• पुलिस कमिश्नर ने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए बनाई कड़ी रणनीति
• वर्ष 2026 में अपराध दर में उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य
• हॉटस्पॉट्स और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और निगरानी सघन
• महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता, हेल्पलाइन और रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई जाए
• संपत्ति और सामाजिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी
• यातायात प्रबंधन और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई
• जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान और वादी संवाद दिवस के माध्यम से निगरानी
• सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग, अफवाह फैलाने और सांप्रदायिक दुष्प्रचार पर कार्रवाई
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त जे. रवींद्र गौड़ ने रविवार को अपने कार्यालय में नगर जोन में एक व्यापक क्राइम मीटिंग आयोजित की। जिसमें अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय केशव चौधरी, पुलिस उपायुक्त नगर धवल जायसवाल, एसीपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी, नंदग्राम एसीपी उपासना पाण्डेय, एसीपी वेवसिटी प्रियाश्री पाल और नगर जोन के सभी थाना प्रभारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य आगामी वर्ष के लिए एक मजबूत पुलिस रणनीति तैयार करना, पिछले वर्षों में दर्ज अपराधों की समीक्षा करना और अपराध नियंत्रण के लिए अधिक प्रभावी एवं कठोर कदमों का निर्धारण करना रहा। पुलिस आयुक्त ने कमिश्नरेट गठन के तीन वर्षों की कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध दर के उतार-चढ़ाव और पुलिसिंग की कार्यक्षमता का विस्तार से विश्लेषण किया। उन्होंने वर्ष 2026 को अपराध नियंत्रण के लिए निर्णायक वर्ष बताते हुए अपराध दर को पूर्व वर्षों की तुलना में ‘काफी कम’ करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
बैठक में पुलिस आयुक्त ने अपराध नियंत्रण से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर अधिकारियों को कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। वाहन चोरी, लूट, छीनैती और महिलाओं से संबंधित अपराधों में उल्लेखनीय कमी लाने को प्राथमिकता दी गई। इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसे जमीनी स्तर पर लागू करने पर जोर दिया गया। चिन्हित अपराध-प्रवण क्षेत्रों और हॉट स्पॉट्स पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित गश्त और निरंतर निगरानी को अनिवार्य किया गया। संगठित अपराधों और गैंगस्टर गिरोहों पर कड़ी नज़र रखने, अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट जैसी कठोर धाराओं में कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस
पुलिस आयुक्त ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सार्वजनिक स्थानों, शिक्षण संस्थानों, बाजारों और कार्यस्थलों के आसपास पुलिस उपस्थिति बढ़ाने की बात कही। महिला हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार-प्रसार बढ़ाने और रात्रिकालीन गश्त को और अधिक सघन करने के निर्देश भी दिए गए।
संपत्ति संबंधी अपराध और निगरानी व्यवस्थाएँ
संपत्ति संबंधी अपराधों पर कड़ी निगरानी रखने, सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी टीमों को सतर्कता बढ़ानी होगी ताकि किसी भी आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
यातायात व्यवस्था एवं ट्रैफिक प्रबंधन
यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ निरंतर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक वादी संवाद दिवस पर वादियों को बुलाकर उनके मामलों की प्रगति से अवगत कराया जाए और उनकी शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर कड़ा रुख
अफवाह फैलाने वालों, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे की कोशिश करने वालों और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वालों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने पर जोर दिया गया। बैठक के अंत में पुलिस आयुक्त जे. रवींद्र गौड़ ने कहा कि पुलिस का प्रमुख उद्देश्य जनता के मन में सुरक्षा की भावना को और अधिक मजबूत करना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा तथा नियमित रूप से फील्ड में मौजूद रहकर पूरी पुलिसिंग व्यवस्था की मॉनिटरिंग करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गाजियाबाद को सुरक्षित, नियंत्रित और संतुलित कानून-व्यवस्था वाला शहर बनाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हमारा प्रमुख उद्देश्य गाजियाबाद में जनता के मन में सुरक्षा की भावना को और अधिक मजबूत करना है। इसके लिए सभी पुलिस अधिकारियों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा और नियमित रूप से फील्ड में मौजूद रहकर पूरी पुलिसिंग व्यवस्था की निगरानी करनी होगी। हम चाहते हैं कि गाजियाबाद एक सुरक्षित, नियंत्रित और संतुलित कानून-व्यवस्था वाला शहर बने। इसके लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस हर स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
जे. रवींद्र गौड़
पुलिस कमिश्नर

















