-उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अध्यक्षता में बैठक में फॉगिंग, जागरूकता अभियान और एओए से समन्वय पर जोर, घरों के आस-पास पानी जमा न होने के लिए किए गए निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में डेंगू के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अपनी सक्रिय तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को जीडीए सभागार में आयोजित बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने अधिकारियों के साथ शहर की कॉलोनियों में डेंगू की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने पर विस्तार से चर्चा की। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि जिन कॉलोनियों की देखरेख जीडीए कर रहा है, वहां फॉगिंग के साथ-साथ नियमित निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कॉलोनियों में लोगों को डेंगू से बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक किया जाए। इसके लिए निजी बिल्डरों द्वारा विकसित टाउनशिप और एओए के गठन वाली कॉलोनियों में भी अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने देना सबसे महत्वपूर्ण है। कूलर, बर्तन, टायर और अन्य स्थानों में पानी को नियमित रूप से बदलते रहना चाहिए। इसके अलावा, जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एओए और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ समन्वय किया जाएगा।
बैठक के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष ने एओए सेल को सभी कॉलोनियों के एओए और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों से संपर्क कर अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि डेंगू रोकथाम अभियान में नागरिकों की भागीदारी अनिवार्य है और उन्हें अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया जाए। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने जोर देकर कहा कि डेंगू का फैलाव रोकना केवल प्रशासन का काम नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी है। हम सभी मिलकर कॉलोनियों में सक्रिय जागरूकता और निगरानी के माध्यम से इस बीमारी के खतरे को कम कर सकते हैं।
जीडीए की इस पहल के तहत शहर की कॉलोनियों में फॉगिंग, घर-घर जागरूकता अभियान और एओए के सहयोग से नियमित निरीक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दौरान लोगों को बताए जाने वाले प्रमुख निर्देशों में पानी जमा न करने, कूलर और अन्य बर्तन में पानी समय-समय पर बदलने और छतों पर जमा पानी साफ करने जैसे उपाय शामिल होंगे।
इस अभियान से शहरवासियों में डेंगू के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और जीडीए द्वारा नियंत्रित कॉलोनियों में डेंगू के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि जीडीए की इस पहल का मकसद केवल बीमारी पर नियंत्रण रखना नहीं है, बल्कि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना भी है। इस प्रकार, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की यह सक्रिय पहल शहरवासियों को डेंगू जैसी बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
















