-लाइसेंस प्रक्रिया में हो सरलीकरण, गोदाम लाइसेंस की सुविधा तत्काल लागू करने की मांग
-कोडीन युक्त सिरप की अवैध बिक्री पर निष्पक्ष कार्रवाई की भी रखी मांग
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दवा व्यापारियों की लगातार बढ़ती परेशानियों और प्रशासनिक जटिलताओं को देखते हुए गाजियाबाद केमिस्ट एसोसिएशन (जीसीए) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में दवा व्यापारियों से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके शीघ्र समाधान की माँग की गई है। एसोसिएशन ने बताया कि वर्तमान समय में ओएनडीएलएस पोर्टल (ऑनलाइन दवा लाइसेंस प्रणाली) पर दवा व्यापारियों को रिटेंशन (नवीनीकरण) के लिए अनावश्यक और जटिल औपचारिकताओं से गुजरना पड़ रहा है। व्यापारियों को मानो नया ड्रग लाइसेंस लेने जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ रहा है, जो न तो आवश्यक है और न ही कानून सम्मत प्रतीत होती है। इससे न केवल व्यापारियों का बल्कि संबंधित अधिकारियों का भी मूल्यवान समय नष्ट होता है। एसोसिएशन ने उपमुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि रिटेंशन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि पोर्टल पर केवल लाइसेंस की मूल प्रति और चालान की जाँच के बाद ही लाइसेंस स्वत: जारी हो सके। इससे राज्यभर के दवा व्यापारियों को राहत मिलेगी और प्रशासनिक कार्यकुशलता भी बढ़ेगी।
इसके साथ ही ज्ञापन में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया- गोदाम लाइसेंस का। दवा व्यापारियों ने बताया कि पोर्टल पर अभी तक गोदामों के लिए अलग से लाइसेंस जारी करने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण निरीक्षण के दौरान व्यापारियों को अत्यधिक कठिनाई और श्रम का सामना करना पड़ता है। एसोसिएशन ने माँग की कि तत्काल प्रभाव से पोर्टल पर गोदाम लाइसेंस जारी करने की सुविधा शुरू की जाए। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि ओएनडीएलएस पोर्टल पर फाइलों का बार-बार औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (डीएलए) के पास लौटना सरलीकरण की दिशा में एक बड़ी बाधा है। सुझाव दिया गया कि औषधि निरीक्षक द्वारा संपूर्ण औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद ही फाइल अधिकारी के पोर्टल पर भेजी जाए ताकि कार्यप्रणाली में अनावश्यक देरी न हो।
ज्ञापन में दवा व्यापारियों ने कोडीन युक्त सिरप की अवैध बिक्री पर चल रही कार्रवाई की सराहना की, साथ ही यह भी माँग की कि निष्पक्षता के लिए पिछले दो वर्षों में सभी फार्मा कंपनियों से संबंधित डेटा एकत्रित कर जाँच की जाए। इससे अवैध दवा कारोबार को पूरी तरह समाप्त किया जा सकेगा और ईमानदार व्यापारियों की छवि सुरक्षित रहेगी। इस अवसर पर गाजि़याबाद केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजदेव त्यागी ने कहा कि हम सरकार के साथ हर कदम पर सहयोग करने को तत्पर हैं, लेकिन आवश्यक है कि दवा व्यापारियों की समस्याओं को भी समान रूप से सुना और समझा जाए। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश में औषधि व्यवसाय पारदर्शी और सुगम हो।
महामंत्री जयदीप गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे डिजिटल सुधार स्वागत योग्य हैं, लेकिन उनमें व्यावहारिक सरलता जरूरी है। अगर प्रणाली व्यापारी हित में नहीं होगी, तो उसका उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। हमें उम्मीद है कि उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक हमारी समस्याओं का संज्ञान लेकर शीघ्र समाधान करेंगे। ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री से आग्रह किया कि दवा व्यापारियों को प्रोत्साहन देने के लिए आवश्यक नीति-निर्माण किया जाए, जिससे प्रदेश में औषधि उद्योग सुरक्षित, पारदर्शी और जनता के हित में काम कर सके।















