-दूधेश्वरनाथ से साहिबाबाद और लोनी तक हाई अलर्ट, वाटर टेंडर, बाइक पैक सेट और प्रशिक्षित दमकलकर्मी रहेंगे 24 घंटे मुस्तैद
-भीड़भाड़ वाले कांवड़ मार्गों पर मिनटों में पहुंचेगी राहत, पांच-पांच घंटे की शिफ्ट में तैनात रहेंगी विशेष टीमें
-मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल की रणनीति पर होगा सुरक्षा का दारोमदार, आस्था के महापर्व को सुरक्षित बनाने की पूरी तैयारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। करोड़ों शिवभक्तों की आस्था से जुड़े कांवड़ महापर्व को सुरक्षित, व्यवस्थित और दुर्घटनामुक्त बनाने के लिए गाजियाबाद का दमकल विभाग इस बार पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में नजर आएगा। कांवड़ मार्ग पर उमडऩे वाली भारी भीड़ और संभावित आपात स्थितियों को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। विभाग की रणनीति का केंद्र बिंदु है कि किसी भी प्रकार की आगजनी, गैस रिसाव, शॉर्ट सर्किट या अन्य आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दल कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचकर हालात पर नियंत्रण पा सके। इसी उद्देश्य से साहिबाबाद तक कांवड़ मार्ग पर 12 अस्थायी फायर स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जहां अत्याधुनिक अग्निशमन संसाधनों के साथ प्रशिक्षित कर्मियों की चौबीसों घंटे तैनाती रहेगी। इस पूरी व्यवस्था की कमान मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल संभाल रहे हैं। उनके नेतृत्व में विभाग ने ऐसा सुरक्षा तंत्र तैयार किया है, जिससे कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके।
विभाग का लक्ष्य केवल आग बुझाना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा का भरोसा कायम रखना भी है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि एडीजी के निर्देशों के अनुरूप कांवड़ मार्ग के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अस्थायी फायर स्टेशनों की स्थापना की जा रही है। इनमें दूधेश्वरनाथ मंदिर परिसर, दूधेश्वरनाथ मंदिर के बाहर, सिहानी चुंगी, मेरठ रोड, मेरठ तिराहा, दुहाई, मोहन नगर चौराहा, टीला मोड़, डाबर तिराहा, राज चौपला, कस्बा मुरादनगर, पाइपलाइन रोड मुरैना-नवीपुर तथा थाना लोनी बॉर्डर क्षेत्र जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। इन सभी स्थानों का चयन श्रद्धालुओं की संख्या, यातायात दबाव और संभावित जोखिम को ध्यान में रखकर किया गया है।
हर अस्थायी फायर स्टेशन पर वाटर टेंडर, वाटर बाउजर, अत्याधुनिक अग्निशमन उपकरण और बाइक पैक सेट उपलब्ध रहेंगे। विशेष रूप से बाइक पैक सेट की व्यवस्था इसलिए की जा रही है ताकि अत्यधिक भीड़ या जाम की स्थिति में भी दमकलकर्मी संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले मार्गों तक कुछ ही मिनटों में पहुंच सकें। विभाग ने आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बाइक पैक सेट भी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राहुल पाल ने बताया कि प्रत्येक अस्थायी फायर स्टेशन पर कर्मचारियों की पांच-पांच घंटे की शिफ्ट निर्धारित की गई है, जिससे पूरे समय सतर्कता बनी रहे और किसी भी कर्मी पर अत्यधिक कार्यभार न पड़े। हर टीम को आपदा प्रबंधन, त्वरित राहत और प्राथमिक बचाव कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही प्रत्येक टीम को स्थानीय मार्गों, वैकल्पिक रास्तों और भीड़ नियंत्रण की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में शिविर, भंडारे, जनरेटर, गैस सिलेंडर और विद्युत उपकरणों का उपयोग होता है। ऐसे में आग लगने जैसी घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसे देखते हुए दमकल विभाग ने सभी अस्थायी फायर स्टेशनों पर आवश्यक संसाधनों का पर्याप्त भंडार रखने का निर्णय लिया है। विभाग की टीमें न केवल आपात स्थिति में राहत कार्य करेंगी, बल्कि कांवड़ शिविरों में जाकर अग्नि सुरक्षा संबंधी जागरूकता भी फैलाएंगी, ताकि छोटी-सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण न बने।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग का प्रयास है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में प्रतिक्रिया समय न्यूनतम रहे। इसके लिए नियंत्रण कक्ष को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा तथा जल्द ही दमकल विभाग के आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि किसी भी घटना की सूचना तुरंत मिल सके और राहत दल बिना देरी के मौके पर पहुंच सके। दमकल विभाग की यह व्यापक तैयारी स्पष्ट करती है कि इस बार कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सुनियोजित सुरक्षा प्रबंधन का भी उदाहरण बनने जा रही है।
प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए दमकल विभाग आस्था के इस महापर्व को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में तैयार की गई यह रणनीति न केवल संभावित जोखिमों को कम करेगी, बल्कि लाखों शिवभक्तों के मन में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत करेगी। इस बार कांवड़ मार्ग पर जहां हर-हर महादेव के जयघोष गूंजेंगे, वहीं दमकल विभाग की मुस्तैदी हर श्रद्धालु की सुरक्षा का मजबूत प्रहरी बनकर साथ चलेगी।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी
कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और जनसुरक्षा का महापर्व है। हमारी प्राथमिकता केवल किसी दुर्घटना के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि ऐसी परिस्थितियों को पहले ही रोकना है। इसी सोच के साथ पूरे कांवड़ मार्ग पर विशेष फायर सेफ्टी प्लान लागू किया गया है। सभी दमकलकर्मियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और हर अस्थायी फायर स्टेशन को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। हमारी टीमें 24 घंटे मौके पर मौजूद रहकर किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगी। श्रद्धालुओं से भी अपील है कि भंडारों, शिविरों और जनरेटर के पास अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल दमकल विभाग को दें। प्रशासन और जनता के सहयोग से हम इस कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और दुर्घटनामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
-राहुल पाल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ)















