-मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह की सक्रिय नेतृत्व में सौर ऊर्जा और ऑटोमोटिव प्लांट स्थापित होंगे, रोजगार और नवाचार को मिलेगा बल
-आरपी-संजीव गोयनका समूह और मिंडा कॉरपोरेशन के बड़े निवेश से उत्तर प्रदेश बनेगा औद्योगिक और ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने बुधवार को निवेश को गति देने और प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए दो बड़ी कंपनियों को जमीन आवंटन का आशय पत्र (एलओआई) जारी किया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह की सक्रिय पहल और स्पष्ट रणनीति के कारण आरपी-संजीव गोयनका समूह और मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड के निवेश प्रस्ताव को गति मिली। आरपी-संजीव गोयनका समूह ने उत्तर प्रदेश में 60 मेगावाट कैप्टिव सोलर एनर्जी स्टोरेज (ईएसएस) प्लांट, 3 मेगावाट सोलर सेल और एकीकृत सोलर इकोसिस्टम हब स्थापित करने की योजना प्रस्तुत की है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना में 3,000 करोड़ से अधिक का निवेश होगा। यह प्रोजेक्ट भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देगा और उत्तर प्रदेश को सौर ऊर्जा निर्माण में अग्रणी बनाने में मदद करेगा। टॉपकॉन और पेरोव्स्काइट-टेंडेम सेल जैसी उन्नत सौर तकनीकें 28-30 प्रतिशत दक्षता के साथ बिजली की लागत में 10-15 प्रतिशत की कमी लाने में सहायक होंगी।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-8डी में 100 एकड़ भूमि पर एलओआई जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य निवेशकों को पूरी सुविधा और पारदर्शिता के साथ प्रोजेक्ट स्थापित करने का अवसर देना है। निवेश मित्रा के माध्यम से अब कंपनियां अपनी परियोजनाओं का विस्तृत विवरण सरकार के सामने प्रस्तुत करेंगी और उच्च स्तरीय समिति की मंजूरी के बाद ही भूमि आवंटन होगा। साथ ही, मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड भी यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में अपना दूसरा प्लांट स्थापित करने जा रही है। इस प्लांट में ऑटोमोटिव वायरिंग हार्नेस, क्लस्टर, सेंसर्स और कनेक्टर्स का निर्माण होगा। कंपनी का अनुमानित निवेश 500 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें 250 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश संयंत्र और मशीनरी में किया जाएगा। आरके सिंह ने कहा कि यह निवेश स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगा और लगभग 5,000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगा। मिंडा का पहले से सेक्टर-24 में एक संयंत्र संचालित है, जो ऑटोमोटिव पार्ट्स बनाता है। नया प्लांट उत्पादन क्षमता और कौशल विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
आरके सिंह की सक्रियता और रणनीतिक दृष्टि से निवेश प्रक्रिया में तेजी आई है। उन्होंने निवेशकों को सुविधाजनक मार्गदर्शन देने, भूमि आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और औद्योगिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल की। उनके नेतृत्व में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बढ़ रही है और उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार हो रहा है। आरपी-संजीव गोयनका समूह की परियोजना केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि फ्रेम, इनकैप्सुलेंट्स और प्रोसेस कंज्यूमेबल्स के लिए सहायक इकाइयों सहित एक मजबूत सौर इकोसिस्टम का निर्माण करेगी। इससे घरेलू मूल्य संवर्धन में वृद्धि होगी और आयातित सोलर मॉड्यूल पर निर्भरता कम होगी।
परियोजना से 1,200 से अधिक प्रत्यक्ष और 4,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे और नवीकरणीय ऊर्जा तथा सेमीकंडक्टर उद्योगों से जुड़े उन्नत कौशल विकसित होंगे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश में उद्योग और नवाचार को बढ़ावा देना है। हमारी पहल से निवेशकों को भरोसा मिलेगा और वे अपनी परियोजनाओं को समय पर स्थापित कर सकेंगे। यह न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा बल्कि उत्तर प्रदेश को औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा। इस तरह, यमुना एक्सप्रेसवे में दो बड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटन और आरके सिंह की सक्रिय कार्यशैली ने प्रदेश में निवेश और रोजगार सृजन के नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं।

















