कुशीनगर के DM महेंद्र सिंह तंवर ने की स्पेस साइंस को गांव-गांव तक पहुंचाने की अनूठी पहल, कुशीनगर में दो दिवसीय अंतरिक्ष विज्ञान प्रतियोगिता आयोजित, ISRO इन स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया ने किया सहयोग

अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति छात्रों का रुझान बढ़ाने के लिए कुशीनगर के DM महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में दो दिवसीय प्रतियोागिता कराई गई। इसरो, इन स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया कंपनी के संयुक्त प्रयास से कैन साइज के सैटेलाइट सफलतापुर लांच किए गए। ये सैटेलाइट छात्रों ने डिजाइन किए थे। रकबा जंगलीपट्टी के एपी बांध स्थित गंडक नदी के किनारे राकेट व सेटेलाइट की लांचिंग की गई। इसमें इसरो के वैज्ञानिक विनोद कुमार, अभिषेक सिंह, विजया श्री, केके त्रिपाठी, डॉ. बृजेश सोनी, अनंत मधुकर और ट्रस्ट टेक इंडिया कंपनी के अनंत अग्रवाल, सुभद्र गुप्ता, अद्वैत सधाना की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी गई। वैज्ञानिकों ने कहा कि इस कार्यक्रम से युवाओं में स्पेस टेक्नोलॉजी के प्रति रुझान बढ़ेगा। वह इस क्षेत्र में आने के लिए उत्सुक होंगे।

उदय भूमि संवाददाता
कुशीनगर। छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए कुशीनगर के रकबा जंगलीपट्टी में दो दिवसीय प्रतियोगिता हुई। इसरो, इन स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया कंपनी के संयुक्त प्रयास से कैन साइज के सैटेलाइट सफलतापुर लांच किए गए। ये सैटेलाइट छात्रों ने डिजाइन किए थे। जिले के रकबा जंगलीपट्टी गांव की फिजा में शनिवार को विज्ञान की उड़ान गूंज उठी, जब छात्रों द्वारा डिजाइन किए गए सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लांच किया गया। ये ऐतिहासिक उपलब्धि डीएम महेंद्र सिंह तंवर की दूरदर्शिता और वैज्ञानिक सोच के चलते संभव हो सकी, जिन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान को छात्रों तक पहुँचाने के लिए दो दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन कराया। छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति छात्रों का रुझान बढ़ाने के लिए कुशीनगर के डीएम महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में दो दिवसीय प्रतियोागिता कराई गई।

इन-स्पेस मॉडल रॉकेट्री, कैनसैट इंडिया छात्र प्रतियोगिता का आयोजन एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (एएसआई) द्वारा भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस), इसरो और अन्य संघों के सहयोग से किया गया। शनिवार शाम रकबा जंगलीपट्टी के एपी बांध स्थित गंडक नदी के किनारे राकेट व सेटेलाइट की लांचिंग की गई। इसमें इसरो के वैज्ञानिक विनोद कुमार, अभिषेक सिंह, विजया श्री, केके त्रिपाठी, डॉ. बृजेश सोनी, अनंत मधुकर और ट्रस्ट टेक इंडिया कंपनी के अनंत अग्रवाल, सुभद्र गुप्ता, अद्वैत सधाना की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी गई। वैज्ञानिकों ने कहा कि इस कार्यक्रम से युवाओं में स्पेस टेक्नोलॉजी के प्रति रुझान बढ़ेगा। वह इस क्षेत्र में आने के लिए उत्सुक होंगे।

स्पेस साइंस अब गांव-गांव तक पहुँचेगा
वैज्ञानिकों ने बताया कि लांचिंग शनिवार शाम 5:15 बजे की गई। राकेट 1.126 मीटर की ऊंचाई पर गया। फिर पैराशूट से केन आकार के सेटेलाइट के साथ धीरे-धीरे लांचिंग पैड से करीब 500 मीटर की दूरी पर गिर गया। इस खास मौके के गवाह सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, डीएम महेंद्र सिंह तंवर, एडीएम वैभव मिश्र, सीडीओ गुंजन द्विवेदी, एसडीएम ऋषभ देवराज पुंडीर, सीओ राकेश प्रताप सिंह आदि बने। सांसद त्रिपाठी ने कहा कि रकबा जंगलीपट्टी में दो दिवसीय प्रतियोगिता में कैन साइज के सैटेलाइट लांच किए गए। इनका डिजाइन छात्रों ने बनाया है। प्रतियोगिता में भारतभर के विभिन्न कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के छात्रों की तरफ से लांच साइट से 1000 मीटर की ऊंचाई पर मॉडल रॉकेट व कैन आकार के उपग्रह का डिजाइन, विकास और प्रक्षेपण किया गया। लॉन्चर विकल्पों के सावधानीपूर्वक मूल्यांकन के बाद, इन कैनसैट के प्रक्षेपण के लिए ट्रस्ट टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया है।

रॉकेट प्रतियोगिताएं बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव

महेंद्र सिंह तंवर
जिलाधिकारी, कुशीनगर

इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी नवाचार के प्रति रुचि को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के छात्रों को भी वैश्विक मंच पर सोचने और आगे बढऩे का अवसर प्रदान करती हैं। रॉकेट और सेटेलाइट प्रतियोगिताएं छात्रों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होती हैं। ये गतिविधियां नवाचार, टीम वर्क, नेतृत्व, और वैज्ञानिक दृष्टिकोण जैसे गुणों का विकास करती हैं।
महेंद्र सिंह तंवर
जिलाधिकारी, कुशीनगर