त्योहारों पर आबकारी विभाग की रणनीति: गौतमबुद्ध नगर में शराब माफियाओं की ‘नो एंट्री’ नियमावली

  • सुबोध श्रीवास्तव की रणनीति से हिला शराब माफिया नेटवर्क
  • राजस्व भी बढ़ा, जिले की छवि भी बदली- आबकारी टीम ने दिखाया दम
  • थाना-चौकी स्तर पर बढ़ी चौकसी, गश्त और छापों से माफियाओं की कमर टूटी
  • इंस्पेक्टरों की सात सदस्यीय टीम ने बनाया जिले को कानून-व्यवस्था का मॉडल
  • दिल्ली-हरियाणा सीमा पर खास निगरानी, बाहर से तस्करी की हर कोशिश नाकाम
  • त्योहारों के दौरान लाइसेंसी दुकानों की होगी विशेष निगरानी
  • जनभागीदारी बनी विभाग की ताकत, सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गुप्त
  • राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, अनुशासन में नंबर वन है गौतमबुद्ध नगर

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। आगामी त्योहारों और शादी-सीजन को देखते हुए जिले का आबकारी विभाग पूरी तरह से सतर्क और सशस्त्र मुद्रा में है। त्योहारों से पहले अवैध शराब के कारोबार पर ताला लगाने और शराब माफियाओं पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने पहले ही एक विस्तृत रणनीति बनाई है, जिससे न सिर्फ अवैध शराब के ठिकानों पर चोट करने की तैयारी पूरी हो गई है बल्कि राजस्व संग्रह और वैध कारोबार की रक्षा के उपाय भी मजबूत हुए हैं। उनका मानना है कि त्योहारों का माहौल खुशी का है-इसे अवैध गतिविधियों से बिगड़ने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। श्रीवास्तव की रणनीति चार प्रमुख स्तंभों पर टिकी है- सीमाओं पर सघन चौकसी, क्षेत्रीय निगरानी एवं त्वरित छापेमारी, लाइसेंसी दुकानों की सख्त मॉनिटरिंग और जन सहयोग के माध्यम से सूचना तंत्र को मजबूत करना। इन सबका समन्वय यह सुनिश्चित करता है कि त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की तस्करी, अवैध बिक्री या वसूली की कोशिश को तुरंत दबा दिया जाए। टेक्नोलॉजी व फील्ड इंटेलिजेंस को जोड़कर कार्रवाई तेज और असरदार बनाई गई है। जिला दिल्ली और हरियाणा की सीमाओं के नजदीक होने के कारण संवेदनशील माना जाता है।

त्योहारों के मद्देनजर जिले के हर प्रमुख मार्ग, नाका और संभावित ट्रेनिंग रूट पर टीमों को तैनात किया गया है। संदिग्ध वाहनों की पहचान व ट्रैकिंग के लिए पेट्रोलिंग व मोबाइल चेक पोस्ट की संख्या बढ़ाई गई है। सीमा पार से आने वाले पैटर्न का पूर्वानुमान कर, संभावित सप्लाई चेन को पहले ही काटने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों में तस्करों के मूवमेंट पर नज़र रखना प्राथमिकता है और जो भी पकड़ा जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सख्त निगरानी और पारदर्शी नियमों के कारण जिले में राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध बाजार घटते ही वैध विक्रेताओं को भी स्थिरता और भरोसा मिला है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक लाभ पैदा हुआ है। राजस्व वृद्धि ने विभाग को और सशक्त किया है ताकि और अधिक संसाधन गढ़ी हुई रणनीतियों में लगाया जा सके। गौतमबुद्ध नगर की इस कार्यप्रणाली को लेकर प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारी यहाँ आकर सीख रहे हैं। सीमाओं पर चौकसी, फील्ड इंटेलिजेंस, लोकल जागरूकता और लाइसेंस मॉनिटरिंग का संयोजन अन्य जिलों के लिए भी एक उपयोगी मॉडल बन गया है।

