तुगलपुर के डूब क्षेत्र में चला ग्रेनो प्राधिकरण का बुल्डोजर, 40,000 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया

-डूब क्षेत्र में कालोनी बसाने की कोशिश कर रहे थे कालोनाइजर

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित एरिया तुगलपुर के डूूब क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ बृहस्पतिवार को बुल्डोजर चलाया। इस जमीन पर कुछ कालोनाइजर अवैध रूप से कालोनी बसाने की कोशिश कर रहे थे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर ग्रेनो प्राधिकरण परियोजना व भूलेख विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में तुगलपुर के डूूब क्षेत्र में अवैध निर्माण को ध्वस्त कर करीब 40000 वर्ग मीटर जमीन को मुक्त कर लिया। जमीन प्राधिकरण के कब्जे में ले ली है। ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने  चेतावनी दी है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित एरिया में बिना अनुमति या फिर बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसीईओ ने लोगों से भी अपील की है कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से संपर्क कर उसके बारे में पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। कॉलोनाइजरों के चंगुल में फंसकर अवैध कॉलोनी में अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी भूलेख रामनयन सिंह ने बताया कि तुगलपुर के डूब क्षेत्र के खसरा नंबर 703 व अन्य की जमीन पर कालोनाइजर अवैध रूप से कालोनी बसाने की कोशिश कर रहे थे। एनजीटी की तरफ से स्पष्ट निर्देश हैं कि डूब क्षेत्र में किसी भी तरीके का निर्माण न किया जाए। प्राधिकरण की तरफ से नोटिस जारी अतिक्रमण हटाने को कहा गया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को खुद ओएसडी और प्राधिकरण के परियोजना विभाग के महाप्रबंधक एके सिंह के नेतृत्व में वर्क सर्किल-4 राजेश कुमार निम की टीम ने वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह व अन्य की टीम ने पुलिस के सहयोग से अवैध निर्माण को ढहा दिया गया। कार्रवाई सुबह करीब 9 बजे से कार्रवाई शुरू हुई और दो घंटे तक चली। इस कार्रवाई में 7 जेसीबी और 3 डंफरों का इस्तेमाल किया गया। ओएसडी ने कालोनाइजरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि डूब क्षेत्र या प्राधिकरण के अधिसूचित एरिया में अवैध निर्माण करने पर ध्वस्तीकरण के साथ ही कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया तुगलपुर के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई आवश्यक थी। हमारा उद्देश्य साफ है कि अधिसूचित एरिया और डूब क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम प्राधिकरण की जमीन को सुरक्षित रखने और एनजीटी के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सतत रूप से निगरानी रखेंगे। भविष्य में भी ऐसे किसी भी प्रयास को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई की जाएगी। हम आम लोगों से भी अपील करते हैं कि बिना अनुमति या नक्शा पास कराए किसी भी जमीन में निवेश करने से पहले प्राधिकरण से पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि वे अवैध कॉलोनी के जाल में फँसने से बच सकें।”