-खेत-जंगल, गांव-शहर हर कोना खंगाल रही आबकारी विभाग की टीम, माफिया बेनकाब
-राजधानी में तस्करी, निर्माण और बिक्री के अवैध नेटवर्क पर चला आबकारी विभाग का शिकंजा
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अवैध शराब के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई अभियान बन चुकी है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह के नेतृत्व में विभाग की टीम लगातार माफिया, तस्करों और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए है। चाहे हाईवे हो या हाइवे के किनारे बसे गांव, जंगल हो या खेत कहीं भी शराब माफिया अब खुद को सुरक्षित नहीं समझ रहा। आबकारी विभाग के एक्शन से न सिर्फ जिले में अवैध शराब के धंधे की कमर टूटी है, बल्कि इस मुहिम ने साफ संदेश दे दिया है कि अब कानून के हाथ और मजबूत हुए हैं। मंगलवार को आबकारी निरीक्षक अभिषेक सिंह और थाना माल की संयुक्त दबिशों में ग्रामीण इलाकों के केडोरा और कल्याणपुर गांव से 30 लीटर कच्ची शराब और 100 किलो लहन बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। मामला केवल छापेमारी का नहीं है। आबकारी विभाग अब उस गहरी और छिपी हुई जड़ों को उखाडऩे में जुटा है जहां वर्षों से कच्ची शराब का धंधा फल-फूल रहा था। महुआ से बनने वाली शराब के छोटे-छोटे भट्टियों को घरों में छिपाकर तैयार किया जाता है और फिर जंगलों, बागों या खेतों में छिपाकर रखा जाता है। आबकारी टीम अब इन नेटवर्क को भेदने में पूरी तरह सफल हो रही है। राजधानी स्तर पर इतने व्यापक स्तर पर लगातार दबिश और गिरफ्तारी की रणनीति पहली बार देखने को मिल रही है।
आबकारी विभाग के साथ पुलिस की तालमेल से कार्रवाई ज्यादा प्रभावी हुई है। गांवों से लेकर शहरों तक, हर वर्ग में इस मुहिम को लेकर सकारात्मक संदेश जा रहा है। लखनऊ में आबकारी विभाग का यह ऑपरेशन सिर्फ माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज के लिए एक जागरूकता अभियान बन गया है। तस्करों की रातों की नींद उड़ चुकी है और आमजन को राहत मिलने लगी है। अगर यही रफ्तार रही, तो वह दिन दूर नहीं जब राजधानी में अवैध शराब का नामोनिशान नहीं रहेगा।
शराब तस्करी पर पैनी नजर
राजमार्ग और राष्ट्रीय राजमार्गों पर बाहरी राज्यों से आने वाले शराब तस्करों की भी धरपकड़ जारी है। हर दिन दर्जनों वाहनों की गहन चेकिंग की जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर शराब की तस्करी न हो सके।
लाइसेंसी दुकानों पर सख्ती
शहर की लाइसेंसी शराब दुकानों पर भी विभाग की निगरानी तेज है। ओवररेटिंग की शिकायतों पर विभाग ने टेस्ट परचेजिंग की रणनीति अपनाई है और पकड़े जाने पर सख्त चेतावनी जारी की गई है।
जनजागरूकता के लिए भी मिशन मोड पर विभाग
आबकारी विभाग का यह अभियान सिर्फ कानून का डर दिखाने तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर विभाग की टीमें लोगों को अवैध शराब के दुष्परिणाम समझाकर उन्हें इस कार्य से दूर रहने की अपील भी कर रही हैं।
अधिकारियों की सख्त चेतावनी
जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—अवैध शराब के धंधे को खत्म करना। जो भी इस काम में लिप्त मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। टीमों को 24 घंटे एक्टिव रखा गया है। लखनऊ को अवैध शराब से मुक्त करने का संकल्प अब जल्द ही साकार होने वाला है।

















