-तीन नए शेड और मजबूत चारदीवारी से बढ़ेगी गोवंश की सुरक्षा
-लावारिस पशुओं की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में बड़ा कदम
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती लावारिस गोवंश की समस्या से निपटने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पौवारी गांव स्थित गोशाला के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। गोवंश संरक्षण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यहां तीन नए शेड बनाए जाएंगे और पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। विकास कार्यों पर करीब 4.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्राधिकरण द्वारा निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और एक माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। पौवारी गांव के समीप स्थित यह गोशाला बीते वर्ष शुरू की गई थी और वर्तमान में क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण गौ संरक्षण इकाइयों में शामिल हो चुकी है। लगभग 21 बीघा क्षेत्रफल में फैली इस गोशाला में फिलहाल 500 से अधिक गोवंशों का संरक्षण और पालन किया जा रहा है। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं की संख्या लगातार बढऩे के कारण प्राधिकरण पर गोशालाओं की क्षमता बढ़ाने का दबाव था। इसी को ध्यान में रखते हुए पौवारी गोशाला को विस्तारित करने का निर्णय लिया गया।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार नए निर्माण कार्य के तहत 12 वर्गमीटर और 30 वर्गमीटर आकार के तीन आधुनिक शेड बनाए जाएंगे। इन शेडों में गोवंशों को गर्मी, बारिश और सर्दी से बेहतर सुरक्षा मिलेगी। नए शेड बनने के बाद पशुओं के आराम, स्वास्थ्य और देखभाल की व्यवस्था पहले से अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। साथ ही गोशाला परिसर की पूरी भूमि को चारदीवारी से सुरक्षित किया जाएगा, जिससे पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और बाहरी अवांछित गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकेगी। गोशाला की वर्तमान क्षमता लगभग 500 गोवंशों की है, जिसे बढ़ाकर 1000 तक करने की योजना बनाई गई है। क्षमता बढऩे से शहर में सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे सड़क हादसों में कमी आने के साथ किसानों की फसलों को नुकसान से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक समाधान साबित होगी। पौवारी गोशाला पहले से ही आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। करीब 6.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस गोशाला में बीमार पशुओं को अलग रखने के लिए विशेष व्यवस्था, पशु चिकित्सक कक्ष, पानी और चारे की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। गायों और नंदी के लिए पहले ही 11 शेड बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा गोवंशों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों के रहने के लिए भी कमरे तैयार किए गए हैं, जिससे चौबीसों घंटे पशुओं की निगरानी संभव हो सके।
नई योजना के अंतर्गत गोशाला परिसर में हरे चारे की खेती भी विकसित की जाएगी। इससे पशुओं को ताजा और पौष्टिक चारा उपलब्ध होगा तथा चारा खरीद पर होने वाले अतिरिक्त खर्च में भी कमी आएगी। अधिकारियों का कहना है कि आत्मनिर्भर गोशाला मॉडल विकसित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह ने बताया कि गोशाला विस्तार की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। निविदा जारी कर दी गई है और निर्माण एजेंसी का चयन होते ही कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए शेड और चारदीवारी निर्माण से गोवंशों की सुरक्षा और सुविधाएं दोनों बेहतर होंगी। वहीं जीएम प्रोजेक्ट ए.के. सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में बढ़ती लावारिस पशुओं की समस्या को देखते हुए गोशालाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। पौवारी गोशाला का विस्तार इसी योजना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सुविधाएं बढऩे से अधिक संख्या में पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकेगा और शहर की यातायात व्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी प्राधिकरण की इस पहल का स्वागत किया है।
उनका मानना है कि गोशालाओं की क्षमता बढऩे से सड़कों पर पशुओं की आवाजाही कम होगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और नागरिकों को राहत मिलेगी। यदि इसी प्रकार योजनाबद्ध तरीके से गौ संरक्षण केंद्र विकसित किए गए तो ग्रेटर नोएडा भविष्य में मॉडल गौ प्रबंधन प्रणाली के रूप में पहचान बना सकता है। पौवारी गोशाला का विस्तार न केवल पशु संरक्षण बल्कि पर्यावरण संतुलन और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

महाप्रबंधक परियोजना (जीएम प्रोजेक्ट)
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
पौवारी गोशाला की क्षमता बढ़ाने के लिए तीन नए शेड निर्माण की योजना तैयार की गई है। गोवंश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर की चारदीवारी भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में बढ़ती लावारिस पशुओं की समस्या को नियंत्रित करने के लिए गोशालाओं का विस्तार आवश्यक है। निर्माण कार्य की निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा, जिससे अधिक संख्या में गोवंशों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा सकेगा।
ए.के. सिंह
महाप्रबंधक परियोजना (जीएम प्रोजेक्ट)
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
















