राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंदिरापुरम में किया यशोदा मेडिसिटी का भव्य उद्घाटन- उत्तर भारत की सबसे एडवांस्ड और सस्टेनेबल हेल्थकेयर सुविधा का शुभारंभ

  • जान है तो जहान है, यशोदा मेडिसिटी स्वास्थ्य सेवाओं में नई दिशा तय करेगा: राष्ट्रपति
  • 1200 बेड और 65 से अधिक स्पेशलिटीज़ वाली मेडिसिटी में मिलेगी अत्याधुनिक चिकित्सा और करुणामय सेवा
  • शरीर माध्यम अनुधर्म साधनम, स्वस्थ शरीर के बिना जीवन का उद्देश्य अधूरा: योगी आदित्यनाथ
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डॉ. पी.एन. अरोड़ा की मानवता और सेवा भाव की सराहना की, कहा – स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र का आधार
  • यह संस्थान मां यशोदा की स्मृति और प्रेरणा से बना, हर मरीज को परिवार जैसा स्नेह और देखभाल मिलेगा: डॉ. पी.एन. अरोड़ा
  • अत्याधुनिक सुविधाएं- डायग्नोस्टिक सेंटर, इमरजेंसी, कार्डियक यूनिट, ऑन्कोलॉजी, न्यूरो, गैस्ट्रो, ऑर्थो, नेफ्रोलॉजी और ट्रांसप्लांट यूनिट्स सहित पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट
  • यशोदा मेडिसिटी का उद्घाटन गाजियाबाद और एनसीआर के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में नए युग की शुरुआत

उदय भूमि संवाददाता
गाजि़याबाद। रविवार का दिन गाजियाबाद के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंदिरापुरम स्थित यशोदा मेडिसिटी का भव्य उद्घाटन किया। आठ एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली यह 1200 बेड की अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशलिटी मेडिसिटी उत्तर भारत की सबसे एडवांस्ड और सस्टेनेबल हेल्थकेयर सुविधा के रूप में उभरी है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन डॉ. पी.एन. अरोड़ा, डॉ. उपासना अरोड़ा सहित कई राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय मंत्री, जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यशोदा मेडिसिटी देश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई दिशा निर्धारित करेगा। उन्होंने कहा कि मैं इस अवसर पर आप सभी को बधाई देती हूं।

आशा है कि यहां कार्यरत सभी लोग निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे, जिससे हर नागरिक को लाभ मिल सके। जान है तो जहान है, स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। यशोदा मेडिसिटी आधुनिक और करुणामय चिकित्सा सेवाओं का प्रतीक बनेगा। यशोदा मेडिसिटी का उद्घाटन न केवल आधुनिक चिकित्सा का प्रतीक है, बल्कि यह मानवीय संवेदना, सेवा और समर्पण की भावना का केंद्र भी बनेगा। जैसा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि जान है तो जहान है। यह संस्थान इसी विश्वास को साकार करता है और पूरे एनसीआर के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में नई मिसाल प्रस्तुत करता है। उद्घाटन समारोह का शुभारंभ और समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने अस्पताल का भ्रमण कर अत्याधुनिक उपकरणों और सुविधाओं का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ वर्षों में राज्य में 42 नए मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं और गोरखपुर एवं रायबरेली में दो एम्स सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शरीर माध्यम अनुधर्म साधनम- जीवन का उद्देश्य तभी पूरा होता है जब शरीर स्वस्थ हो। यशोदा मेडिसिटी डॉ. पी.एन. अरोड़ा द्वारा अपनी माता यशोदा जी की स्मृति में स्थापित किया गया एक अद्भुत प्रयास है। अब प्रदेशवासियों को दिल्ली जाकर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की नींव: रक्षा मंत्री
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हर बड़ी कहानी की शुरुआत किसी पीड़ा से होती है। उन्होंने कहा कि भारत अब चिकित्सा तकनीक के आयातक नहीं, बल्कि नवाचार का केंद्र बन रहा है। यशोदा मेडिसिटी जैसी पहलें ‘मेक इन इंडिया’ और ‘हेल्थ फॉर ऑल’ के सपने को साकार कर रही हैं। डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने अपनी मां की कैंसर से मृत्यु के बाद उनके नाम से ‘यशोदा’ स्वास्थ्य सेवा शुरू की और अब इस विशाल यशोदा मेडिसिटी का निर्माण कर समाज में मानवता और सेवा की नई मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। जब हर नागरिक स्वस्थ रहेगा, तभी देश सशक्त और शक्तिशाली बनेगा।

अत्याधुनिक तकनीक, सस्टेनेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर और 65 से अधिक चिकित्सा विशेषज्ञता
कार्यक्रम में यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने सभी अतिथियों का शॉल, शंख और प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान मां यशोदा की प्रेरणा से बना है और प्रत्येक मरीज को परिवार जैसा स्नेह और देखभाल मिलेगा। मेडिसिटी में 1200 बेड, 65 से अधिक स्पेशलिटीज, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर, इमरजेंसी और कार्डियक यूनिट, ऑन्कोलॉजी, न्यूरो, गैस्ट्रो, ऑर्थो, नेफ्रोलॉजी और ट्रांसप्लांट यूनिट्स जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। साथ ही यह अस्पताल ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट और सस्टेनेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक चिकित्सा का उत्कृष्ट संयोजन संभव हुआ है।

डॉ. अरोड़ा ने कहा जून 2025 से यहां रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी ट्रेनिंग शुरू की गई है। अब तक लगभग 80 चिकित्सक लार्ज लाइव एनिमल मॉडल पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यशोदा मेडिसिटी का उद्देश्य देश में प्रशिक्षित सर्जनों की नई पीढ़ी तैयार करना है, जो उन्नत तकनीक का उपयोग कर मरीजों को बेहतर उपचार प्रदान कर सके।कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने अस्पताल परिसर में पौधरोपण किया और अस्पताल की ‘ग्रीन हेल्थ’ पहल की सराहना की।

स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और समर्पण की अहमियत
यशोदा मेडिसिटी की उद्घाटन सभा में डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि यह संस्थान सिर्फ अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक मरीज को संवेदनशील, करुणामय और व्यक्तिगत देखभाल देने का उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि यशोदा मेडिसिटी में मरीजों के आराम, देखभाल और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि यहां केवल इलाज ही नहीं, बल्कि रोगी के मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। आधुनिक तकनीक और मानवता का मेल ही हमारी चिकित्सा दृष्टि की खासियत है। हमें गर्व है कि गाजियाबाद और एनसीआर के नागरिक अब इतनी विस्तृत और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अपने शहर में ही उठा पाएंगे। उन्होंने कहा कि यशोदा मेडिसिटी का उद्देश्य सिर्फ बीमारियों का इलाज नहीं, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।