-मां आद्या शक्ति मित्र मंडल के आयोजन ने क्षेत्रवासियों को जोड़ा, पारंपरिक संस्कृति और उत्सव की उमंग में डूबा पूरा क्षेत्र
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वैशाली सेक्टर-1 में शुक्रवार रात डांडिया महारास उत्सव ने पूरे क्षेत्र का माहौल चार चांद लगा दिए। मां आद्या शक्ति मित्र मंडल द्वारा आयोजित इस भव्य महोत्सव का शुभारंभ क्षेत्रीय पार्षद कुसुम गोयल ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवती आराधना से हुई, जिसके साथ ही भक्ति और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला। शुभारंभ के मौके पर पार्षद कुसुम गोयल ने कहा कि इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन न केवल समाज को एकजुट करते हैं बल्कि हमारी परंपराओं और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी हैं। मां आद्या शक्ति मित्र मंडल ने इस आयोजन के माध्यम से पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। शाम से शुरू हुआ डांडिया महोत्सव देर रात तक चलता रहा। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं, युवा और बच्चे गरबा और डांडिया की धुनों पर थिरकते नजर आए। कुमकुम शर्मा, संजू रघुवंशी, सुषमा अग्रवाल, रीता देवी और ज्योति चौधरी ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाली। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
इस अवसर पर ज्योति जोशी, पूनम द्विवेदी, दिव्या वार्ष्णेय, स्वर्णिमा अग्रवाल, किरण शैली, मीनाक्षी, श्रुति शर्मा, मधु शर्मा, दीपा, लीना, प्रतिमा गुप्ता, निशी गुप्ता, दीप्ति गुप्ता, पूनम जैन, रेनू गीत, शशि मिश्रा, नेहा शर्मा, नीलिमा, मानवी, नीरज चौधरी, सोना, केशवी, कृतिका, कौशिकी, पलक, दीक्षा, संगीता मंगल, कविता शर्मा, अर्चना झा, देवेंद्र झा, यतेश शर्मा, कमल किशोर, युद्धवीर सिंह, दुर्गेश वार्ष्णेय, विजय सिंह, हरीश जोशी, हर्षदीप, समर्थ, पृथ्वी, विदुर, निशु, रजनी, देवेंद्र कुमार, अनंत शर्मा, प्रेमवती, प्रीति पाराशर, अंबिका, डॉक्टर नीना अरोड़ा, मानसी गुप्ता, शालिनी राणा, डॉ. मनोज गोयल, गौरव अग्रवाल, निहार, मेहुल जोशी, शिवानी अग्रवाल, पूनम सिंह, बरखा जिंदल और सोनम सिंगल सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। डांडिया की ताल, झिलमिलाती रोशनी और गरबे की उमंग ने उत्सव को यादगार बना दिया। आयोजकों ने कहा कि इस आयोजन को हर साल और भी भव्य रूप में मनाया जाएगा।
डांडिया महोत्सव के दौरान बच्चों और युवाओं ने नृत्य, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को और भी खास बनाया। मंच की सजीव सजावट और पारंपरिक वेशभूषा ने माहौल में चार चांद लगा दिए। उपस्थित लोगों ने उत्सव के हर पल का आनंद लिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। मां आद्या शक्ति मित्र मंडल ने इस आयोजन के माध्यम से न केवल क्षेत्रवासियों को एकत्र किया बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों को भी उजागर किया। पारंपरिक डांडिया और गरबा ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि सामाजिक मेलजोल और समुदाय की एकजुटता को भी बढ़ावा दिया। इस भव्य आयोजन ने यह संदेश दिया कि धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव केवल खुशी और मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उत्सव के अंत में सभी ने मिलकर आनंद और उल्लास का अनुभव किया, पारंपरिक संगीत और रोशनी के साथ डांडिया की रात ने वैशाली सेक्टर-1 में सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक भाईचारे का अनूठा अनुभव स्थापित किया।

















