-कन्या वैदिक इंटर कॉलेज की छात्राओं का कोतवाली नगर में शैक्षिक भ्रमण, एसीपी उपासना पाण्डेय ने समझाई पुलिस की कार्यप्रणाली
-मिशन शक्ति केंद्र और ऑपरेशन प्रहार की दी जानकारी, महिला सुरक्षा को लेकर छात्राओं को किया जागरूक
-साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके, आपातकालीन सेवाओं की जानकारी देकर सतर्क और सुरक्षित रहने का दिया संदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बेटियों को कानून, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को कन्या वैदिक इंटर कॉलेज की छात्राओं को थाना कोतवाली नगर का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली नगर उपासना पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस भ्रमण के दौरान छात्राओं ने थाने की कार्यप्रणाली को करीब से समझा और पुलिस व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से लेकर साइबर अपराधों से बचाव तक विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। थाने में पहुंची छात्राओं को पुलिस की रोजमर्रा की कार्यप्रणाली, शिकायतों के निस्तारण और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा किए जाने वाले कार्यों के बारे में बताया गया। छात्राओं को यह समझाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल पुलिस अथवा संबंधित आपातकालीन सहायता सेवा से संपर्क करना चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को यह संदेश भी दिया कि सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से हर व्यक्ति अपनी सुरक्षा को मजबूत कर सकता है। छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ किसी भी परेशानी का सामना करने और जरूरत पडऩे पर पुलिस की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझा, मिशन शक्ति केंद्र की दी जानकारी
शैक्षिक भ्रमण के दौरान छात्राओं को थाना कोतवाली नगर की विभिन्न व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाने में आने वाली शिकायतों पर किस प्रकार कार्रवाई की जाती है और पीडि़तों की सहायता के लिए पुलिस किस तरह काम करती है। छात्राओं को विशेष रूप से मिशन शक्ति केंद्र के बारे में जानकारी दी गई। महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में सहायता और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बारे में छात्राओं को बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी महिला या छात्रा को यदि किसी प्रकार की परेशानी, उत्पीडऩ या असुरक्षा का सामना करना पड़ता है तो उसे चुप रहने के बजाय तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए। इस दौरान छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा से जुड़े विभिन्न सवाल भी किए। अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें कानून और पुलिस सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
ऑपरेशन प्रहार से लेकर महिला सुरक्षा तक, छात्राओं को किया सतर्क
भ्रमण के दौरान छात्राओं को ऑपरेशन प्रहार के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधों की रोकथाम और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाए जाते हैं। छात्राओं को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी होने पर पुलिस को तत्काल सूचित करने के लिए प्रेरित किया गया। महिला सुरक्षा के संबंध में छात्राओं को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति पर आसानी से भरोसा न करें, सार्वजनिक स्थानों पर सजग रहें और किसी भी तरह की असहज या संदिग्ध स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल अपने परिजनों, शिक्षकों अथवा पुलिस को जानकारी दें।
साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके, आपातकालीन सहायता सेवाओं की भी दी जानकारी
शैक्षिक भ्रमण के दौरान छात्राओं को तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, ऑनलाइन लेन-देन और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। छात्राओं को अपनी निजी जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी गोपनीय विवरण किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। उन्हें साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों से सावधान रहने तथा किसी संदिग्ध लिंक, मैसेज या कॉल के झांसे में न आने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस ने छात्राओं को समझाया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों को लालच, डर या जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या गोपनीय जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए। इसके साथ ही छात्राओं को आपातकालीन सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि जरूरत पडऩे पर वे समय रहते उचित सहायता प्राप्त कर सकें। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से कहा कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सहायता मांगें और घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। शैक्षिक भ्रमण के अंत में छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानून, साइबर अपराध और आपातकालीन सहायता को लेकर जागरूक एवं सतर्क रहने का संदेश दिया गया। पुलिस की इस पहल से छात्राओं को थाने की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने के साथ-साथ अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।















