गाजियाबाद। आर्य समाज एटीएस इंदिरापुरम के तत्वावधान में जीवन में यज्ञ का महत्व विषय पर ऑनलाइन गूगल मीट पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ प्रांतीय मंत्री प्रवीण आर्य ने गायत्री मंत्र व ईश्वर भक्ति के गीत से किया उन्होंने आयोजकों का सुन्दर कार्यक्रम के लिए आभार व्यक्त किया साथ ही उन्होंने उपस्थित सुमेधा जी घनश्याम जी को वैवाहिक वर्ष गांठ पर हार्दिक बधाई दी। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने आर्य समाज के अन्तर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सत्यव्रत सामवेदी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया,उन्होंने कहा कि सामवेदी जी कुशल वक्ता,संघठन कर्ता,वैदिक विद्धान,साथी ही अच्छे लेखक रहे उनके निधन से आर्य समाज की गहरी क्षति हुई है। मुख्य वक्ता आचार्य महेन्द्र भाई ने कहा कि हवन पंच तत्वों व शरीर शुद्धि का परम साधन है। यज्ञ, हवन केवल एक कर्मकांड ही नहीं अपितु धरती,आकाश,जल,वायु, कृषि एवं शरीर शुद्धि का परम साधन है। पुष्टिवर्धक,रोगनाशक, मिष्ट व सुगंधित पदार्थ और गौ घृत जब अग्नि में डालते हैं,तब अग्नि उनको सूक्ष्म कर अणु परमाणुओं में बदल कर सम्पूर्ण वायु मण्डल में फैला देती है जो हमारे स्वास्थ्य को उत्तम बनाते हैं, औषधियों से युक्त शुद्ध वायु श्वास प्रश्वास प्रक्रिया द्वारा हमारे फेफड़ों में पहुंचती है जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधात्मक शक्ति को बढ़ाती है और व्यक्ति स्वस्थ व दीर्घ आयु को प्राप्त करता है। गायिका एवं दर्शनचार्या विमलेश बंसल,संगीता आर्या,ममता आर्या, प्रतिभा सपड़ा,सुमेधा अग्रवाल, ध्रुवा शर्मा,कुसुम आर्या,इंदिरा गुप्ता,नरेश खन्ना,नरेन्द्र आर्य सुमन आदि ने मधुर भजन प्रस्तुत किये। अध्यक्षता करते हुए समाज सेवी विनोद त्यागी ने कहा कि ज्ञान और कर्म आत्मा के दो पहिए हैं, जैसे एक हाथ से ताली नहीं बजती या जैसे पक्षी एक पंख से नहीं उड़ सकता है वैसे ही ज्ञान व कर्म में से किसी एक के बिना मनुष्य का कल्याण सम्भव नहीं। कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए संयोजक देवेन्द्र गुप्ता ने कहा कि ए टी एस परिवार की यज्ञ व सत्संग की परंपरा रही है अब हम गूगल मीट के माध्यम से समाज सुधारक व समाज निर्माण का कार्य निरंतर जारी रखेंगे। इस अवसर पर पूर्णिमा शर्मा, अभिषेक गुप्ता व सुमन गुप्ता, गौरव गुप्ता आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
















