-मोबाइल लुटेरे गिरोह का डीसीपी सिटी की टीम ने किया पर्दाफाश
-दो शातिर बदमाश गिरफ्तार, 16 मोबाइल और चोरी की बाइक बरामद
-नगर क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाने के लिए डीसीपी सिटी की रणनीति ला रही रंग, जनता में लौट रहा भरोसा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाने और अपराधियों की कमर तोडऩे के लिए डीसीपी सिटी धवल जायसवाल द्वारा अपनाई गई सख्त रणनीति और प्रोएक्टिव कार्यशैली का अब असर दिखने लगा है। नगर क्षेत्र में लगातार हो रही त्वरित कार्रवाई, चेकिंग अभियान और टेक्नोलॉजी के सहयोग से पुलिस की मजबूत पकड़ ने आपराधिक तत्वों की नींद उड़ा दी है। डीसीपी धवल जायसवाल ने पदभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि अपराध और अपराधियों के लिए गाजियाबाद में कोई जगह नहीं होगी। इसके लिए उन्होंने न सिर्फ हर थाना क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई बल्कि विशेष टीमों का गठन कर रात्रि गश्त, चौराहों पर चेकिंग, बाजारों में निगरानी और हाई अलर्ट मोड पर पुलिस बल को सक्रिय कर दिया। पुलिस अब पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से मजबूत हो रही है।
सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस टीम, मुखबिर तंत्र और कॉल डिटेल्स के माध्यम से अपराधियों पर पहले से नजर रखी जा रही है। यही कारण है कि हाल ही में मोबाइल लूट, झपटमारी और चोरी के कई मामलों का 24 घंटे के भीतर खुलासा किया गया है। शुक्रवार को चोरी एवं लूट की घटना का खुलासा करते हुए एसीपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि गुरुवार रात करीब 10:30 बजे पुलिस टीम रामलीला ग्राउंड के गेट नंबर-2 पर गश्त कर रही थी तभी मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक चोरी की बाइक से घंटाघर की तरफ से आकर रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे हैं और उनके पास लूटे गए मोबाइल हैं। थोड़ी ही देर बाद घटनास्थल पर एक बाइक सवार युवक जोड़ी दिखाई दी। पुलिस के इशारा करने पर वे बाइक मोड़कर भागने लगे लेकिन हड़बड़ाहट में उनकी बाइक फिसल गई, जिसके बाद उन्हें घेरकर दबोच लिया गया। तलाशी में आरोपियों के पास से एक बैग में 16 मोबाइल फोन बरामद हुए।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे सड़क चलते लोगों से मोबाइल लूट या चोरी करते हैं और उन्हें औने-पौने दाम पर बेच देते हैं। आरोपियों की पहचान अयूब और सलीम, निवासी मोहल्ला बाजीगरान, डासना (थाना वेव सिटी) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद बाइक भी तीन महीने पहले विजयनगर क्षेत्र से चोरी हुई थी। आरोपियों ने 9 जून को जस्सीपुरा कट से एक व्यक्ति का मोबाइल छीनकर 3 हजार में बेचने की बात कबूली है। बरामद 2,000 रुपये उसी रकम के बचे हुए पैसे हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 9 मई को सुबह मेट्रो स्टेशन से एक व्यक्ति और 9 जून को सुबह 4 बजे एक ई-रिक्शा चालक से मोबाइल छीनने की घटनाओं को अंजाम दिया था।
पुलिस की मौजूदगी बनी अपराधियों की दुश्मन
डीसीपी धवल जायसवाल ने खुद फील्ड में उतरकर निरीक्षण किया, और अपने अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि हर क्षेत्र में पुलिस की प्रभावी मौजूदगी दर्ज हो। गली-गली, बाजार, मेट्रो स्टेशन से लेकर सुनसान रास्तों तक पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। इसका परिणाम यह है कि अपराध की घटनाओं में प्रत्यक्ष रूप से गिरावट दर्ज की जा रही है।
जनता को मिला सुरक्षा का एहसास
शहरवासियों का पुलिस पर विश्वास बढ़ा है। पुलिस अब शिकायत मिलने पर तुरंत प्रतिक्रिया दे रही है। मोबाइल झपटमारी, बाइक चोरी, महिलाओं से बदसलूकी जैसे मामलों में अब लापरवाही की बजाय तीव्र जांच और त्वरित एक्शन लिया जा रहा है।

डीसीपी सिटी
नगर क्षेत्र को अपराधमुक्त बनाना हमारा मिशन है। हर नागरिक को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाना हमारा संकल्प है। अपराधियों को या तो सुधरना होगा या फिर जेल जाना होगा। कोई तीसरा रास्ता नहीं। धवल जायसवाल की अगुवाई में गाजियाबाद पुलिस पूरी ताकत से सक्रिय है और आने वाले समय में यह उम्मीद की जा रही है कि शहर को पूरी तरह से अपराधमुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक सफलता मिलेगी। पुलिस की सख्ती और रणनीतिक कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त हैं और जनता राहत की सांस ले रही है।
धवल जायसवाल
डीसीपी सिटी
















