-आबकारी विभाग की टीम ने एक रात में पकड़े एक तस्कर और तीन विक्रेता
-821 नकली ढक्कन, 224 मिलावटी बोतलें और एक लाईसेंसी दुकान पर सख्त कार्रवाई
-मेरठ के कबाड़ी ने जिले की लाईसेंसी दुकान को बनाया हुआ था दिल्ली और चंडीगढ़ की अवैध शराब का अड्डा
-मुखबिर नेटवर्क और रणनीतिक अभियान ने माफियाओं का कारोबार किया ध्वस्त
-शराब माफियाओं के लिए रात बनी काल, आबकारी विभाग ने पूरी योजना से चलाया छापेमारी अभियान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अवैध शराब और तस्करी के मामलों के खिलाफ आबकारी विभाग ने जिले में जो दृढ़ संकल्प और सतत कार्रवाई दिखाई है, वह जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती है। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने लगातार रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाते हुए न केवल अवैध शराब की सप्लाई चैन का भंडाफोड़ किया है, बल्कि तस्करों और मिलावट करने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके यह संदेश दिया है कि गाजियाबाद में कोई भी अवैध गतिविधि बख्शी नहीं जाएगी। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अपराधियों की पैठ को तोड़ने, मुख्य नेटवर्क को उजागर करने और आम जनता को सुरक्षित रखने की व्यापक रणनीति भी शामिल है। विभाग ने मुखबिर नेटवर्क को मजबूत किया है, जिससे जिले के अलग-अलग इलाकों में अवैध शराब की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही आबकारी निरीक्षकों की टीमों ने लगातार छापामार कार्रवाई की है, जिससे न केवल स्थानीय माफिया बल्कि बाहरी राज्यों से जुड़े तस्कर भी पकड़ में आ रहे हैं।
आबकारी विभाग की इस सतत और प्रभावशाली रणनीति के तहत न केवल अवैध शराब को जब्त किया जा रहा है, बल्कि उसे मिलावट और नकली ढक्कनों के जरिए ग्राहकों को धोखा देने की पूरी श्रृंखला को उजागर किया जा रहा है। विभाग की सक्रियता ने लोगों में विश्वास जगाया है कि गाजियाबाद में कानून व्यवस्था सख्ती से लागू है और अपराधियों के लिए अब कोई जगह नहीं है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हर गिरफ्तारी और हर कार्रवाई का उद्देश्य सिर्फ दोषियों को सलाखों के पीछे भेजना ही नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति को रोकना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना भी है। शुक्रवार रात आबकारी विभाग की टीम ने शास्त्री नगर डी ब्लॉक और राजापुर मॉडल शॉप में छापामार कार्रवाई करते हुए एक तस्कर और तीन विक्रेताओं को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए तस्करों में प्रदीप शर्मा और विक्रेताओं में कुलदीप, भानुप्रताप सिंह, नवी हुसैन शामिल हैं। विभाग की टीम में आबकारी निरीक्षक कीर्ति सिंह, मनोज शर्मा, डॉ. राकेश त्रिपाठी, अखिलेश कुमार, अनुज वर्मा, चन्द्रजीत सिंह और चमन सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। जांच में सामने आया कि आरोपी 999 पावर स्टार और ऑफिसर चॉइस ब्रांड की शराब में मिलावट कर ग्राहकों को यूपी की महंगी शराब के दाम पर दिल्ली और चंडीगढ़ की सस्ती शराब बेच रहे थे। आरोपी दिलावर सैनी मेरठ का कबाड़ी है, जो यूपी की खाली शराब की बोतलें और ढक्कन सप्लाई करता था। उसके नेटवर्क से आरोपी प्रदीप शर्मा शराब व नकली ढक्कन लाकर शास्त्री नगर स्थित राजापुर मॉडल शॉप के विक्रेताओं को सप्लाई करता था। उक्त माँडल शाँप का संचालन अनुज्ञापिनी पल्लवी राय कर रही थी। आबकारी विभाग की टीम ने अनुज्ञापिनी और दिलावर सैनी के खिलाफ कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
अवैध शराब तस्करों पर शिकंजा, जिले में माफिया नेटवर्क ढहाया
जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने बताया कि जिले की लाईसेंसी शराब दुकानों के माध्यम से अवैध शराब तस्करी और मिलावट का नेटवर्क सक्रिय था। विदेशी शराब को दिल्ली और चंडीगढ़ से लाकर तस्कर यूपी के दामों में ग्राहकों को बेचते थे। इस गिरोह में शामिल एक कबाड़ी खाली बोतल और ढक्कनों की आपूर्ति करता था, जिससे तस्करों ने लाखों रुपये का अवैध मुनाफा कमाया। संजय कुमार प्रथम ने कहा कि विभाग की टीम ने मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर शास्त्री नगर डी ब्लॉक में एक व्यक्ति स्कूटी पर घूमकर अवैध शराब बेच रहा था। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदीप शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उसके पास से 74 बोतलें 999 पावर स्टार ब्रांड की विदेशी मदिरा, 135 ढक्कन और घटना में प्रयुक्त स्कूटी जब्त की गई।
गिरोह का भंडाफोड़, अन्य तीन आरोपी भी गिरफ्तार
तस्कर से पूछताछ में खुलासा हुआ कि ढक्कनों की आपूर्ति मेरठ के कबाड़ी दिलावर सैनी द्वारा की जाती थी। इस कार्रवाई में तीन और आरोपी भी सामने आए। शास्त्री नगर राजापुर मॉडल शॉप पर कार्यरत विक्रेता कुलदीप, भानु प्रताप और नवी हुसैन को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 999 पावर स्टार फाइन ब्रांड व्हिस्की की 64 बोतलें, ऑफिसर चॉइस व्हिस्की की 11 बोतलें, और विभिन्न ब्रांड की 75 मिलावटी बोतलें बरामद हुई। इसके अलावा 686 ढक्कन और 270 खाली बोतलें भी जब्त की गईं। बरामद अवैध शराब करीब 60 हजार रुपये की है।
दुकान सील और भारी जुर्माने के साथ कार्रवाई
आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने बताया कि मॉडल शॉप की लाईसेंसी मालिक पल्लवी राय भी इस अवैध कारोबार में शामिल थी। विभाग ने दुकान को सील कर दिया और लगभग 55 लाख रुपये की शराब को जब्त कर लिया है। साथ ही मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के खिलाफ कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया। संजय कुमार प्रथम ने स्पष्ट किया कि विभाग की यह कार्रवाई केवल अवैध शराब की बिक्री रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शराब माफियाओं के पूरे नेटवर्क को तोडऩा और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
मुखबिर तंत्र और रणनीति की प्रशंसा
आबकारी अधिकारी ने कहा कि विभाग ने जिले में मुखबिर तंत्र को मजबूत किया है, जिससे हर अवैध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। उन्होंने बताया कि टीम की कार्रवाई में सटीक योजना, तत्परता और निगरानी मुख्य आधार हैं। इस रणनीति की वजह से तस्करों के लिए किसी भी प्रकार की गतिविधि करना मुश्किल हो गया है। संजय कुमार प्रथम ने यह भी कहा कि विभाग का मकसद केवल अपराधियों को पकडऩा नहीं है, बल्कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में शराब के दुष्प्रभावों से समाज को सुरक्षित करना भी है। उन्होंने बताया कि टीम हर स्तर पर सक्रिय है और आने वाले दिनों में भी अवैध शराब के कारोबार पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने कहा कि विभाग लगातार जिले में शराब तस्करी और मिलावट की रोकथाम के लिए हर संभव कदम उठाएगा और गाजियाबाद को अवैध शराब मुक्त बनाने के लिए सतत प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारा अभियान सिर्फ अवैध शराब पर नहीं बल्कि शराब के दुष्प्रभावों और मिलावट को रोकने पर केंद्रित है। गाजियाबाद में किसी भी अवैध शराब तस्कर को नहीं बख्शा जाएगा और हमारी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। गाजियाबाद में आबकारी विभाग की यह कार्रवाई पूरे जिले के लिए चेतावनी की तरह है कि अवैध शराब के कारोबारियों के लिए अब कोई छूट नहीं है।
















