त करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। बाकी की जमीन पर जल्द कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान कब्जा करने वालों और आसपास के लोगों ने हंगामा करने का प्रयास किया। मगर प्रवर्तन दस्ते की टीम और पुलिस ने उन्हें शांत करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराया।
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव ने बताया कि कमला क्वार्टर में अवैध रूप से कब्जा की गई नगर निगम की सरकारी 600 वर्गमीटर जमीन को बुलडोजर चलाकर कब्जा मुक्त कराया गया।
यहां पर बनाई गई पक्की चारदीवारी को तोड़ा गया। कब्जामुक्त कराई गई जमीन की वर्तमान में करीब 4.50 करोड़ रुपए कीमत है। इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने के बाद निगम की इस जमीन पर बाउंड्रीवाल कराने के लिए नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी को पूरी रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है। ताकि इस जमीन पर दोबारा से कब्जा न हो सके। इससे पूर्व अकबरपुर-बहरामपुर में करीब 1000 वर्गमीटर सरकारी जमीन भी निगम ने कब्जा मुक्त कराई थी। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।














