यूपीएस शिक्षक व कर्मचारी के हित में नहीं, शीघ्र होगा आंदोलन

गाजियाबाद। केंद्र सरकार पुरानी पेंशन बहाली की बजाए एनपीएस में सुधार कर एक नई पेंशन योजना एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) ले आई है। जिसके विरोध में अटेवा ने एक बार फिर से अपनी जंग छेड़ दी है। गाजियाबाद अटेवा जिला अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा ने बताया हमारा आंदोलन पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के लिए था। ओपीएस जैसा कोई भी प्रविधान यूपीएस में नहीं है, इसलिए सरकारी कर्मचारी अपना आंदोलन जारी रखेंगे। हमारी मांग मूल वेतन और महंगाई भत्ता को जोड़कर उसके 50 प्रतिशत पेंशन की है। यूपीएस में कर्मियों के योगदान में से केवल आखिर के छह माह के मूल वेतन की 50 प्रतिशत राशि पेंशन के रूप में मिलेगी। ऐसी स्थिति में तो एनपीएस ज्यादा बढिय़ा होगा, जबकि हमें एनपीएस स्वीकार्य ही नहीं।

ऐसे में हमारे लिए यूपीएस भला कैसे स्वीकार्य होगी। सरकार योगदान का सारा पैसा ले लेगी। यानी कर्मचारियों के साथ 10 प्रतिशत स्वयं का 18.5 प्रतिशत भी। हमारी मांग है कि योगदान की राशि सेवानिवृत्ति पर बिल्कुल जीपीएफ की तरह ही वापस कर दी जाए। उन्होंने कहा यूपीएस योजना शिक्षकों-कर्मचारियों के हित में नहीं है, बल्कि यह योजना एनपीएस से भी खराब है। अवकाश प्राप्ति के बाद एक निश्चित ब्याज के साथ मिल जाती थी। इसलिए हमें एनपीएस व यूपीएस में न उलझाया जाये, बल्कि ओपीएस को लागू कर दिया जाए। पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा, जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।