सुबोध कुमार श्रीवास्तव का यह नेतृत्व दिखाता है कि अनुशासन और प्रभावी योजना से दीर्घकालिक सामाजिक समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है। गौतमबुद्ध नगर का आबकारी विभाग त्योहारों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में बनायी गई रणनीति और सात निरीक्षकों की कड़ी मेहनत ने यह संदेश दे दिया है कि जिले में शराब माफियाओं की गुंजाइश समाप्त हो चुकी है। विभाग की तैयारी, जनता का सहयोग और पारदर्शी कार्यशैली मिलकर इस त्योहार के मौसम को आनंदमय और सुरक्षित बनाएंगी और अवैध शराब के कारोबारियों के लिए गौतमबुद्ध नगर अब एक ‘नो एंट्री जोन’ बन चुका है। थाना-स्तरीय निगरानी प्रणाली में स्थानीय जनता की भागीदारी को भी शामिल किया गया है। थानों व चौकियों के जरिए चलाई जा रही जागरूकता मुहिम में नागरिकों को गुमनाम सूचना देने की सुविधा और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया जा रहा है। कई थानों ने मोबाइल नंबर व हॉटलाइन प्रकाशित कर नागरिकों से सूचनाएँ मांगी हैं और इन सूचनाओं पर ही कई मामलों में सफल छापों का आधार बना है।

थानों से लेकर चौकियों तक – क्षेत्रीय निरीक्षक तैनात
जिले के सात आबकारी निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में चौकन्ने हैं। वे थाने स्तर पर पुलिस के साथ समन्वय कर नियमित निरीक्षण, अचानक छापेमारी और मोबाइल फुट-पैट्रोल संचालित कर रहे हैं। इन निरीक्षकों को संवेदनशील इलाकों की पहचान, लाइसेंस धारकों की शर्तों की निगरानी और संदिग्ध सूचनाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया के निर्देश दिए गए हैं। इनकी सक्रियता की वजह से छोटे-छोटे नेटवर्क और सिंडिकेटों की आपूर्ति शृंखला पहले ही रुक चुकी है।

लाइसेंसी दुकानदारों की निगरानी- पारदर्शिता पर जोर
लाइसेंसी दुकानों पर नियमों का कड़ाई से पालन करवाना इस रणनीति का अहम हिस्सा है। विभाग ने निर्णय लिया है कि त्योहारों के दौरान दुकानें तय समय पर ही खुलें और बंद हों, किसी भी तरह की अवैध वसूली या अतिरिक्त बिक्री पर सख्त पदवाही होगी। निरीक्षकों द्वारा रैंडम चेकिंग और ग्राहकों से पारदर्शी बिलिंग की अनिवार्य व्यवस्था कराई जा रही है, ताकि वैध व्यापार को प्रोत्साहन मिले और काले बाजार की संभावना घटे।

फील्ड इंटेलिजेंस और सूचना तंत्र- जनता को भी किया शामिल
सिर्फ छापेमारी नहीं- सूचना तंत्र को तेज करने के लिए आबकारी विभाग ने जनता को भी अभियान में जोड़ लिया है। स्थानीय समुदायों में जागरूकता अभियान चलाकर अवैध शराब के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जा रहा है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की गुप्त सूचना देने पर तत्क्षण कार्रवाई का भरोसा दिया जा रहा है। जागरूक नागरिकों से मिली सूचनाओं पर कई बार तात्कालिक छापेमारी कर प्रत्यक्ष सफलता मिली है। अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचनाओं के जरिए कई ठिकानों तक पहुंचकर सर्विस-चैनल को क्रैक किया गया है।

विशेष कदम – रात्रीगश्त, मोबाइल पेट्रोल और डेटा मॉनिटरिंग
त्योहारों के दौरान रात्री निगरानी टीमों का गठन, संवेदनशील इलाकों पर पैट्रोल बढ़ाना, मोबाइल फुट-पैट्रोल की संख्या बढ़ाना और त्वरित संपर्क प्रणालियाँ स्थापित करना शामिल है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज, वाहन नंबर ट्रैकिंग और अतीत के डेटा का विश्लेषण कर संभावित तस्करों के पैटर्न को समझा जा रहा है। इस डेटा-आधारित निगरानी ने कार्रवाई को अफवाह पर नहीं बल्कि ठोस तथ्यों पर आधारित कर दिया है।

