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उद्योग बन्धुओं की समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा, जनता की शिकायतें रहेंगी सर्वोच्च प्राथमिकता
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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर बड़ा फोकस, पारदर्शिता और मूलभूत सुविधाओं पर बल
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उद्योग बन्धुओं की समस्याओं के त्वरित समाधान व जनता की शिकायतों के निस्तारण पर जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद के प्रभारी मंत्री एवं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने मंगलवार को जिले में व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक से पहले उन्होंने डाबर औद्योगिक इकाई का भ्रमण किया और डाबर कॉन्फ्रेंस हॉल में उद्यमियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रभारी मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो और गाजियाबाद उद्योग जगत के लिए और अधिक अनुकूल वातावरण बने। डाबर इकाई के दौरे के बाद प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन गाजियाबाद में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक के शुभारम्भ में पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़, जिलाधिकारी दीपक मीणा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कल्पना सक्सेना, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक सहित जिले के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। वहीं जनप्रतिनिधियों में जिला पंचायत अध्यक्षा ममता त्यागी, महापौर सुनीता दयाल, विधायक संजीव शर्मा, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल और जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी अतिथियों ने माननीय मंत्री का पौधा भेंटकर स्वागत किया।
प्रभारी मंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस योजना का वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी उद्यमी आवेदन कर रहे हैं या नए व्यवसाय शुरू कर रहे हैं, उनके समक्ष यदि कोई भी अड़चन आती है तो अधिकारियों को तुरंत उसका समाधान सुनिश्चित करना होगा। श्री असीम अरुण ने कहा कि देश की प्रगति उद्योगों से होती है। जब नए-नए उद्योग लगेंगे तभी विकास की गति तेज होगी। इसके साथ ही मूलभूत सुविधाएं, सौंदर्यकरण और बुनियादी ढांचे का विकास भी हमारी प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री ने बैठक में जोर देकर कहा कि जनता की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश है और यहां जनता की उम्मीदों से ही सरकारें बनती हैं। जब जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनती है तो वह विश्वास करती है कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा। इसलिए अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों और शिकायतों को गंभीरता से लेकर तुरंत कार्यवाही करें और उसका फीडबैक भी सुनिश्चित करें। बैठक का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि जनप्रतिनिधि, अधिकारी और उद्योग जगत मिलकर यदि सामंजस्य से काम करें तो गाजियाबाद न केवल प्रदेश बल्कि देश के औद्योगिक मानचित्र पर और मजबूत पहचान बनाएगा।
औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं पर चर्चा
बैठक में साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र और अन्य जगहों पर उद्योग बन्धुओं की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे उद्योग बन्धुओं के साथ निरंतर समन्वय बनाकर चलें और यदि किसी कर (टैक्स) की योजना लागू की जाती है तो उसे पारदर्शिता के साथ उद्योग जगत को पहले से अवगत कराएं।
जनप्रतिनिधियों ने रखीं क्षेत्रीय समस्याएं
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं। जिला पंचायत अध्यक्षा ममता त्यागी ने लोनी क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण की समस्या उठाई। महापौर सुनीता दयाल ने बुलंदशहर रोड स्थित डायमंड फ्लाईओवर के पास ग्रीन बेल्ट पर अवैध गेट खोलने और प्रतीक बिल्डर द्वारा नाले को जि़गजैक बनाने की समस्या रखी। विधायक संजीव शर्मा ने विजयनगर क्षेत्र में हेमर कम्पनी और कार्बन फैक्ट्री से हो रही परेशानियों की ओर ध्यान दिलाया। महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने आरडीसी क्षेत्र में आपातकालीन स्थिति में यातायात अव्यवस्था की बात कही। जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह ने डासना क्षेत्र में मंदिर और गोचर भूमि पर अवैध कब्जे व सड़कों के निर्माण संबंधी मुद्दे उठाए। भोजपुर ब्लॉक प्रमुख सुचेता सिंह ने अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए कई मांगें रखीं।
मंत्री ने दिए सख्त निर्देश
प्रभारी मंत्री ने सभी बिन्दुओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों और सुझावों की गहन जांच की जाए और नियमानुसार त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य हर क्षेत्र का संतुलित विकास है। गाजियाबाद के सभी इलाकों में विकास कार्य समान प्राथमिकता से होंगे। जहां आवश्यकता अधिक है, वहां पहले काम कराया जाएगा।
















