-रोजाना जनसुनवाई से मिल रही है आम नागरिकों को राहत
-निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील कार्यशैली के लिए जनता कर रही तारीफ
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद के निर्देश पर शुक्रवार को भी पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेन्द्र नाथ तिवारी ने हर दिन की तरह शुक्रवार को अपने कार्यालय सहायक पुलिस आयुक्त अंकुर विहार में जनसुनवाई की। शिकायत लेकर पहुंचे फरियादियों से उन्होंने आत्मीय संवाद किया, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और तत्काल संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। डीसीपी ग्रामीण की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे केवल शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि हर मामले की गहराई से जानकारी लेकर समाधान तक की निगरानी करते हैं। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्र का आम नागरिक खुद को असहाय नहीं समझता, बल्कि उसे विश्वास रहता है कि उसकी बात अब सीधे उच्च अधिकारी तक पहुँच रही है।
जनसुनवाई में आये लोगों ने कहा कि सुरेन्द्र नाथ तिवारी का व्यवहार बेहद सहज और संवेदनशील है। वह हर फरियादी को पूरा समय देते हैं और समस्या के समाधान तक उसका साथ निभाते हैं। जनता का मानना है कि उनकी कार्यशैली ने पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान को नई ऊँचाई दी है। पुलिस उपायुक्त ग्रामीण ने स्पष्ट कहा कि गाजियाबाद पुलिस की प्राथमिकता जनता को न्याय दिलाना है। कोई भी शिकायत छोटी या बड़ी नहीं होती, हर व्यक्ति की परेशानी हमारे लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि किसी शिकायत को जानबूझकर लटकाया गया तो सम्बंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। दरअसल, गाजियाबाद पुलिस आयुक्तालय में रोज़ाना आयोजित हो रही जनसुनवाई एक ऐसा मंच बन चुकी है, जहाँ आम नागरिक बिना किसी भय और दबाव के अपनी बात रख सकता है।
सुरेन्द्र नाथ तिवारी की प्रतिबद्धता और जमीनी स्तर पर काम करने की शैली ने इस पहल को और प्रभावी बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी नेतृत्व क्षमता और सक्रियता के कारण ही ग्रामीण क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। वे न केवल शिकायत सुनते हैं, बल्कि मौके पर जाकर हालात की समीक्षा करने में भी पीछे नहीं रहते। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्र की जनता उन्हें जनता के सच्चे प्रहरी के रूप में देखने लगी है।
















