-एआई आधारित इंडियन साइन लैंग्वेज ट्रांसलेटर इशारा ने जीता एकेटीयू नवोन्मेष आइडिया चैलेंज 2025, 21,000 का नकद पुरस्कार
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ/गाजियाबाद। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू) द्वारा आयोजित नवोन्मेष आइडिया चैलेंज 2025 में गाजियाबाद स्थित राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरकेजीआईटी) ने अपनी प्रतिभा और नवाचार से एक बार फिर प्रदेशभर में झंडे गाड़ दिए। इस ग्रैंड इनोवेशन कॉन्टेस्ट का आयोजन 9-10 जून को ए.के.टी.यू. कैंपस, लखनऊ में 24 घंटे के मैराथन हैकाथॉन के रूप में किया गया। प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की 280 से अधिक टीमों ने भाग लिया। पहले राउंड में चुने गए 100 श्रेष्ठ आइडियाज में से 50 को $फाइनल राउंड के लिए आमंत्रित किया गया, जिनमें से आरकेजीआईटी की टीम साइबर विजेता ने टॉप 6 में स्थान बनाकर सबका ध्यान खींचा।
इस टीम में कंप्यूटर साइंस (डेटा साइंस) द्वितीय वर्ष के छात्र कृष्णव तलुकदर एवं करन सिंह नेगी शामिल थे, जिन्होंने बधिर एवं मूकजनों की कठिनाइयों को समझते हुए एक एआई आधारित रियल टाइम इंडियन साइन लैंग्वेज ट्रांसलेटर ‘इशाराÓ का सफल विकास किया। प्रतियोगिता के समापन पर टीम को 21,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सिंह पटेल, एवं एकेटीयू कुलपति प्रो. जय प्रकाश पांडेय द्वारा प्रदान किया गया।
आरकेजीआईटी के डीन (ई.आई.आई.) डॉ. पुनीत चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि यह प्रोजेक्ट न केवल तकनीकी उत्कृष्टता का उदाहरण है, बल्कि सामाजिक समावेशन की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। उन्होंने छात्रों की इस उपलब्धि को संस्थान के लिए गर्व की बात बताया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर संस्थान के वाइस चेयरमैन श्री अक्षत गोयल, ग्रुप एडवाइजर डॉ. लक्ष्मण प्रसाद, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. डी.के. चौहान, डायरेक्टर डॉ. बी.सी. शर्मा एवं डीन अकैडमिक्स डॉ. आर.के. यादव ने छात्रों के नवाचार, परिश्रम और विजन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
















