आईटीएस मोहन नगर में एमसीए कार्यक्रम के 28 वें बैच का शुभारंभ

-छात्र समय का सदुपयोग करके अपनी लगन एवं परिश्रम से चुनौतियों का करें सामना: डॉ कृष्णामूर्ति राजेश
-शिक्षा का अर्थ केवल ज्ञान प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि समय के साथ सामाजिक जवाबदेही की भावना को विकसित करना भी है: अर्पित चड्ढा

गाजियाबाद। मोहन नगर स्थित आईटीएस परिसर में शनिवार को एमसीए कार्यक्रम के 28 वें बैच के ओरिएंटेशन कार्यक्रम अभिविन्यास का भव्य शुभारम्भ किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. कृष्णमूर्ति राजेश (ग्लोबल डायरेक्टर और हेड एंटरप्राइज आईटी, ग्रे ऑरेंज), मुख्य वक्ता प्रोसेनजीत मुखर्जी (सीआईओ और सीडीओ, जेडब्ल्यूआईएल, इंफ्रा लिमिटेड) और विशेष अतिथि रजनीश चड्ढा (सह-) थे। संस्थापक, ऐविज़ लैब्स प्राइवेट लिमिटेड)। कार्यक्रम का शुभारम्भ आईटीएस समूह के चेयरमैन डॉ आरपी चड्ढा, वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ,मुख्य अतिथि डॉ कृष्णामूर्ति राजेश, मुख्य वक्ता प्रसेनजीत मुखर्जी और विशिष्ठ अतिथि रजनीश चड्ढा, आईटीएस मोहन नगर के आईटी विभाग के निदेशक डॉ सुनील कुमार पांडेय, एमसीए विभाग की संयोजिका प्रो पूजा धर तथा सह संयोजिका प्रो स्मिता कंसल द्वारा मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

आईटीएस समूह के वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने अपने स्वागत संबोधन में नवागंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि आईटीएस हमेशा शिक्षा की उच्चतम गुणवत्ता प्रदान करने के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अर्थ केवल ज्ञान प्राप्त करना ही नहीं है, बल्कि समय के साथ विचारशीलता, नेतृत्व कौशल, और सामाजिक जवाबदेही की भावना को भी विकसित करने के बारे में है। इसके उपरांत आईटी विभाग के निदेशक डॉ सुनील कुमार पांडेय ने अपने सम्बोधन में सभी नए छात्रों का स्वागत किया और कहा कि आईटीएस छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सर्वदा प्रतिबद्ध रहा है तथा यहां छात्रों को अनुभवी शिक्षकों से शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा, महत्वपूर्ण अनुसंधान और परियोजनाओं में शामिल होने का और अपने सहयोगियों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। इस ओरिएंटेशन प्रोग्राम का उद्देश्य है कि छात्रों को हमारी शैक्षिक संस्कृति, कैम्पस सुविधाओं, और उनके शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास को समर्थन देने वाले विभिन्न संसाधनों से परिचित किया जाए। अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि डॉ कृष्णामूर्ति राजेश ने छात्रों को भविष्य में आने वाली चुनौतियों के बारे में अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि छात्र समय का सदुपयोग करके तथा अपनीलगन एवं परिश्रम से किसी भी प्रकार कि चुनौतियों का डट कर सामना कर सकते हैं। उन्होंने  कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आईटीएस द्वारा किये गए प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का सफर एक परिवर्तनात्मक होता है। यह छात्रों को ज्ञान के साथ-साथ विचारशीलता, समस्या समाधान कौशल, और दुनिया के प्रति एक व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करता है। अपने सम्बोधन में श्री प्रसेनजीत मुखर्जी ने जहां सूचना प्रौद्योगिकी के विकास पर चर्चा करते हुए गत दशकों में चरणबद्ध रूप में परिवर्तनों एवं नवीन तकनीकों के विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला।  उन्होंने सम्बोधन में कहा कि आज के परिपेक्ष्य में विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमों के साथ साथ सामयिक रूप से प्रयोगी कौशल एवं तकनीकों को समझने एवं निपुणता विकसित करने की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज वर्चुअल रियलिटी, बिग डाटा, रोबोटिक्स, मोबाइल अनुप्रयोग इत्यादि ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें रोजगार एवं स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं जिनके द्वारा अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर सकते है।

आवश्यकता इस बात की है की उसके लिए पूरे मन से प्रयास किया जाये। उन्होंने छात्रों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इसके उपरांत विशिष्ठ अतिथि रजनीश चड्ढा ने अपने सम्बोधन में सभी नए छात्रों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा का सफर एक परिवर्तनात्मक होता है। यह छात्रों को ज्ञान के साथ-साथ विचारशीलता, समस्या समाधान कौशल, और दुनिया के प्रति एक व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करता है। अपने सम्बोधन में एमसीए कार्यक्रम की संयोजिका प्रो पूजा धर ने कहा कि आईटीएस अपने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव कार्यरत रहता है। इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों के जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने सभी छात्रों का स्वागत किया तथा उन्हें संस्था द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में अवगत कराया।

उन्होंने छात्रों को कहा कि मैं आपको सलाह देती हूँ कि वे यहां न केवल अपने शैक्षिक प्रयासों में उत्कृष्टता प्राप्त करके, बल्कि साक्षरता कार्यक्रमों, क्लब्स, और समुदाय सेवा में सक्रिय भाग लेकर अपने समय का सदुपयोग करें। सात दिन चलने वाले कार्यक्रम अभिविन्यास में डॉ रीता सेन गुप्ता (निदेशक (बीएस), एनआईईएसबीयूडी), डॉ नीरज चंदोक (शिक्षाविद, ग्राहक केंद्रित और नेतृत्व कोच), डॉ ताज़ीन रहमान (ट्रांसफॉर्मिंग ट्रॉमा एंड एम्पावरिंग माइंड्स कोच) वेद प्रकाश (एनएलपी ट्रेनर), और डॉ अमिताभ राजन (रिटायर आईएएस तथा चेयरमैन आरबीआई सर्विसेज बोर्र्ड) ने अपने विचार साझा किये। इस कार्यक्रम में एक द्वी दिवसीय ध्यान कार्यशाला का भी आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम के प्रथम दिन एमसीए पाठ्यक्रम के पुरातन छात्रों के साथ एक संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जिसमे उन्होंने नवप्रवेशी छात्रों को सम्बोधित किया तथा उनका मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर एमसीए विभाग के संकाय सदस्य तथा छात्र उपस्थित थे।