-राज्यपाल ने किया देश के प्रथम एआई आधारित आंगनवाड़ी केंद्र का उद्घाटन
-शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कृति और सभ्यता का ज्ञान भी होना जरूरी
-बच्चों के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए कि बचपन से ही बने सकें आत्मनिर्भर
-5 आंगनवाड़ी केंद्रों को प्री-स्कूल किट किया गया वितरण
गाजियाबाद। राज्यपाल उत्तर प्रदेश आनंदीबेन पटेल ने रविवार को देश के प्रथम ए आई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित आंगनवाड़ी केंद्र का गाजियाबाद में उद्घाटन करते हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों को किट वितरण किया। मोरटी में देश का प्रथम एआई आधारित आंगनवाड़ी केंद्र बनाया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक से छह साल तक के बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वार्ष्णेय ने बताया कि जिले में ऐसे 100 आंगनबाड़ी केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। राज्यपाल का कैबिनेट मंत्री/विधायक सुनील कुमार शर्मा, विधायक अजीत पाल त्यागी, विधायक डॉ. मंजू सिवाच, पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा, जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3012 के गर्वनर प्रशांत राज सहित अन्य गणमान्यों ने स्वागत किया। उद्घाटन के उपरांत राज्यपाल ने आंगनवाड़ी विद्यार्थियों से वार्ता की। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा कविताओं पर प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल द्वारा ए.आई. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से विद्यार्थियों को पढ़ाने के तरीके के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा जनपद में आंगनबाड़ी केन्द्रों में कराये जा रहे सुधारों और डिजिटलीकरण के लिए मै आप सभी को शुभकामनाएं देती है।
आज देश की पहली ए.आई आंगनबाड़ी का शुभारंभ हुआ है, इससे बच्चों को और बेहतर शिक्षा व जानकारी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए कि बच्चे उसे समझ सके, सिर्फ रटा-रटाया ज्ञान ना हो। बच्चे को समझ आना चाहिए कि वह क्या लिख रहा है, क्या बोल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कृति और सभ्यता का भी ज्ञान होना चाहिए। इसके लिए पाठ्यक्रम शिक्षा के दौरान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान इस प्रकार के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने चाहिए जिससे बच्चों में संस्कृति और सभ्यता का भी ज्ञान हो सके। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के साथ-साथ महिलाएं भी कुपोषित है, जब हमारी माताएं सशक्त बनेगी तो हमारे बच्चे भी सशक्त बनेंगे, तभी देश भी सशक्त बनेगा। हमें आंगनवाड़ी सहित अन्य के माध्यम से जानना चाहिए कि गर्भवती महिलाएं जहां भी कार्य कर रही हो, चाहे वह घरों, कम्पनी, गोदाम, कारखाना, मजदूरी सहित अन्य जगह काम कर रही हो, हमें उन लोगों तक संदेश पहुंचना है कि वे किसी ना किसी रूप में गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार प्रदान करें, जिससे की वह स्वयं सक्षम व मजबूत हो सके और एक स्वस्थ्य बच्चे का जन्म दे सके।
राज्यपाल ने कहा कि गर्भधारण के उपरान्त गर्भवती महिला सहित उनके परिवारजनों को चाहिए कि वे घर में स्वस्थ्य वातावरण रखें, कोई भी लड़ाई-झगड़ा ना हो, अच्छी-अच्छी किताबें पढ़े और प्रेम के वातावरण में रहे, जिससे कि बच्चे पर उसका अच्छा असर पड़े और वह तन-मन से स्वस्थ्य जन्म लें। तब बच्चे आने वाले समय में एक सशक्त भारत के निर्माण में वह अहम भूमिका निभायेंगे। इस मौके पर राज्यपाल द्वारा अवगत कराया गया कि जेलों में महिलाओं से संबंधित अपराधों में 80 प्रतिशत कैदी दहेज मामलो के हैं, हमें चाहिए कि हम ऐसे समाज का निर्माण करें जहाँ अपराध के लिए कोई जगह ना हो। इस मौके पर एक कीट आंगनबाड़ी कार्यकत्री को दी गई और निर्देशित किया कि इस प्रकार की किट सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर होनी चाहिए ताकि इससे बच्चों को कोई परेशानी हो तो इससे उसका समाधान किया जा सके। इस किट में साबुन, डिटॉल, पट्टी, मरहम, कंघा, सीसा, सूई-धागा, कैंची, तेल सहित अन्य सामग्री है।
इसके साथ उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के डिजाईन के समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि बच्चों के लिए पानी सुविधा, शौचालय, टॉयलेट सहित उनके हाईट के हिसाब से बनाये जाएं, ताकि वे दूसरों पर निर्भर न होकर बचपन से ही आत्मनिर्भर बन सकें। इस दौरान विजय नाम देव, आशुतोष, विवेक चौबे, मनीष जैन, मनीष मिश्रा, अरुण अग्रवाल को राज्यपाल ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही राज्यपाल ने 5 आंगनबाड़ी केंद्रों की मधु,रूपवती,मुनाजारा,बबीता,मंजू को प्री-स्कूल किट प्रदान की गई। राज्यपाल ने राजभवन से विद्यालय के लिए पाठ्यपुस्तक प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार को प्रदान की गई। महापौर सुनीता दयाल ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनाने से बच्चों के दिमाग में और तेजी से विकास होगा। राज्यपाल को मंडल आर्ट की 100 पुस्तके भेंट की गई। इस एआई केंद्र का इम्पलीमेंट इन्नोजिकल इन्नोवेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कार्य किया जा रहा है।
जनपद में 1371 आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे 41,318 बच्चे
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि जनपद में कुल 1371 आंगनबाड़ी केंद्र है। इनमें शहरी क्षेत्र में 866 और ग्रामीण क्षेत्र में 505 केंद्र हैं। इनमें 3 से 6 वर्ष तक के कुल 41318 बच्चे हैं। जिनमें 20795 बालक व 20523 बालिका हैं। टाटा स्टील सहित अन्य कंपनियों,संस्थाओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण एवं पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा हैं। राज्यपाल द्वारा जनपद में देश की प्रथम ए.आई केंद्र का उद्घाटन करने पर हम उनके आभारी हैं। हम उनके सहयोग से जनपद में और भी अच्छे कार्य करेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा गर्भधारण से शिशु के 3 वर्ष तक के होने पर गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति एवं कुपोषण से संबंधित गीत प्रस्तुत किया।
रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट के गर्वनर प्रशांत राज शर्मा ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि हम शिक्षा के क्षेत्र में इन छोटे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए प्रयासरत रहे। उनके सुनहरे भविष्य को उन्हें सरलता से पाने के लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग कर रहे हैं। हमारे रोटरी क्लब के 160 प्रेजीडेंट हैं। मेरा आग्रह है कि वह कम से कम एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र को गोद लेकर उनमें सुधारात्मक कार्य करें। प्रथम चरण में 100 आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित करने का लक्ष्य है। कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि रोटरी क्लब द्वारा किए जा रहे कार्य और टाटा स्टील सहित अन्य द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कराने का सराहनीय कार्य हैं।




















