-ओरिएंटेशन प्रोग्राम बना ज्ञान, प्रेरणा और उमंग का अद्वितीय संगम
-समूह निदेशक डॉ. सुधीर कुमार ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र
-अध्यक्ष एच.एस. बंसल ने कहा – चरित्र ही बनाता है असली पहचान”
-“मुख्य अतिथि मेजर जनरल प्रवीण कुमार ने नवाचार और जागरूकता पर दिया जोर
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने बुधवार को आरंभ 2025 ओरिएंटेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन कर एक नई परंपरा को आगे बढ़ाया। यह आयोजन संस्थान के नए छात्रों के लिए सिर्फ शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत नहीं बल्कि जीवन के नए अध्याय का उद्घाटन था। कार्यक्रम में प्रेरणा, मार्गदर्शन और उत्साह की अनूठी झलक देखने को मिली। पूरे परिसर में जोश, उमंग और भविष्य के सपनों की चमक महसूस की जा सकती थी। समूह निदेशक प्रो. (डॉ.) सुधीर कुमार ने अपने जोशीले संबोधन में कहा कि भविष्य उन लोगों का है जो सीखने की जिज्ञासा रखते हैं, कठिन परिस्थितियों में लचीले रहते हैं और जोखिम लेने का साहस दिखाते हैं। उन्होंने छात्रों को स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं बल्कि समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने की शक्ति है। डॉ. कुमार ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि एचआईएमटी का वातावरण उन्हें हर चुनौती का सामना करने और अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार करेगा।
समूह अध्यक्ष एच.एस. बंसल ने अपने आशीर्वचन में कहा कि एचआईएमटी में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। यहां पर अनुशासन, ईमानदारी, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों पर विशेष बल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि योग्यता किसी को अवसर दिला सकती है लेकिन असली पहचान उसका चरित्र ही बनाता है। श्री बंसल ने छात्रों को आश्वस्त किया कि संस्थान उनके बौद्धिक और नैतिक विकास दोनों का ख्याल रखेगा। मेजर जनरल प्रवीण कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए शिक्षा के बदलते आयामों पर प्रकाश डाला और कहा कि बदलते समय में सफलता का मार्ग केवल उन लोगों के लिए है जो नवाचार को अपनाते हैं और निरंतर सीखते रहते हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ तकनीकी और सामाजिक बदलावों के प्रति भी सजग रहें।
कीर्ति मिश्रा नारंग और मेजर मोहम्मद अली शाह गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को जीवन में संतुलन का महत्व समझाते हुए कहा कि शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ पाठ्येतर गतिविधियों में भी सक्रिय रहना चाहिए, तभी सच्चा व्यक्तित्व विकास संभव है। उनकी प्रेरक बातों ने छात्रों को नई ऊर्जा प्रदान की। प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता सोनू शर्मा ने छात्रों को सफलता का मूल मंत्र दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो व्यक्ति समय का सदुपयोग करना सीख जाता है, वही जीवन में ऊँचाई हासिल करता है। उनका संबोधन छात्रों के बीच उत्साह और आत्मविश्वास का संचार करता दिखा। पूरा हॉल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। कार्यकारी निदेशक डॉ. विक्रांत चौधरी ने कहा कि आरंभ 2025 हमारे संस्थान के लिए सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारे नए छात्रों के सपनों और उनकी शैक्षणिक यात्रा का प्रारंभ है।
एचआईएमटी हमेशा से ज्ञान, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के साथ समग्र विकास पर बल देता आया है। हमें विश्वास है कि यहां से निकलने वाला हर छात्र न केवल अपने करियर में ऊँचाइयाँ छुएगा, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक बदलाव का वाहक बनेगा। आज हमारे छात्रों को जो प्रेरणा मिली है, वह उनके जीवनभर का मार्गदर्शन बनेगी। इस अवसर पर एचआईएमटी के पूर्व छात्र गगनदीप शर्मा, प्रदीप कुमार शुक्ला और प्रमोद कुमार ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि एचआईएमटी ने उन्हें न केवल शिक्षा दी बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया। उनकी बातें सुनकर नए छात्रों के चेहरे उत्साह और उम्मीद से दमक उठे। इस अवसर पर एचआईएमटी परिवार के सभी वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे। अनिल कुमार बंसल (सचिव), अनमोल बंसल (संयुक्त सचिव), प्रो. (डॉ.) पंकज कुमार (निदेशक-मैनेजमेंट स्टडीज), प्रो. (डॉ.) अनुज मित्तल (निदेशक-फार्मेसी), प्रो. (डॉ.) अमित कुमार सिंह (प्राचार्य-स्कूल ऑफ लॉ), डॉ. मनोरमा (प्राचार्या-एजुकेशन), श्री नरेंद्र उपाध्याय (एचओडी-आईटी), डॉ. दिनेश कुमार (एचओडी-बायोटेक्नोलॉजी) और सभी संकाय सदस्यों ने अपनी उपस्थिति से समारोह को गौरवान्वित किया।
उमंग, जोश और उम्मीदों से गूंजा आरंभ 2025
पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण में उत्साह और जोश का संचार दिखाई दिया। नए छात्रों के चेहरे भविष्य की उम्मीदों और सपनों से रोशन थे। आरंभ 2025 ओरिएंटेशन कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि एचआईएमटी केवल शिक्षा देने वाला संस्थान नहीं बल्कि जीवन के हर पहलू को संवारने वाली वह शक्ति है जो आने वाली पीढिय़ों को सशक्त बनाती है। आरंभ 2025 ने एचआईएमटी की उस सशक्त परंपरा को दोहराया जिसमें शिक्षा, मूल्यों और नेतृत्व कौशल का संगम होता है। यह आयोजन छात्रों के जीवन में न सिर्फ एक शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत बल्कि सपनों की नई उड़ान का शुभारंभ बनकर यादगार रहेगा।


















