रामपुर में त्योहारी तैयारी: हिम्मत सिंह ने अवैध शराब माफिया के लिए बनाई सख्त रणनीति, रहेगी पैनी निगरानी

  • त्योहारी सीजन से पहले अवैध शराब पर विशेष कार्रवाई की तैयारियां शुरु
  • सड़कों और देहात में लगातार चेकिंग और छापेमारी अभियान
  • मुखबिर नेटवर्क और लाइसेंसी दुकानों की निगरानी तेज
  • जिला आबकारी अधिकारी की अनुशासनप्रिय और जवाबदेही आधारित रणनीति
  • मुखबिर नेटवर्क और लाइसेंसी दुकानों की निगरानी तेज
  • जनता जागरूकता और सहयोग से जिले में प्रभावी नियंत्रण

उदय भूमि संवाददाता
रामपुर। जैसे ही त्योहारी सीजन का आगाज नजदीक आता है, अवैध शराब के माफिया और छोटे तस्कर अपने धंधे को चमकाने में जुट जाते हैं। मगर रामपुर जिले में यह खेल अब इतना आसान नहीं रह गया है। जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने त्योहारी और चुनावी सीजन से पहले ही अपने रणनीतिक अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली है। जिसके लिए हर दिन बैठक कर अपनी रणनीतियों पर काम करना शुरु कर दिया है। उनका उद्देश्य केवल अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को रोकना ही नहीं, बल्कि जनता में जागरूकता फैलाकर अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करना भी है।
हिम्मत सिंह ने अपनी टीम के साथ सड़कों पर लगातार चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। देहात क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण को रोकने के लिए विशेष निगरानी तंत्र तैयार किया गया है। मुखबिर नेटवर्क को सशक्त किया जा रहा है और लाइसेंसी दुकानों पर भी सख्त नजर रखी जा रही है। इसके अलावा ग्राहकों से विक्रेताओं की कार्यशैली के बारे में पूछताछ की जा रही है ताकि अवैध गतिविधियों का पता चल सके। बाहरी राज्यों से आने वाली अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए आबकारी विभाग की टीम और मुखबिर नेटवर्क को अलर्ट किया गया है।

जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने अपनी लगभग 22 साल की नौकरी में कई जिलों में अवैध शराब के साम्राज्यों को नष्ट किया है। रामपुर में आने से पहले उन्होंने गाजियाबाद, लखनऊ, गौरखपुर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में आबकारी निरीक्षक पद पर रहते हुए अपने नेतृत्व और सख्त कार्यशैली का लोहा मनवाया। उनका मानना है कि आबकारी विभाग का उद्देश्य केवल राजस्व वृद्धि नहीं, बल्कि समाज से अवैध शराब के जाल को मिटाना भी है। हिम्मत सिंह के कार्य करने का तरीका अनुशासन, जवाबदेही और टीम वर्क पर आधारित है। उनकी टीम में आबकारी निरीक्षक नंदिनी यादव, अरविंद कुमार मिश्रा, प्रफुल्ल कुमार सिंह, संजय कुमार, राम आधार पाल और अनुपम सिंह शामिल हैं। इन निरीक्षकों के पास अपने सिपाही हैं और यह टीम मिलकर जिले में अवैध शराब के कारोबार पर निगरानी रखती है। हिम्मत सिंह का कहना है कि हमारा लक्ष्य केवल अवैध शराब के कारोबार को रोकना ही नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जनता को भी इस बारे में जागरूक किया जाए। जब लोग इस धंधे के खिलाफ सतर्क होंगे, तभी अवैध शराब का कारोबार जड़ से खत्म किया जा सकता है।

त्योहारी सीजन में माफिया पर सख्त कार्रवाई
जैसे ही त्योहारी सीजन करीब आता है, शराब माफिया अपने धंधे को चमकाने के लिए रणनीति बनाने लगते हैं। हिम्मत सिंह ने इस चुनौती को देखते हुए पहले से ही व्यापक तैयारी कर ली है। सड़कों पर चेकिंग के साथ ही देहात क्षेत्र में निरंतर निगरानी की जाएगी। मुखबिर नेटवर्क को सक्रिय किया गया है ताकि अवैध शराब के निर्माण और तस्करी की सूचना तुरंत मिल सके। हिम्मत सिंह की टीम केवल अवैध शराब बेचने वालों पर ही नहीं, बल्कि ऐसे विक्रेताओं पर भी नजर रख रही है जो ग्राहकों की जेब पर डाका डालते हैं। इसके लिए विभाग ने ग्राहकों से सीधे पूछताछ और शिकायतें लेना शुरू कर दिया है। उनका मानना है कि इस सख्त निगरानी और अलर्ट तंत्र से अवैध शराब माफिया को जिले में काम करने का मौका नहीं मिलेगा। हिम्मत सिंह कहते हैं कि हमारी टीम सख्त है, लेकिन निष्पक्ष भी है। किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। त्योहारी सीजन में कोई भी माफिया जिले में अपना धंधा चमका कर कमाई नहीं कर पाएगा। हमारी निगरानी लगातार जारी रहेगी और हर क्षेत्र में अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा।

टीमवर्क और जवाबदेही की मिसाल
हिम्मत सिंह के नेतृत्व में उनकी टीम लगातार जिले के हर क्षेत्र का दौरा कर रही है। निरीक्षण के दौरान सड़कों, शराब की दुकानों और देहात क्षेत्रों में निगरानी की जाती है। उनका मानना है कि प्रत्येक निरीक्षक और कर्मचारी की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। यही कारण है कि टीम का हर सदस्य अपनी जिम्मेदारी समझकर काम करता है और जिले में अवैध शराब के कारोबार को रोकने में पूरी तरह से सक्रिय है। हिम्मत सिंह के आगमन के एक साल में रामपुर जिले में विभाग ने कई अभियान चलाकर अवैध शराब निर्माण और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। इसके साथ ही विभाग का राजस्व भी बढ़ा है। हिम्मत सिंह का यह दृष्टिकोण न केवल अवैध शराब पर रोक लगाता है, बल्कि जनता में जागरूकता और प्रशासन पर विश्वास भी बढ़ाता है।

जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का निर्माण
हिम्मत सिंह का मानना है कि पुलिस और आबकारी विभाग का असली उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि जनता को सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने अपने कार्यकाल में जनता से सीधा संवाद कायम किया है और उन्हें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया है। उनका कहना है कि अवैध शराब का जाल केवल तब टूटेगा, जब प्रशासन और जनता दोनों सतर्क और जागरूक होंगे।

हिम्मत सिंह
जिला आबकारी अधिकारी

त्योहारी सीजन में अवैध शराब की तस्करी रोकना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए हमने पूरी रणनीति तैयार कर ली है। सड़कों और देहात क्षेत्रों में नियमित चेकिंग, मुखबिर नेटवर्क की सक्रियता और लाइसेंसी दुकानों की निगरानी के माध्यम से हम अवैध कारोबार को रोकेंगे। हमारा उद्देश्य सिर्फ अवैध शराब को पकडऩा नहीं है, बल्कि जनता को जागरूक करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। सभी आबकारी निरीक्षक और टीम के सदस्य पूरी तरह सतर्क हैं और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। अवैध शराब के खिलाफ कोई ढील नहीं दी जाएगी।
हिम्मत सिंह
जिला आबकारी अधिकारी
रामपुर।