आईटीएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी में इंपैक्ट लेक्चर सीरीज का आयोजन

गाजियाबाद। दिल्ली मेरठ रोड स्थित आईटीएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी मुरादनगर में गुरुवार को भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय द्वारा अनुमोदित एमओई इनोवेशन सेल एमआईसी द्वासर स्पोर्स्ड  इम्पैक्ट लेक्चर सीरीज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ बी कलाइसेल्वन, डॉ एस सदीश कुमार, निदेशक, आईटीएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी, डॉ राजकुमारी आदि ने दीप प्रज्वलन करके छात्रों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना व राष्ट्रगान के साथ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ सदीश कुमार निदेशक आईटीएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने इनोवेशन व इन्क्यूबेशन से होने वाले परिणामों से छात्रों के भविष्य पर स्टार्टअप व एन्टरप्रेन्योरशिप के प्रभाव के बारे में बताया।

डॉ वी कलाइसेल्वन, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, इंडियन फार्माकोपिया कमीशन ने कार्यक्रम के प्रथम सत्र में बताया कि फार्माकोविजिलेंस मेडिकल डिवाइस तथा इनविट्रोडायोग्निसटिक विभाग एक नया क्षेत्र है जिसमें नये स्टार्टअप व एन्टरप्रेन्योरशिप आरम्भ किए जा सकते है, इस क्षेत्र में नए इनोवेशन के बारे बताया। द्वितीय सत्र में मिस पूजा कुमार, फाउंडर व डायरेक्टर इनोव इनटेल्क्टस एलएलपी ने बताया कि इन्टैल्क्टूयल प्रोपर्टी (बौद्धिक सम्पदा) किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा सृजित कोई संगीत, साहित्यिक कृति, कला, खोज, प्रतीक, नाम चित्र, कॉपीराइट, पेटेंट आदि को कहते है। उन्होंने बताया कि छात्र किसी दवाई या हेल्थ डिवाइस को किस प्रकार पेटेंट कर सकते है तथा इसके लाभ के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंत में डॉ मनोज कुमार शर्मा ने सभागार में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार और धन्यवाद प्रकट करते हुए कहा कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा अनुदानित आज का यह कार्यक्रम बहुत सफल रहा। अपने क्षेत्र में सफल वक्ताओं द्वारा उनके जीवन के सच्चे अनुभव पर आधारित आज यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए बेहद लाभदायक एवं उपयोगी सिद्ध होगा।

इस अवसर पर आईटीएस-दी एजूकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ आरपी चडढा जी एवं वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए भारत सरकार द्वारा दिये गये अनुदान के लिए शिक्षा मंत्रालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में नवाचारी व्यावसायिक कौशलों का विकास एवं उन्नयन करना है।  इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ मनोज कुमार शर्मा एवं डॉ मनीष शाक्य ने किया।