• डायरिया होने पर 50 प्रतिशत बच्चों को नहीं मिलता ओआरएस
• बच्चों में ये मौत का तीसरा बड़ा कारण, 7 जिलों में चलेगा डायरिया से डर नहीं कंपैन
उदय भूमि
गाजियाबाद। ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट) बनाने वाली प्रमुख कंपनी केनव्यू ने पॉपुलेशन सर्विसेज़ इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) के साथ मिलकर एक नई जनस्वास्थ्य पहल डायरिया से डर नहीं की शुरुआत की है। यह पहल भारत में बच्चों में डायरिया के कारण होने वाली मृत्यु दर को कम करने पर केंद्रित है, जो कि बच्चों के लिए मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण है। इस पहल का लक्ष्य अगले दो वर्षों में लगभग 5 मिलियन बच्चों तक पहुँचने का है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सात जिलों और बिहार के तीन जिलों में डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को कम करने और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार पर जोर दिया जाएगा। यह पहल सरकार के स्टॉप डायरिया अभियान को समर्थन प्रदान करेगी, जिसका उद्देश्य भारत में दस्त के कारण शून्य शिशु मृत्यु दर हासिल करना है। डायरिया के प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए समुदाय में जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना। आशा कार्यकर्ताओं, सेवा प्रदाताओं और देखभालकर्ताओं की क्षमता निर्माण, जो डायरिया के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चों में डायरिया के मामलों की शीघ्र पहचान करना और ओआरएस तथा जिंक के वितरण को बढ़ावा देना।
यह पहल उत्तर प्रदेश के बदायूं, मथुरा, उन्नाव, मुरादाबाद, गोंडा, श्रावस्ती और फिरोजाबाद जिलों में लागू की जाएगी, साथ ही बिहार के तीन जिलों में भी इसकी शुरुआत होगी। इन क्षेत्रों में दस्त प्रबंधन के लिए एकीकृत उपायों पर काम किया जाएगा, जिसमें रोकथाम और उपचार दोनों पहलू शामिल हैं। केनव्यू के बिजनेस यूनिट हेड, प्रशांत शिंदे ने कहा कि हमारा प्रतिष्ठित इलेक्ट्रोलाइट ब्रांड ह्रक्रस्रु पिछले 20 वर्षों से फ्लूइड, इलेक्ट्रोलाइट और एनर्जी पर वैज्ञानिक अनुसंधान कर रहा है। हाल ही में लॉन्च किए गए रेडी टू ड्रिंक ओआरएस-डब्लूएचओ अप्रूव्ड फॉर्मूला के साथ, हमने अपने हाइड्रेशन पोर्टफोलियो का विस्तार किया है, जो दस्त से तेज़ी से रिकवरी में सहायता करता है। पीएसआई इंडिया के डायरेक्टर, हितेश साहनी ने कहा, बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं और उनका स्वास्थ्य सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हम इस पहल के माध्यम से स्वच्छता, संतुलित पोषण, दस्त की शीघ्र पहचान और प्रभावी दस्त प्रबंधन के लिए ओआरएस और जिंक के सही उपयोग को बढ़ावा देंगे। यह पहल भारत के विभिन्न हिस्सों में बच्चों की मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केनव्यू और पीएसआई इंडिया की साझेदारी से यह उम्मीद की जा रही है कि डायरिया से लड़ाई में बड़ी सफलता प्राप्त होगी और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार आएगा। डायरिया से डर नहीं पहल के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और ओआरएस तथा जिंक के सही उपयोग से डायरिया के मामलों में सुधार की उम्मीद है। इस पहल का विस्तार आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों में भी किया जा सकता है, जिससे देशभर में डायरिया के खिलाफ एक मजबूत अभियान चलाया जा सके।