लाइसेंसी दुकानों पर सख्त मॉनिटरिंग- पारदर्शिता व राजस्व दोनों सुरक्षित
श्रीवास्तव के निर्देश पर सभी संबंधित थानों में लाइसेंसी दुकानों की बारीक मॉनिटरिंग के लिये अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। दुकान मालिकों से अनुरोध और नियमों की पुन:-सूचना के साथ ही रैण्डम बिलिंग चेक, स्टॉक-मैनेजमेंट व समय पालन की सख्ती अपनाई जा रही है। थानों के स्तर पर मिली शिकायतों पर त्वरित समन और छापेमारी करने की व्यवस्था है जिससे अवैध वसूली और अनुमति-उल्लंघन जैसी गतिविधियाँ नियंत्रित हो रही हैं।

sachin tripathi

गौतमबुद्ध नगर में क्षेत्र-1 में आबकारी निरीक्षक सचिन त्रिपाठी जिनके पास फेस-1, सेक्टर-20, सेक्टर-22 थाने की कमान संभाल रहे है। सचिन त्रिपाठी (क्षेत्र-1) का कहना है कि त्योहारों में हमारी प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक शांति सुनिश्चित करना है। हम न केवल बाजारों और व्यापारिक मार्गों पर चौकसी बढ़ा रहे हैं बल्कि रात्री गश्त और मोबाइल पेट्रोलिंग से संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित कर रहे हैं। स्थानीय थाना स्तर पर समन्वय सशक्त है और किसी भी शिकायत पर हम तत्काल कार्रवाई करते हैं ताकि लोग निर्भय होकर अपनी खुशियाँ मना सकें।

sanjay chandra

गौतमबुद्ध नगर में क्षेत्र-2 में आबकारी निरीक्षक संजय चन्द्र के पास सेक्टर-39, सेक्टर-49, आंशिक थाना सेक्टर-113 कि चौकी सोरखा और सरफाबाद और थाना सेक्टर-126 की चौकी सेक्टर-94 की कमान संभाल रहे है। संजय चन्द्र (क्षेत्र-2) का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों और बड़े मार्गों पर सघन चेकपोस्ट एवं व्हीकल ट्रैकिंग की व्यवस्था त्योहारों के दौरान और भी कड़ी कर दी गई है। हमारी टीमें सामूहिक रूप से छापेमारी, सिग्नलिंग और सूचना-आधारित कार्रवाई कर रही हैं ताकि तस्करों की सप्लाई लाइन समय पर टूट जाए। हम पड़ोसी थानों और प्रदेशीय एजेंसियों के साथ मिलकर हर स्तर पर समन्वय बनाए रख रहे हैं जिससे अवैध धंधे का कोई रास्ता न रहे।

dr shikha thakur

गौतमबुद्ध नगर में क्षेत्र-3 आबकारी निरीक्षक डॉ शिखा ठाकुर के पास थाना सेक्टर-135, 126 और फेस-2 और थाना सेक्टर-142 की कुछ चौकियों की कमान संभाल रही है। डॉ. शिखा ठाकुर (क्षेत्र-3) ने बताया कि हमारा विशेष ध्यान युवाओं और महिलाओं के सुरक्षा पर है, अवैध शराब के कारण सामाजिक व स्वास्थ्य संबंधी कई जोखिम उत्पन्न होते हैं। इसलिए हम स्कूल, कॉलेज और समुदायों में जागरूकता अभियान चला रहे हैं और शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखते हुए सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। लाइसेंसी दुकानों और ठिकानों पर अनियमितताओं को रोकने के लिए रैंडम निरीक्षण और सैंपलिंग भी लगातार की जा रही है।

abhinav shahi

गौतमबुद्ध नगर में क्षेत्र-4, आबकारी निरीक्षक अभिनव शाही के पास थाना बिसरख, सेक्टर-63, सेक्टर-58, फेस-3 और थाना सेक्टर-113 की चौकी परथला का एरिया की कमान संभाल रहे है। अभिनव शाही (क्षेत्र-4) ने बताया कि राजस्व लक्ष्य हासिल करना तो हमारी जिम्मेदारी है, पर उससे भी महत्वपूर्ण नियमों का पालन और समुदाय में अनुशासन बनाये रखना है। त्योहारों में दुकानों और होलसेल नोड्स पर विशेष मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि समय से पहले या बाद में होने वाली बिक्री और अवैध वसूली पर अंकुश लगाया जा सके। हमारी टीम स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर रात-दिन एक करके सुनिश्चित कर रही है कि वैध व्यापार सुरक्षित और पारदर्शी रूप से चलता रहे।

