हरनंदीपुरम योजना में किसानों की जमीन खरीदी में तेजी, बिचौलियों पर सख्त रोक : डॉ. ह्षिकेश भास्कर यशोद

-जीडीए सभागार में हुई समीक्षा बैठक, सभी विकास योजनाओं और रोड कनेक्टिविटी पर मिले सटीक निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मेरठ मंडल के मंडलायुक्त एवं गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) चेयरमैन डॉ. ह्षिकेश भास्कर यशोद ने बुधवार को जीडीए सभागार में हरनंदीपुरम योजना सहित प्राधिकरण की सभी प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए किसानों की जमीन खरीदने की प्रक्रिया में तेजी लाने और बिचौलियों को बीच में न आने के सख्त निर्देश दिए। डॉ. ह्षिकेश भास्कर यशोद ने बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, संयुक्त सचिव सुशील चौबे, उपाध्यक्ष डॉ. अंकुर लाठर सहित अन्य अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने कहा कि हरनंदीपुरम योजना में भूमि खरीदने की प्रक्रिया धीमी होने पर नाराजगी जताई और यह निर्देश दिया कि अधिकारी स्थल पर रहकर सीधे किसानों से संपर्क करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में बिचौलियों को बीच में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बैठक में मंडलायुक्त ने बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण की योजनाओं, 105 मीटर और 60 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण के लिए अनापत्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया, गाजियाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट और एलिवेटेड रोड से जुड़ी स्लिप रोड की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि ट्रैफिक स्टडी कराते हुए परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। तुलसी निकेतन योजना के रि-डेवलपमेंट पर चर्चा करते हुए मंडलायुक्त ने एनबीसीसी के साथ एमओयू जल्द साइन कर प्रोजेक्ट की टाइमलाइन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मधुबन-बापूधाम योजना के नए लेआउट और आरओबी निर्माण कार्य के साथ राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और मोदीनगर क्षेत्र में औद्योगिक टाउनशिप, बुनकर मार्ट, कन्वेंशन सेंटर व उत्सव भवन पर प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने आवंटियों को समय पर भूखंड और भवनों की स्थिति से अवगत कराते हुए कब्जा देने का निर्देश दिया।

मंडलायुक्त ने कहा कि जीडीए की भूमि विकास योजनाओं में कुल लगभग 4 हजार करोड़ की संपत्ति को चरणबद्ध तरीके से आवासीय और व्यवसायिक भूखंडों में विकसित कर आवंटित किया जाएगा। उन्होंने मधुबन-बापूधाम, हरनंदीपुरम, इंदिरापुरम, विजय नगर और अन्य योजनाओं में पार्क, थिम पार्क और टीओडी जोन के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। विशेष रूप से, उन्होंने किसानों और निवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए भूमि खरीद और आवंटन में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के भवनों के मेंटीनेंस शुल्क और चाबी वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या न आए। इस बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि शहर की आधारभूत संरचना, सड़कें, पार्क, शहरी विकास और आवासीय योजनाओं में गति लाना ही प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी अधूरे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे। बैठक के दौरान हरनंदीपुरम योजना, मधुबन-बापूधाम, इंदिरापुरम योजना और अन्य जोनिंग प्रोजेक्ट्स पर विस्तृत चर्चा हुई और सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रक्रिया में देरी न हो और सभी कार्य पारदर्शिता एवं समयसीमा के अनुसार पूर्ण किए जाएं। डॉ. ह्षिकेश भास्कर यशोद ने बैठक के अंत में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शहर के विकास कार्य, भूमि आवंटन, रोड कनेक्टिविटी और पार्क निर्माण में तेजी लाकर गाजियाबाद को व्यवस्थित और विकसित शहर के रूप में विकसित किया जाए।