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धरातल पर दिखेगा काम का असर, शिकायतों का समाधान ही निगम की प्राथमिकता: विक्रमादित्य सिंह मलिक
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहरवासियों की समस्याओं का त्वरित और ठोस समाधान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में मंगलवार को निगम मुख्यालय में संभव जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने की। सुबह से ही बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर निगम मुख्यालय पहुँचे और उन्होंने नगर आयुक्त के समक्ष अपनी बात रखी। जनसुनवाई के दौरान नगर आयुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कागजों में कार्रवाई दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि धरातल पर उसका असर दिखाई देना चाहिए। जनता को यह महसूस होना चाहिए कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है और उनकी समस्या का समाधान हो रहा है। सिविल विभाग की 12, स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी 3, बिजली (लाइट) विभाग की 2, संपत्ति से संबंधित 1, जल विभाग की 1, अतिक्रमण से जुड़ी 3 शिकायतें प्राप्त हुए।
बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक अवश्य लिया जाए। उनका कहना था कि फीडबैक से ही यह तय होगा कि शिकायत वास्तव में हल हुई है या नहीं। यदि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है तो इसका मतलब है कि निस्तारण अधूरा है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच निगम की छवि तभी सकारात्मक बनेगी, जब लोग अपनी समस्या के समाधान को महसूस करेंगे। इस जनसुनवाई में कुल पच्चीस शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें अधिकतर शिकायतें सिविल विभाग से संबंधित थीं। स्वास्थ्य विभाग, बिजली व्यवस्था, पानी की समस्या, संपत्ति कर विवाद और अतिक्रमण जैसे मुद्दे भी सामने आए। नगर आयुक्त ने प्रत्येक विभागीय अधिकारी को सख्त लहजे में हिदायत दी कि किसी भी शिकायत को टालमटोल करने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह समझना होगा कि हर शिकायत के पीछे एक नागरिक की परेशानी और उम्मीद जुड़ी है।
धरातल पर दिखेगा असर, नहीं बचेगी केवल औपचारिकता
नगर आयुक्त ने अपने संबोधन में साफ कहा कि निगम की कार्रवाई केवल औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जनता को काम का परिणाम सड़कों, गलियों और मोहल्लों में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सड़क टूटी है, नाली जाम है या स्ट्रीट लाइट खराब है तो उसका समाधान तुरंत होना चाहिए। काम का नतीजा वही है जो नागरिक प्रत्यक्ष देख और महसूस कर सकें।
संभव जनसुनवाई बनी नागरिकों की उम्मीदों का मंच
गाजियाबाद नगर निगम की “संभव जनसुनवाई” धीरे-धीरे जनता की उम्मीदों का मजबूत मंच बनती जा रही है। हर हफ्ते इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग पहुँचते हैं और अपनी बात सीधे नगर आयुक्त के सामने रखते हैं। निगम प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से न केवल शिकायतों का समाधान तेज़ी से हो रहा है बल्कि विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ रही है।
जनता की संतुष्टि ही निगम की सफलता का पैमाना
नगर आयुक्त ने इस अवसर पर कहा कि निगम की सफलता का असली पैमाना जनता की संतुष्टि है। जब लोग यह कहेंगे कि उनकी समस्या समय पर हल हुई है, तभी यह माना जाएगा कि निगम ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर समस्या को गंभीरता से लें और जनता को राहत दिलाने में कोई कोताही न बरतें।
