akhilesh bihari verma

गौतमबुद्ध नगर में क्षेत्र-5 आबकारी निरीक्षक अखिलेश बिहारी वर्मा के पास थाना सूरजपुर, सेक्टर-142 और आंशिक थाना नॉलेज पार्क, बीटा-2 की कमान की संभाल रहे है। आशिंक थाना क्षेत्र की कुछ चौकी इनके पास आती है। अखिलेश बिहारी वर्मा (क्षेत्र-5) का कहना है कि हम लाइसेंस धारकों के साथ संवाद भी बढ़ा रहे हैं- नियमों की जानकारी दे कर उन्हें सहयोगी बनाया जा रहा है, वहीं उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। त्योहारों के मद्देनज़र विशेष फ्लैग-ऑफ चेक्स, बिलिंग की जाँच और ग्राहक शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था की गई है। इसका लक्ष्य न सिर्फ अवैध गतिविधियों को रोकना बल्कि वैध दुकानदारों को एक निष्पक्ष बाजार प्रदान करना भी है।

namvar singh

गौतमबुद्ध नगर में क्षेत्र-6 आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह के पास थाना कासना, दनकौर, जेवर, राबूपुरा और ईकोटेक फस्र्ट की कमान संभाल रहे है। नामवर सिंह (क्षेत्र-6) ने कहा कि हमारे क्षेत्र में कई ग्रामीण और औद्योगिक रास्ते है, इसलिए सीमा सुरक्षा और चौकसी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हमने स्थानीय मुखबिर नेटवर्क और मोबाइल पेट्रोलिंग को सक्रिय कर रखा है ताकि सीमापार से आने वाली किसी भी संदिग्ध खेप का पता तुरंत लगाया जा सके। जब भी हमें कोई सूचना मिलती है, हम उस पर डेटा-आधारित रूप से कार्रवाई करते हैं और त्वरित जब्ती के साथ कानूनी प्रक्रिया भी सुनिश्चित करते हैं।

ashish pandey

गौतमबुद्ध नगर में क्षेत्र-7 आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय के पास थाना बादलपुर, जारचा, ईकोटेक-3, थाना दादरी की कमान संभाल रहे है। आशीष पाण्डेय (क्षेत्र-7) ने बताया कि टीमवर्क और समन्वय से ही अवैध शराब के खिलाफ लड़ाई जीती जा सकती है। हम थानेदारों, पुलिस और जीएसटी विभाग समेत स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं। त्योहारों के दौरान हम गश्त सघन कर रहे हैं, संवेदनशील समय और स्थलों पर विशेष ड्यूटी लगा रहे हैं और सूचना मिलने पर तुरंत छापेमारी कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है: अवैध कारोबारियों को किसी भी हाल में समुदाय की खुशियों और सुरक्षा को प्रभावित करने न देना।

सुबोध कुमार श्रीवास्तव
जिला आबकारी अधिकारी

गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग का लक्ष्य सिर्फ राजस्व बढ़ाना ही नहीं बल्कि जिले की छवि को सुरक्षित और स्वच्छ बनाना है। त्योहारों का समय परंपराओं और खुशियों का समय होता है, मगर इसी दौरान शराब माफिया सक्रिय होने की कोशिश करते हैं। हमने पहले ही अपनी रणनीति तैयार कर ली है। जिले की सीमाओं पर कड़ी चौकसी, हर थाना और चौकी स्तर पर विशेष गश्त, मोबाइल टीम और आकस्मिक छापेमारी के जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि अवैध शराब का एक भी बोतल बाजार में न पहुँच पाए। हमारी सात सदस्यीय निरीक्षक टीम दिन-रात मेहनत कर रही है। हर निरीक्षक ने अपने क्षेत्र में विशेष प्लान बनाया है और स्थानीय पुलिस व प्रशासन के साथ समन्वय करके कार्रवाई कर रहे हैं। लाइसेंसी दुकानों पर भी हमारी पैनी नजर है। समय से पहले या बाद में बिक्री, अवैध वसूली और स्टॉक में हेरफेर जैसे मामलों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं जनता से भी अपील करता हूँ कि यदि उन्हें कहीं भी संदिग्ध गतिविधि, अवैध शराब की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिलती है, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा और कार्रवाई तुरंत की जाएगी। हमारी कोशिश है कि गौतमबुद्ध नगर त्योहारों के समय न सिर्फ विकास और अनुशासन में बल्कि कानून-व्यवस्था और पारदर्शिता में भी नंबर वन बना रहे। शराब माफियाओं के लिए यह जिला अब ‘नो एंट्री जोनÓ है और जो भी नियम तोड़ेगा, उसकी जगह सीधे जेल होगी।
सुबोध कुमार श्रीवास्तव
जिला आबकारी अधिकारी