-जिले मेें बदलने वाले चेहरों की तादाद हो सकती अधिक
गाजियाबाद। आम लोकसभा चुनाव-2024 से पहले भाजपा में जिला स्तर पर संगठन में जल्द बदलाव हो सकता है। इसमें नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया ने सभी जिला व महानगर अध्यक्षों से उनकी टीम के प्रस्तावित नाम भी मांगे हैं। इसके लिए जनप्रतिनिधियों की राय भी ले ली गई है। प्रदेश नेतृत्व के साथ भी चर्चा हो चुकी हैं। ऐसे में नामों को फाइनल करने के लिए उम्मीद है कि अगले सफ्ताह जिला इकाइयों की घोषणा की जा सकती है। रविवार को राजनगर एक्सटेंशन में भाजपा की ओर से वोटर चेतना अभियान की बैठक की गई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने वोटर चेतना अभियान की बैठक ली। इसमें पश्चिमी क्षेत्र के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। उम्मीद है कि जल्द ही अगले दो-तीन दिन में जिला टीमों का ऐलान कर दिया जाएगा। इस बार ज्यादातर जिलों में एक चौथाई चेहरे बदले जाएंगे। भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी हैं।
इसी के मद्देनजर अभियान चलाने के बाद प्रदेश की शीर्ष नेतृत्व ने जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों की पहले ही घोषणा कर दी थी। लेकिन इन अध्यक्षों को उनकी नई टीम नहीं मिल पाई है। ऐसे में पुरानी टीम के साथ काम करने में कुछ व्यावहारिक दिक्कतें भी आ रही हैं। दरअसल, भाजपा में जिला संगठन की इकाइयों और मंडल स्तर पर भी संगठन में बदलाव होना है। ऐसे में पुरानी टीम के पदाधिकारियों में पहले जैसा जोश नहीं दिख रहा है। इसका असर लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर न पड़े, इसलिए पार्टी जिला स्तर पर नई टीम का ऐलान करने जा रही है। इसमें हालांकि ज्यादा बदलाव नहीं होगा। जिले मेें बदलने वाले चेहरों की तादाद अधिक हो सकती है। प्रदेश और क्षेत्रीय अध्यक्ष की मानें तो अगले तीन-चार दिनों में जिलों की टीमें भी घोषित कर दी जाएंगी। गाजियाबाद महानगर की बात करें तो महानगर टीम में स्थान पाने के लिए कार्यकर्ताओं में मारामारी है। इसके लिए महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा से लेकर पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया तक कार्यकर्ता अपने पक्ष में तमाम तर्क दे रहे हैं।
वह बड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों से सिफारिश करवा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह के दरबार में भी कुछ नेता हाजिरी लगा रहे हैं। भाजपा के सूत्रों की मानें तो महामंत्री और तीन उपाध्यक्ष बदलने तय हैं।इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं को मंत्री के रूप में जिला स्तर पर काम करने का मौका भी मिलेगा। वहीं, जिला संगठन में भी 10 से 12 चेहरे बदले जाएंगे। भाजपा में जिला स्तर के संगठन में मंडल अध्यक्षों का बहुत महत्व है। ऐसे में चुनाव की बात हो या फिर किसी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जुटाने की हो। यह हर मोर्चे पर मंडल अध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में जनप्रतिनिधि सबसे ज्यादा सिफारिश मंडल अध्यक्ष की कर रहे हैं। यह सब भी चाहते हैं कि उनके चुनाव में क्षेत्र के मंडल में अध्यक्ष उनकी पसंद का हो। जिला स्तर पर नई टीम का गठन होने के बाद भाजपा अपने सभी क्षेत्रों की टीम की घोषणा करेगी। माना जा रहा है कि आगामी 25 नवंबर के क्षेत्रीय अध्यक्ष अपनी टीम के नए चेहरों का ऐलान करेंगे। गाजियाबाद के कई पुराने नेता जो प्रदेश टीम में अपनी जगह नहीं बना पाए थे।वह अब क्षेत्र की टीम में आने के लिए मेरठ, लखनऊ , दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं। ताकि टीम में जगह मिल जाए।















