नगर विकास सचिव ने किया निरीक्षण, संपत्ति मामलों का लिया जायजा

-सिटी फॉरेस्ट की जमीन पर विवाद, मौके पर जाकर जांच

गाजियाबाद। हिंडन नदी के पास 100 एकड़ जमीन पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा नगर निगम की जमीन पर विकसित किए गए सिटी फॉरेस्ट की जमीन का नगर विकास विभाग के सचिव रंजन कुमार ने मौके पर जाकर जांच की। हाईकोर्ट के आदेश पर सिटी फॉरेस्ट की जमीन के विवाद को लेकर जांच करने के लिए सचिव राजीव रंजन कुमार पहुंचे थे। सचिव राजीव रंजन कुमार ने नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़, अपर नगर आयुक्त अरूण कुमार यादव, एसडीएम सदर विनय कुमार सिंह, जीडीए के तहसीलदार दुर्गेश सिंह, नगर निगम के संपत्ति अधीक्षक भोलानाथ गौतम, राजस्व विभाग की टीम आदि की मौजूदगी में सिटी फॉरेस्ट की जमीन का निरीक्षण करते हुए उसकी जांच की।वहीं,नगर निगम सीमा अंतर्गत रिक्त नगर निगम की भूमि की स्थिति का जायजा लिया।

सचिव को नगर आयुक्त ने सिटी जोन क्षेत्र में सिटी फॉरेस्ट से संबंधित पत्रावली दिखाई। जमीन के मामले में सचिव को अवगत कराया गया। जीडीए और नगर निगम के अलावा राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों को समन्वय स्थापित करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सिटी फॉरेस्ट के लिए जितनी जमीन नगर निगम द्वारा पैमाईश की गई। उस पर सिटी फॉरेस्ट जीडीए द्वार विकसित किया गया है। इस मामले को लेकर कुछ लोगों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

नगर निगम व जीडीए ने उन्हें मुआवजा दिए बगैर उनके स्वामित्व वाली जमीन प सिटी फॉरेस्ट विकसित कर दिया है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन स्तर से इसकी जांच कराने के निर्देश दिए थे। नगर विकास विभाग के सचिव राजीव रंजन कुमार ने नगर आयुक्त के साथ सिटी फॉरेस्ट की जमीन का मौके पर जाकर निरीक्षण किया।उन्होंने जांच करते हुए नगर निगम द्वारा जीडीए को उपलब्ध कराई गई भूमि से संबंधित फाइल को देखा। इस पर जीडीए और नगर निगम के बीच भूमि एक्सचेंज को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।