-डीएम ने की सीएम डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका की समीक्षा बैठक
-अनुपस्थित अधिकारियों और ई रैंकिंग लाने वाले विभागों से मांगा स्पष्टीकरण
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड अनुश्रवण पुस्तिका (राजस्व से संबंधित) जिन विभागों की खराब रैंकिंग वाले विभागों से अब स्पष्टीकरण मांगा गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका राजस्व से संबंधित समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी ने बैठक में अनुपस्थित रहे अधिकारियों और ई-रैंकिग लाने वाले विभागों से स्पष्टीकरण मांगा हैं। बैठक में अवस्थापना, औद्योगिक विकास, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आबकारी, आवास, उपभोक्ता संरक्षण एवं बांट-माप,कृषि विपणन,विदेश व्यापार,खाद्य एवं औषधि प्रशासन,खाद्य एवं रसद,चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास, नगर विकास एवं गरीबी उन्मूलन, परिवहन, भूतत्व एव खनिकर्म, राज्य कर,लोक शिकायत, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, सैनिक कल्याण, लोक शिकायत विभागों से संबंधित परियोजनाओं में दिए गए लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ण एवं निस्तारण न होने की स्थिति में चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष अपलोड किए गए कार्यों की निगरानी का प्रतिशत और रैंकिंग तय की जाती है। प्रत्येक परियोजना में दिए गए लक्ष्य के अनुसार ही कार्य का प्रतिशत तय करते हुए 10 अंकों में से ही अंक मिलते हैं। उन अंकों के अनुसार आपकी रैंकिंग,ग्रेडिंग ए प्लस,ए,बी,सी,डी और ई-निर्धारित होती हंै। प्रत्येक माह के अंत में जिले की सभी परियोजना में मिले प्राप्तांक का कुल प्रतिशत निकाला जाता है। उसके बाद सभी जनपदों के प्रतिशत के अनुसार उनकी रैंक निर्धारित होती है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभाग की रैंकिंग खराब है और वह अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं है। उन सभी से स्पष्टीकरण मांगा जाए। इसके साथ ही जिस विभाग की ई-रैंकिंग आई है,वह स्पष्टीकरण दें कि उनकी ई रैंकिंग कैसे आई।
जो नोडल अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं हो सकें। उन्हें बैठक के सभी बिंदु के बारे में विस्तार से जानकारी होनी अनिवार्य है जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक माह मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर रैंकिंग अंकित होने से पूर्व ही समय अनुसार संबंधित सभी एडीएम एक बार और एसडीएम दो बार, तहसीलदार चार बार,नायब तहसीलदार 8 बार बैठक करना सुनिश्चित करें। ताकि समय सीमा के अंतर्गत प्रकरणों का निस्तारण किया जा सकें। इसके लिए सभी को अपने कार्य के प्रति ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समयनिष्ठा रखनी है। इससे ही रैंकिंग टॉप पर हो जाएगा। जन सेवा से करने से लक्ष्यों की पूर्ति हो जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह, एसडीएम मोदीनगर डॉ. पूजा गुप्ता, एसडीएम सदर अरुण दीक्षित, एसडीएम लोनी निखिल चक्रवर्ती समेत अन्य विभागों के नोडल अधिकारी व तहसीलदार आदि अधिकारी उपस्थित हुए।
















