-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों को मॉनिटरिंग बढ़ाने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए
-जनसुनवाई में 25 विभागीय संदर्भ आए सामने, तुरंत शुरू हुई कार्रवाई
-स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान, जलकल विभाग की शिकायतों का त्वरित समाधान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम की ओर से आयोजित होने वाला ‘संभव जनसुनवाई दिवस एक बार फिर आम जनता की आवाज सुनने का सशक्त मंच बना। मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निगम अधिकारियों की टीम के साथ मिलकर नागरिकों की समस्याओं को सुना और त्वरित समाधान की दिशा में कदम उठाए। इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 25 संदर्भ सामने आए, जिन पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई भी शुरू कर दी। जनसुनवाई के दौरान नगर आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संभव में प्राप्त होने वाले संदर्भों का निस्तारण किसी भी हालत में विलंब से नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पहल तभी सफल होगी जब जनता को भरोसा हो कि उनकी शिकायतें सुनी भी जा रही हैं और उन पर समयबद्ध कार्यवाही भी हो रही है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों को मॉनिटरिंग और सघन करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में आए संदर्भों में जलकल और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी समस्याओं पर सबसे पहले ध्यान दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की छह शिकायतें सामने आईं, जिनमें सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों ने अपनी परेशानियां रखीं। इस पर नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि केवल मुख्य मार्गों पर ही नहीं, बल्कि वार्डों की आंतरिक गलियों में भी सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होनी चाहिए। इसके लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी को स्वयं प्रात:कालीन निरीक्षण करने और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। जलकल विभाग से कुल पांच संदर्भ सामने आए। इनमें पेयजल आपूर्ति, पाइप लाइन और जलभराव जैसी समस्याएं शामिल थीं। इन पर महाप्रबंधक जलकल कामाख्या प्रसाद आनंद को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार निर्माण विभाग की चार, प्रकाश विभाग की तीन, संपत्ति विभाग की दो, टैक्स विभाग की तीन, उद्यान विभाग की एक तथा अन्य विभाग से जुड़ी एक शिकायत दर्ज की गई। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक विभाग को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
जनसुनवाई के इस अवसर पर नगर आयुक्त ने अधिकारियों का हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि निगम का लक्ष्य केवल समस्याओं को सुनना नहीं बल्कि उनका समाधान करना है। जनता निगम से उम्मीद करती है और उन उम्मीदों पर खरा उतरना ही सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उपस्थित टीम को यह संदेश दिया कि संभव जैसे मंच नागरिकों और प्रशासन के बीच भरोसे की कड़ी को मजबूत करते हैं, और इस विश्वास को कायम रखना हर अधिकारी का दायित्व है। कार्यक्रम में नगर निगम की टीम ने सामूहिक कार्यसंस्कृति का भी परिचय दिया। संयुक्त नगर आयुक्त ओमप्रकाश, महाप्रबंधक जलकल कामाख्या प्रसाद आनंद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश, प्रभारी संपत्ति पल्लवी सिंह सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी पूरे समय मौजूद रहे और नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। अधिकारियों की तत्परता से यह संदेश भी गया कि निगम प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति न केवल संवेदनशील है, बल्कि त्वरित कार्रवाई के लिए भी तैयार है।
गाजियाबाद नगर निगम लगातार जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत है। संभव दिवस इसी कड़ी का एक अहम हिस्सा है, जहां नागरिकों को सीधे नगर आयुक्त और निगम अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखने का अवसर मिलता है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की सक्रियता और टीम की गंभीरता ने इस पहल को और अधिक प्रभावी बना दिया है। शहरवासियों का मानना है कि इस तरह की पहल से उनकी आवाज़ सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंच रही है और समस्याओं का निस्तारण भी तेजी से हो रहा है। इस प्रकार संभव जनसुनवाई केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि नगर निगम की जवाबदेही और पारदर्शिता का प्रतीक बन चुकी है। नगर आयुक्त की प्रतिबद्धता और अधिकारियों की तत्परता ने यह साबित कर दिया है कि नगर निगम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है।
















