नगर निगम के दुकानों का बढ़ेगा किराया, शासन ने लगाई मुहर

शासनादेश के अनुसार नई दर पर किराया वसूले जाने से नगर निगम की आय में काफी बढ़ोत्तरी होगी। अनुमान है कि आमदनी 10 करोड़ रुपये से भी अधिक बढ जाएगी। शहर में विभिन्न प्रमुख स्थानों पर नगर निगम की 1702 दुकानें हैं। नगर निगम द्वारा इन दुकानों को किराये पर दिया गया है। कई वर्षों से इन दुकानों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। शासन ने नगर आयुक्त को पत्र भेजा है कि उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 129 की उपधारा 4 एवं 5 में निहित प्रावधानों के अंतगर्त जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित वर्तमान सर्किल रेट एवं शासनादेश दिनांक 10 फरवरी 1997 में निहित निदेर्शों के अनुसार किराया वसूला जाये। 

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम की दुकानों का किराया बढ़ेगा। शासन ने वर्तमान मार्केट रेट या डीएम सर्किल रेट के अनुसार किराया वसूलने का आदेश दिया है। शासनादेश के अनुसार नई दर पर किराया वसूले जाने से नगर निगम की आय में काफी बढ़ोत्तरी होगी। अनुमान है कि आमदनी 10 करोड़ रुपये से भी अधिक बढ जाएगी। किराया बढ़ोत्तरी के खिलाफ कई बार दुकानदार विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं और दुकानदारों की आड़ में राजनीतिक रोटियां भी खूब सेंकी गई है। लेकिन शासन के नवीनतम आदेश से नई दर से किराया वसूली का रास्ता साफ हो गया है। शासनादेश के बाद कम दर से किराया वसूलना मुश्किल होगा।
शहर में विभिन्न प्रमुख स्थानों पर नगर निगम की 1702 दुकानें हैं। नगर निगम द्वारा इन दुकानों को किराये पर दिया गया है। कई वर्षों से इन दुकानों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। नगर निगम ने डीएम सर्किल रेट से किराया बढ़ाने का निर्णय लिया था। दुकानदारों के विरोध एवं राजनीतिक कारणों से इस पर अमल नहीं हो पा रहा था। दुकानों की किराया बढ़ोत्तरी के मामले में गाजियाबाद नगर निगम द्वारा शासन को पत्र लिखकर राय मांगी थी। इस पर शासन ने नगर आयुक्त को पत्र भेजा है कि उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 129 की उपधारा 4 एवं 5 में निहित प्रावधानों के अंतगर्त जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित वर्तमान सर्किल रेट एवं शासनादेश दिनांक 10 फरवरी 1997 में निहित निदेर्शों के अनुसार किराया वसूला जाये। किराया बढ़ोत्तरी का निर्णय लगातार निगम अधिकारियों तथा दुकानदारों के बीच विचार हुए विमर्श के बाद लिया गया है। जिस पर शासन ने मुहर लगाई है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम की दुकानों की संपत्तियां के किराया निर्धारण के संबंध में 14 अगस्त 2025 को शासन के द्वारा पत्र भेजा गया है जिसमें गाजियाबाद नगर निगम द्वारा चाहे गए मार्गदर्शन के क्रम में निर्णय दिया है। संबंधित टीम व अधिकारियों को दिए गए निर्देश के क्रम में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि शासन द्वारा बहुत ही सुंदर निर्णय लिया है जो कि जनहित के लिए लाभकारी है जिनका स्वागत सभी अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि करते हैं। अधिकारियों को शासन के निर्देश के क्रम में तत्काल कार्यवाही करने के लिए कहा गया है। महापौर द्वारा व्यापारियों से भी शासन द्वारा लिए गए निर्णय के क्रम में शहर हित में किराया जमा करने के लिए कहा गया तथा सभी को शुभकामनाएं भी दी गई।